नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि वे देश के किसानों को अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौतों के नाम पर गुमराह कर रहे हैं। शाह ने स्पष्ट किया कि इंग्लैंड, यूरोपीय संघ और अमेरिका के साथ हुए सभी मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) में किसानों और विशेषकर डेयरी क्षेत्र के हितों की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित की गई है।
शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने जिन भी व्यापार समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं, उनमें देश के कृषि और डेयरी सेक्टर को प्राथमिकता दी गई है। “किसानों को चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं है। हर समझौते में स्पष्ट प्रावधान हैं, जिनसे भारतीय डेयरी उद्योग पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा,” उन्होंने कहा।
“डेयरी को खत्म करने का झूठा नैरेटिव”
गृह मंत्री ने राहुल गांधी के उस बयान पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें कथित तौर पर कहा गया कि ट्रेड डील के कारण भारतीय डेयरी उद्योग को नुकसान होगा। शाह ने इसे “झूठा और भ्रामक” बताते हुए कहा, “हम डेयरी क्षेत्र को समाप्त करने वाले नहीं, बल्कि उसे वैश्विक बाजार तक पहुंचाने के लिए रास्ता बनाने वाले लोग हैं। सरकार ने हर समझौते में डेयरी सेक्टर को पूर्ण सुरक्षा दी है।”
उन्होंने दावा किया कि भारत ने संवेदनशील कृषि उत्पादों पर आयात शुल्क और गैर-टैरिफ सुरक्षा उपायों को बरकरार रखा है, ताकि देश के छोटे और मध्यम किसानों के हित सुरक्षित रहें।
सरकार का कहना है कि इन समझौतों से भारतीय कृषि उत्पादों के लिए नए बाजार खुलेंगे, निर्यात बढ़ेगा और किसानों की आय में वृद्धि होगी। शाह ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह अधूरी जानकारी के आधार पर भ्रम फैला रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनावी माहौल में व्यापार और कृषि नीति एक प्रमुख मुद्दा बन सकती है, खासकर तब जब डेयरी और कृषि क्षेत्र करोड़ों परिवारों की आजीविका से जुड़ा है।
इधर कांग्रेस लगातार सरकार से व्यापार समझौतों की शर्तों को सार्वजनिक करने और संसद में विस्तृत चर्चा की मांग कर रही है। वहीं सत्तापक्ष का कहना है कि भारत की आर्थिक प्रगति और किसानों के हित, दोनों को संतुलित रखते हुए ही निर्णय लिए जा रहे हैं।
स्पष्ट है कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौतों को लेकर सियासी घमासान आने वाले दिनों में और तेज हो सकता है, जिसमें किसान हित और डेयरी क्षेत्र केंद्र में रहेंगे।