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दिल्ली में घर और जमीन खरीदना होगा और महंगा, सर्किल रेट में 40% तक बढ़ोतरी की तैयारी

नई दिल्ली। दिल्ली में प्रॉपर्टी खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए यह खबर झटका देने वाली है। रेखा गुप्ता सरकार ने राजधानी में रिहायशी संपत्तियों और कृषि भूमि के सर्किल रेट में बड़ी बढ़ोतरी की तैयारी कर ली है। प्रस्ताव के अनुसार सर्किल रेट में 10 से 40 प्रतिशत तक इजाफा किया जा सकता है, जिससे घर, फ्लैट और जमीन खरीदना सीधे तौर पर महंगा हो जाएगा। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, सर्किल रेट बढ़ने का सीधा असर स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क पर पड़ेगा। यानी खरीदारों को अब पहले की तुलना में ज्यादा टैक्स चुकाना होगा। लंबे समय से दिल्ली में सर्किल रेट में बदलाव नहीं किया गया था, जबकि बाजार भाव लगातार बढ़ते रहे। इसी अंतर को खत्म करने के लिए सरकार यह कदम उठाने जा रही है। श्रेणियों में होंगे बदलाव, बनेंगी उप-श्रेणियां प्रस्ताव में यह भी शामिल है कि मौजूदा प्रॉपर्टी श्रेणियों को और स्पष्ट करने के लिए नई उप-श्रेणियां बनाई जाएं। इससे अलग-अलग इलाकों, कॉलोनियों और सुविधाओं के आधार पर सर्किल रेट तय किए जा सकेंगे। माना जा रहा है कि पॉश इलाकों में बढ़ोतरी ज्यादा हो सकती है, जबकि सामान्य और बाहरी क्षेत्रों में सीमित बढ़ोतरी का प्रस्ताव है। सरकार का तर्क सरकार का कहना है कि सर्किल रेट और वास्तविक बाजार कीमतों के बीच बड़ा अंतर है, जिससे राजस्व को नुकसान हो रहा है। सर्किल रेट बढ़ने से सरकारी आय में इजाफा होगा और प्रॉपर्टी सौदों में पारदर्शिता आएगी। आम लोगों पर पड़ेगा असर हालांकि, इस फैसले से मध्यम वर्ग और पहली बार घर खरीदने वालों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। रियल एस्टेट विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ी हुई लागत के कारण कुछ समय के लिए प्रॉपर्टी बाजार में सुस्ती भी आ सकती है। कब होगा लागू? फिलहाल यह प्रस्ताव विचाराधीन है। संबंधित विभागों और हितधारकों से राय लेने के बाद सरकार अंतिम फैसला लेगी। यदि मंजूरी मिलती है तो आने वाले महीनों में नए सर्किल रेट लागू किए जा सकते हैं। कुल मिलाकर, दिल्ली में प्रॉपर्टी खरीदने की सोच रहे लोगों को जल्द फैसला लेना पड़ सकता है, क्योंकि सर्किल रेट बढ़ते ही घर और जमीन की कीमतें और जेब पर बोझ बढ़ना तय माना जा रहा है।

सुबह की बारिश ने दिल्ली-NCR में बढ़ाई ठिठुरन, पहाड़ों से मैदान तक बदला मौसम का मिजाज; यूपी-उत्तराखंड में भी असर

नई दिल्ली।दिल्ली-एनसीआर में शुक्रवार सुबह मौसम ने अचानक करवट ली। तड़के से कई इलाकों में हल्की बारिश दर्ज की गई, जिससे तापमान में गिरावट आई और ठंड का एहसास और बढ़ गया। बारिश के साथ चली ठंडी हवाओं ने लोगों को अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा लेने पर मजबूर कर दिया। सड़कों पर सुबह के समय नमी और फिसलन देखी गई, जिससे दफ्तर जाने वालों को थोड़ी परेशानी भी हुई। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के असर से उत्तर भारत के कई हिस्सों में बादल छाए हुए हैं। दिल्ली में न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया गया, जबकि अधिकतम तापमान में भी गिरावट आने की संभावना जताई गई है। सुबह-शाम ठंड के साथ दिन में हल्की धूप निकलने के आसार बने हुए हैं, लेकिन ठंडी हवाओं के चलते ठिठुरन बनी रह सकती है यूपी में कैसा रहेगा मौसम उत्तर प्रदेश के पश्चिमी और मध्य हिस्सों में भी मौसम बदला-बदला नजर आ रहा है। नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, आगरा और आसपास के इलाकों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी हुई है। इससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 24 घंटों में प्रदेश के कुछ हिस्सों में बादल छाए रहेंगे और कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है। कोहरे की संभावना भी बनी हुई है, खासकर रात और सुबह के समय। उत्तराखंड में ठंड और बढ़ेगी उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में ठंड का प्रकोप और तेज हो गया है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश के साथ बर्फबारी की भी खबरें मिल रही हैं। देहरादून, नैनीताल और मसूरी जैसे इलाकों में तापमान गिरा है, जबकि पहाड़ों पर ठंडी हवाओं ने सर्दी बढ़ा दी है। मौसम विभाग ने यात्रियों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। अन्य राज्यों में भी असर हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी मौसम में बदलाव देखा जा रहा है। कई जगहों पर बादल छाए हैं और हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। इससे रबी फसलों को फायदा मिलने की उम्मीद है, लेकिन ठंड बढ़ने से जनजीवन प्रभावित हो सकता है। आगे कैसा रहेगा मौसम मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक उत्तर भारत में ठंड बनी रह सकती है। सुबह-शाम कोहरा, ठंडी हवाएं और कहीं-कहीं हल्की बारिश के आसार हैं। लोगों को ठंड से बचाव के लिए सतर्क रहने और मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।

आधी रात चला बुलडोजर, तुर्कमान गेट पर हाई कोर्ट के आदेश से अवैध निर्माण ध्वस्त; पथराव में 5 पुलिसकर्मी घायल

दिल्ली :दिल्ली हाई कोर्ट के सख्त निर्देशों के बाद राजधानी के तुर्कमान गेट इलाके में आधी रात को बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई। नगर निगम दिल्ली (MCD) ने फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास किए गए अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई रामलीला मैदान के नजदीक की गई, जहां पहले से ही अतिक्रमण को लेकर विवाद चल रहा था। कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों की भारी तैनाती की गई थी। बावजूद इसके, देर रात कुछ असामाजिक तत्वों ने पुलिस और निगम की टीम पर पथराव शुरू कर दिया। इस घटना में पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए, जिन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। घायलों की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। हाई कोर्ट के आदेश पर हुई कार्रवाई सूत्रों के अनुसार, दिल्ली हाई कोर्ट ने इलाके में लंबे समय से बने अवैध ढांचों को हटाने के निर्देश दिए थे। कोर्ट ने स्पष्ट कहा था कि सार्वजनिक भूमि पर किसी भी तरह का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी आदेश के अनुपालन में MCD ने पुलिस प्रशासन के सहयोग से यह अभियान चलाया। तनावपूर्ण रहा माहौल बुलडोजर कार्रवाई के दौरान इलाके में तनाव का माहौल बना रहा। पथराव के बाद कुछ देर के लिए अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हो गई, हालांकि पुलिस ने हालात को काबू में लेते हुए अतिरिक्त बल बुलाया और कार्रवाई को पूरा किया। सुरक्षा के मद्देनज़र पूरे इलाके में बैरिकेडिंग कर दी गई और आने-जाने पर अस्थायी रोक लगाई गई। प्रशासन का बयान दिल्ली पुलिस अधिकारियों ने बताया कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और कानून-व्यवस्था भंग करने वालों की पहचान की जा रही है। CCTV फुटेज और वीडियो के आधार पर पथराव करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, MCD अधिकारियों ने कहा कि आगे भी कोर्ट के आदेशों के तहत अतिक्रमण हटाने का अभियान जारी रहेगा।  इलाके में बढ़ाई गई सुरक्षा घटना के बाद तुर्कमान गेट और आसपास के संवेदनशील इलाकों में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। यह कार्रवाई एक बार फिर राजधानी में अवैध निर्माण और अतिक्रमण को लेकर सख्त रुख का संकेत मानी जा रही है।

दिल्ली में ठंड, कोहरा और प्रदूषण का डबल अटैक: चार दिन शीत लहर का अलर्ट, AQI ‘बहुत खराब’ श्रेणी में

नई दिल्ली।राजधानी दिल्ली में नए साल की शुरुआत कड़ाके की ठंड, घने कोहरे और गंभीर वायु प्रदूषण के साथ हुई है। मौसम विभाग ने 2 से 5 जनवरी तक शीत लहर की चेतावनी जारी की है, जबकि घने कोहरे को लेकर ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। मौसम और प्रदूषण की इस दोहरी मार ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाओं के प्रभाव से न्यूनतम तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। कई इलाकों में न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे चला गया है, जिससे सुबह और रात के समय तेज ठिठुरन महसूस की जा रही है। दिन में धूप निकलने के बावजूद सर्द हवाओं के कारण ठंड का असर बना हुआ है। घने कोहरे के कारण दिल्ली-एनसीआर के कई हिस्सों में दृश्यता बेहद कम रही। सुबह के समय कुछ इलाकों में विजिबिलिटी 50 से 100 मीटर तक सिमट गई, जिससे सड़क यातायात प्रभावित हुआ। वाहन चालकों को धीमी गति से चलना पड़ा, वहीं रेल और हवाई सेवाओं पर भी कोहरे का असर देखा गया। ठंड के साथ-साथ राजधानी की वायु गुणवत्ता भी गंभीर स्तर पर पहुंच गई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 370 से ऊपर दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। आनंद विहार, अशोक विहार, वजीरपुर और रोहिणी जैसे इलाकों में AQI और भी अधिक रिकॉर्ड किया गया। विशेषज्ञों का कहना है कि कम हवा की रफ्तार और कोहरे के कारण प्रदूषण फैलने के बजाय वातावरण में ही फंसा हुआ है। इसका सबसे ज्यादा असर बच्चों, बुजुर्गों और सांस की बीमारियों से पीड़ित लोगों पर पड़ सकता है। डॉक्टरों ने ऐसे लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। स्वास्थ्य विभाग और मौसम विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि वे सुबह और देर शाम अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें, गर्म कपड़े पहनें और जरूरत पड़ने पर मास्क का इस्तेमाल करें। कोहरे के दौरान वाहन चलाते समय फॉग लाइट का प्रयोग करने और सुरक्षित दूरी बनाए रखने की भी सलाह दी गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले कुछ दिनों तक ठंड, कोहरा और खराब वायु गुणवत्ता से राहत मिलने की संभावना कम है। ऐसे में राजधानीवासियों को सतर्क रहने और एहतियात बरतने की जरूरत है।

नया साल 2026: श्रद्धा और भक्ति में डूबा दिल्ली-एनसीआर, मंदिरों में उमड़ा आस्था का सैलाब

नई दिल्ली। नव वर्ष 2026 की पहली सुबह दिल्ली-एनसीआर में आस्था, श्रद्धा और विश्वास के रंग में रंगी नजर आई। कड़ाके की ठंड के बावजूद राजधानी दिल्ली सहित नोएडा, गुरुग्राम और फरीदाबाद में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर पहुंचे और नए साल की शुरुआत सुख, शांति और समृद्धि की कामना के साथ की। नए साल के पहले दिन सुबह से ही प्रमुख मंदिरों में भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। दिल्ली के प्रसिद्ध झंडेवाला देवी मंदिर में विशेष रौनक रही, जहां तड़के से ही श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए पहुंचने लगे। मंदिर परिसर “जय माता दी” के जयकारों से गूंजता रहा। सुरक्षा और व्यवस्थाओं के लिए पुलिस तथा मंदिर प्रशासन की ओर से विशेष इंतजाम किए गए थे। इसके अलावा हनुमान मंदिर (कनॉट प्लेस), लक्ष्मी नारायण मंदिर (बिड़ला मंदिर) छतरपुर मंदिर, काली बाड़ी मंदिर और इस्कॉन मंदिर में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। लोगों ने पूजा-अर्चना कर अपने परिवार और समाज के लिए खुशहाली की प्रार्थना की। एनसीआर के शहरों में भी दिखी आस्था की झलक नोएडा के सेक्टर-62 स्थित मंदिरों, गुरुग्राम के शीतला माता मंदिर और फरीदाबाद के प्रमुख धार्मिक स्थलों में भी नव वर्ष पर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। कई मंदिरों में विशेष आरती, हवन और प्रसाद वितरण का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं का कहना था कि नए साल की शुरुआत भगवान के दर्शन से करने से पूरे वर्ष सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है। एक भक्त ने कहा, “हर साल हम नए साल की शुरुआत मंदिर जाकर करते हैं, ताकि पूरा साल शांति और सफलता से भरा रहे।” सुरक्षा और व्यवस्था चाक-चौबंद भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। मंदिरों के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहा, वहीं यातायात को सुचारु रखने के लिए विशेष ट्रैफिक व्यवस्था की गई। कुल मिलाकर, नव वर्ष 2026 की शुरुआत दिल्ली-एनसीआर में उत्सव और आस्था के अनूठे संगम के साथ हुई, जहां लोगों ने भक्ति के साथ नए साल का स्वागत किया और बेहतर भविष्य की कामना की।

DTC बसों में मुफ्त सफर के नियम बदलेंगे: 2026 से पिंक टिकट की जगह ‘पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड’, आधार होगा अनिवार्य

दिल्ली में महिलाओं को दी जा रही मुफ्त बस यात्रा योजना में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। दिल्ली परिवहन निगम (DTC) और क्लस्टर बसों में अब पिंक टिकट की जगह 2026 से ‘पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड’ लागू किया जाएगा। सरकार का दावा है कि इस नई डिजिटल व्यवस्था से न केवल यात्रा व्यवस्था अधिक पारदर्शी होगी, बल्कि फ्री यात्रा के नाम पर हो रहे दुरुपयोग पर भी रोक लगेगी। क्या है पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड एक डिजिटल कार्ड होगा, जिसके जरिए महिलाएं DTC और क्लस्टर बसों में मुफ्त यात्रा कर सकेंगी। अभी महिलाओं को कंडक्टर से पिंक टिकट लेकर सफर करना होता है, लेकिन नई व्यवस्था में कार्ड को बस में लगे इलेक्ट्रॉनिक मशीन पर टैप करना होगा। आधार कार्ड होगा जरूरी इस स्मार्ट कार्ड को बनवाने के लिए दिल्ली का आधार कार्ड अनिवार्य होगा। सरकार का कहना है कि आधार से लिंक होने के कारण यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि योजना का लाभ केवल दिल्ली की पात्र महिलाओं को ही मिले। इससे बाहरी लोगों द्वारा योजना के गलत इस्तेमाल को रोका जा सकेगा। 2026 में लॉन्च होंगे तीन नए स्मार्ट कार्ड परिवहन विभाग के अनुसार, 2026 में कुल तीन नए स्मार्ट कार्ड लॉन्च किए जाएंगे— * महिलाओं के लिए पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड * छात्रों के लिए अलग स्मार्ट कार्ड * आम यात्रियों के लिए जनरल स्मार्ट कार्ड इन सभी कार्डों को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा, जिससे बस यात्रा को पूरी तरह कैशलेस और स्मार्ट बनाया जा सके। महिलाओं को मिलेगी खास सुविधा नई व्यवस्था के तहत महिलाओं को बार-बार टिकट लेने की जरूरत नहीं होगी। कार्ड के जरिए यात्रा का पूरा रिकॉर्ड डिजिटल रूप से सुरक्षित रहेगा। इससे बस में चढ़ने के दौरान समय की बचत होगी और भीड़भाड़ के समय कंडक्टर से टिकट लेने की झंझट खत्म हो जाएगी।  सरकार का क्या कहना है सरकारी अधिकारियों का कहना है कि यह कदम महिला सशक्तिकरण और डिजिटल इंडिया की दिशा में बड़ा प्रयास है। स्मार्ट कार्ड से यह भी पता चल सकेगा कि कितनी महिलाएं रोजाना योजना का लाभ ले रही हैं, जिससे भविष्य की परिवहन नीतियों को बेहतर बनाया जा सकेगा। कब से होगा लागू फिलहाल यह योजना तैयारी के चरण में है। सरकार का लक्ष्य है कि 2026 से पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड पूरी तरह लागू कर दिया जाए और धीरे-धीरे पिंक टिकट प्रणाली को बंद कर दिया जाए। कुल मिलाकर, दिल्ली की महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा अब और भी आसान, सुरक्षित और पारदर्शी होने जा रही है, लेकिन इसके लिए आधार से जुड़ी डिजिटल पहचान जरूरी होगी।

दिल्ली में 5 रुपये में भोजन: कहां-कहां खुलीं अटल कैंटीन, लोकेशन और टाइमिंग की पूरी जानकारी

नई दिल्ली, 25 दिसंबर: राजधानी दिल्ली में जरूरतमंदों को सस्ता और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अटल कैंटीन की शुरुआत की गई है। इन कैंटीनों में महज 5 रुपये में भरपेट खाना उपलब्ध कराया जा रहा है। यह पहल गरीब, मजदूर, रिक्शा चालक, दिहाड़ी श्रमिक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को ध्यान में रखकर शुरू की गई है, ताकि कोई भी भूखा न सोए। किन इलाकों में खुलीं अटल कैंटीन दिल्ली सरकार और स्थानीय निकायों के सहयोग से अटल कैंटीन राजधानी के कई प्रमुख और भीड़भाड़ वाले इलाकों में शुरू की गई हैं। इनमें शामिल हैं— * रेलवे स्टेशन और बस टर्मिनल के आसपास के क्षेत्र * औद्योगिक इलाके * सरकारी अस्पतालों के पास * जेजे कॉलोनियां और झुग्गी-बस्तियां * लेबर चौक और निर्माण स्थलों के आसपास इन स्थानों का चयन इसलिए किया गया है ताकि रोज़गार की तलाश में आने वाले मजदूरों और जरूरतमंदों को आसानी से भोजन मिल सके। खाने में क्या मिलेगा अटल कैंटीन में प्रतिदिन ताजा, स्वच्छ और पौष्टिक भोजन परोसा जा रहा है। सामान्य तौर पर थाली में— * दाल * सब्जी * चावल * रोटी  शामिल होती है। भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। टाइमिंग क्या है अटल कैंटीन आमतौर पर दो समय भोजन उपलब्ध कराती हैं— * दोपहर का भोजन: लगभग 12 बजे से 3 बजे तक * रात का भोजन: लगभग 7 बजे से 9 बजे तक हालांकि, अलग-अलग इलाकों में टाइमिंग में थोड़ा अंतर हो सकता है, जिसे स्थानीय प्रशासन द्वारा तय किया गया है। कैसे मिलेगी जानकारी किसी भी अटल कैंटीन की सटीक लोकेशन और समय की जानकारी के लिए लोग— * स्थानीय नगर निगम कार्यालय * वार्ड पार्षद कार्यालय * प्रशासन द्वारा जारी सूचना बोर्ड से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।  सरकार का उद्देश्य दिल्ली सरकार का कहना है कि इस योजना का मकसद भूख से राहत देना और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करना है। आने वाले समय में अटल कैंटीन की संख्या और बढ़ाई जाएगी, ताकि दिल्ली के हर जरूरतमंद तक सस्ता भोजन पहुंच सके। अटल कैंटीन योजना राजधानी में गरीबों के लिए एक बड़ी राहत बनकर सामने आई है और इसे आम जनता से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है।

दिल्ली-NCR में दूसरे दिन भी कोहरा नदारद, प्रदूषण से मिली हल्की राहत

25 दिसंबर, नई दिल्ली: दिल्ली-एनसीआर में लगातार दूसरे दिन कोहरे से राहत देखने को मिली। गुरुवार सुबह राजधानी और आसपास के इलाकों में दिन की शुरुआत अपेक्षाकृत साफ मौसम के साथ हुई, जिससे विजिबिलिटी सामान्य बनी रही और सड़क व हवाई यातायात पर कोहरे का खास असर नहीं पड़ा। मौसम विभाग के अनुसार, हवा की गति में मामूली बढ़ोतरी और तापमान में स्थिरता के कारण घना कोहरा नहीं छाया। इससे लोगों को सुबह के समय राहत मिली और दैनिक गतिविधियां सामान्य रूप से चलती रहीं। वहीं, वायु गुणवत्ता में भी बीते दिनों की तुलना में थोड़ा सुधार दर्ज किया गया है। हालांकि, GRAP (ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान) के कुछ प्रतिबंध हटने के बावजूद प्रशासन ने साफ किया है कि प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए सख्ती जारी रहेगी। निर्माण कार्यों, वाहनों के उत्सर्जन और औद्योगिक गतिविधियों पर निगरानी बनाए रखी जाएगी। प्रशासन और विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम में मामूली बदलाव से अस्थायी राहत जरूर मिली है, लेकिन सर्दियों के मौसम को देखते हुए आने वाले दिनों में प्रदूषण और कोहरे की स्थिति पर लगातार नजर रखना जरूरी होगा।

दिल्ली मेट्रो का नया रूट बना राजधानी की नई लाइफलाइन, अब मिनटों में कनॉट प्लेस से इंडिया गेट का सफर

24 दिसंबर, नई दिल्ली: दिल्ली मेट्रो ने राजधानी के लोगों को एक और बड़ी सुविधा देते हुए कनॉट प्लेस और इंडिया गेट को जोड़ने वाला नया मेट्रो रूट शुरू किया है। इस रूट के शुरू होने से शहर के दो सबसे अहम और व्यस्त इलाकों के बीच यात्रा अब पहले से कहीं ज्यादा तेज, आसान और आरामदायक हो गई है। अब तक इस मार्ग पर सड़क के जरिए सफर करने में ट्रैफिक जाम के कारण काफी समय लग जाता था, खासकर कार्यालय समय और पर्यटन सीजन के दौरान। लेकिन नए मेट्रो रूट के चालू होने के बाद यात्री कुछ ही मिनटों में कनॉट प्लेस से इंडिया गेट पहुंच सकेंगे। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि ईंधन की खपत और प्रदूषण में भी कमी आएगी। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) के अधिकारियों के अनुसार, यह रूट राजधानी के प्रमुख व्यावसायिक केंद्र, सरकारी कार्यालयों और पर्यटन स्थलों को बेहतर तरीके से जोड़ने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। कनॉट प्लेस जैसे व्यस्त बाजार और इंडिया गेट जैसे ऐतिहासिक स्थल के बीच सीधी और तेज कनेक्टिविटी मिलने से आम यात्रियों के साथ-साथ पर्यटकों को भी बड़ा लाभ होगा। इस नए रूट से रोजाना ऑफिस आने-जाने वाले कर्मचारियों, छात्रों और दुकानदारों को विशेष राहत मिलेगी। वहीं, दिल्ली घूमने आने वाले देश-विदेश के पर्यटक अब बिना ट्रैफिक की परेशानी के आसानी से प्रमुख स्थलों तक पहुंच सकेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि यह रूट राजधानी में सार्वजनिक परिवहन को और मजबूत करेगा और लोगों को निजी वाहनों की बजाय मेट्रो का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करेगा। इससे सड़कों पर वाहनों का दबाव कम होगा और दिल्ली को जाम व प्रदूषण से राहत मिलेगी। कुल मिलाकर, दिल्ली मेट्रो का यह नया रूट राजधानी के शहरी परिवहन को आधुनिक और सुविधाजनक बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है, जो आने वाले समय में दिल्लीवासियों की रोजमर्रा की जिंदगी को और आसान बनाएगा।

दिल्ली-NCR में ‘जहरीली हवा’ से राहत नहीं, AQI 400 के पार, GRAP-4 के बावजूद हालात गंभीर

नई दिल्ली, 21 दिसंबर: दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण का संकट थमने का नाम नहीं ले रहा है। ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP-4) की सख्त पाबंदियां लागू होने के बावजूद राजधानी और आसपास के इलाकों में हवा बेहद जहरीली बनी हुई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के मुताबिक, शुक्रवार को दिल्ली का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 398 दर्ज किया गया, जो ‘गंभीर’ श्रेणी के बेहद करीब है। राजधानी के अधिकतर इलाकों में AQI 400 के पार पहुंच गया है। दिल्ली के कई प्रमुख इलाकों—आनंद विहार, वजीरपुर, रोहिणी, मुंडका, जहांगीरपुरी और द्वारका—में प्रदूषण का स्तर बेहद खराब से गंभीर श्रेणी में दर्ज किया गया। वहीं नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे एनसीआर के शहरों में भी हालात चिंताजनक बने हुए हैं। सुबह और शाम के समय स्मॉग की मोटी चादर छाई रही, जिससे दृश्यता में भी भारी कमी देखी गई। GRAP-4 लागू, फिर भी सुधार नहीं प्रदूषण बढ़ने पर GRAP-4 के तहत कई सख्त कदम उठाए गए हैं। इसमें निर्माण और तोड़फोड़ पर रोक, गैर-जरूरी ट्रकों की एंट्री पर प्रतिबंध, डीजल जनरेटर के उपयोग पर पाबंदी और स्कूलों में ऑनलाइन कक्षाओं की व्यवस्था जैसे प्रावधान शामिल हैं। इसके बावजूद हवा की गुणवत्ता में कोई ठोस सुधार नहीं दिख रहा है। सेहत पर बढ़ता खतरा डॉक्टरों के अनुसार, इतनी खराब हवा से बच्चों, बुजुर्गों और सांस व हृदय रोग से पीड़ित लोगों को सबसे ज्यादा खतरा है। आंखों में जलन, सांस लेने में दिक्कत, खांसी और सिरदर्द जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। विशेषज्ञों ने लोगों को बिना जरूरत घर से बाहर न निकलने, मास्क पहनने और खुले में व्यायाम से बचने की सलाह दी है। मौसम बना बड़ा कारण मौसम विभाग का कहना है कि ठंडी हवाओं की रफ्तार कम होने और तापमान में गिरावट के चलते प्रदूषक कण हवा में ही फंसे हुए हैं। आने वाले कुछ दिनों तक तेज हवा या बारिश की संभावना कम है, ऐसे में राहत मिलने के आसार भी सीमित नजर आ रहे हैं। कुल मिलाकर, दिल्ली-एनसीआर में ‘जहरीली हवा’ लोगों की सांसों पर भारी पड़ रही है और सख्त पाबंदियों के बावजूद हालात अब भी काबू में आते नहीं दिख रहे।