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समय की पाबंदी या सुरक्षा से समझौता? गोपालगंज के व्हीएम इंटर कॉलेज में दीवार फांदकर परीक्षा देने पहुंचीं छात्राएं

गोपालगंज (बिहार)। मैट्रिक परीक्षा के पहले दिन गोपालगंज से एक ऐसी तस्वीर सामने आई जिसने परीक्षा व्यवस्था और सुरक्षा प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर के व्हीएम इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र पर निर्धारित समय के बाद पहुंचीं कुछ छात्राओं को गेट से प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई। इसके बाद छात्राओं ने जान जोखिम में डालते हुए केंद्र की दीवार फांदकर अंदर जाने का प्रयास किया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और व्यापक चर्चा का विषय बन गया है। जानकारी के अनुसार, परीक्षा शुरू होने से पूर्व बोर्ड के दिशा-निर्देशों के तहत केंद्र का मुख्य द्वार निर्धारित समय पर बंद कर दिया गया। इसी दौरान कुछ परीक्षार्थी देरी से केंद्र पहुंचे। नियमों का हवाला देते हुए केंद्र प्रशासन ने उन्हें प्रवेश देने से इनकार कर दिया। गेट बंद देख कुछ छात्राएं व्याकुल हो उठीं और पास की दीवार पर चढ़कर अंदर जाने की कोशिश करने लगीं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दीवार काफी ऊंची थी और उसे पार करते समय गिरने का जोखिम था। छात्राओं द्वारा इस तरह दीवार फांदना न केवल नियमों की मजबूरी को दर्शाता है, बल्कि सुरक्षा इंतजामों की गंभीर कमी की ओर भी इशारा करता है। मौके पर मौजूद अभिभावकों ने चिंता जताते हुए कहा कि यदि कोई दुर्घटना हो जाती तो जिम्मेदारी किसकी होती? कुछ परीक्षार्थियों और उनके परिजनों का कहना है कि वे दूर-दराज के क्षेत्रों से आए थे और रास्ते में ट्रैफिक जाम के कारण देरी हो गई। उनका आरोप है कि कुछ मिनट की देरी के कारण भविष्य दांव पर लग गया। वहीं, परीक्षा केंद्र प्रशासन का कहना है कि बिहार बोर्ड के सख्त निर्देशों के तहत निर्धारित समय के बाद किसी भी परीक्षार्थी को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा सकती।

नई दिल्ली में एआई का महाकुंभ: ‘सर्वजन हिताय’ थीम के साथ शुरू हुआ इंडिया एआई इंपैक्ट समिट 2026

नई दिल्ली, 17 फरवरी 2026। राष्ट्रीय राजधानी इस सप्ताह कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की वैश्विक हलचल का केंद्र बनी हुई है। सोमवार से शुक्रवार (16–20 फरवरी) तक आयोजित हो रहा इंडिया एआई इंपैक्ट समिट 2026 न केवल तकनीकी दुनिया के दिग्गजों को एक मंच पर ला रहा है, बल्कि नीति-निर्माताओं, शोधकर्ताओं, उद्योग जगत और आम नागरिकों के बीच संवाद का सेतु भी बना रहा है। भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय तथा इंडिया एआई मिशन की पहल पर आयोजित यह पांच दिवसीय शिखर सम्मेलन “सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय” की थीम के साथ एआई को जन-जन तक पहुंचाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।  ग्लोबल साउथ की पहली बड़ी एआई पहल सरकार इस समिट को ग्लोबल साउथ में आयोजित पहली बड़ी वैश्विक एआई शिखर बैठक के रूप में प्रस्तुत कर रही है। यहां चर्चा केवल एआई के संभावित खतरों तक सीमित नहीं है, बल्कि इस बात पर भी केंद्रित है कि कैसे एआई के लाभ गरीब और मध्यम वर्ग तक पहुंचाए जाएं। सरकार का मानना है कि यह पहल “एआई डिवाइड” यानी तकनीक-संपन्न और तकनीक-वंचित वर्गों के बीच की खाई को पाटने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। इस समिट में 100 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधिमंडल हिस्सा ले रहे हैं। 20 देशों के प्रधानमंत्री/राष्ट्रपति अनेक देशों के मंत्री वैश्विक कंपनियों के 50 से अधिक सीईओ एआई इकोसिस्टम से जुड़े लगभग 500 विशेषज्ञ, जिनमें इनोवेटर्स, रिसर्चर और सीटीओ शामिल भारत की ओर से उद्योग जगत के कई बड़े नाम संभावित रूप से भाग ले रहे हैं, जिनमें मुकेश अंबानी (आरआईएल) नटराजन चंद्रशेखरन (टाटा संस) नंदन नीलेकणी (इंफोसिस) सुनील भारती मित्तल (भारती समूह) के कृतिवासन (टीसीएस) रोशनी नादर (एचसीएल टेक) सलिल पारेख (इंफोसिस) जैसे दिग्गज शामिल हो सकते हैं। 300 से अधिक एआई प्रोजेक्ट्स की प्रदर्शनी एक्सपो में 300 से ज्यादा प्रोजेक्ट्स प्रदर्शित किए जा रहे हैं। यहां आम लोग और विशेषज्ञ यह जान सकेंगे कि एआई में वर्तमान में क्या नई प्रगति हो रही है और भविष्य में कौन से बड़े बदलाव संभावित हैं। नीति, रिसर्च और इंडस्ट्री का संगम यह समिट केवल तकनीकी प्रदर्शन तक सीमित नहीं है। इसमें नीति-निर्माण, रिसर्च सहयोग, औद्योगिक साझेदारी और सार्वजनिक सहभागिता को जोड़ने का प्रयास किया गया है। विशेषज्ञ एआई से जुड़ी नैतिकता, डेटा सुरक्षा, जवाबदेही और मानव निगरानी जैसे मुद्दों पर भी चर्चा कर रहे हैं। चुनौतियों पर खुली बहस एआई से जुड़े जोखिम, साइबर सुरक्षा, डेटा गोपनीयता और रोजगार पर प्रभाव जैसे विषयों पर विस्तृत विमर्श हो रहा है। उद्देश्य है—एआई को सुरक्षित, पारदर्शी और उत्तरदायी बनाना। वैश्विक पृष्ठभूमि: कैसे आगे बढ़ा एआई विमर्श? यूनाइटेड किंगडम (2023): पहली एआई समिट, जिसमें गोपनीयता, डेटा सुरक्षा और जवाबदेही पर जोर दिया गया। दक्षिण कोरिया (मई 2024): एआई जोखिम के वैज्ञानिक आकलन और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता रेखांकित की गई। पेरिस (फरवरी 2025): एआई को सार्वजनिक हित और टिकाऊ विकास से जोड़ने पर बल दिया गया। दिल्ली समिट इन सभी चर्चाओं को आगे बढ़ाते हुए एआई को सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण के औजार के रूप में प्रस्तुत कर रहा है। आम नागरिकों के लिए क्या मायने? विशेषज्ञों का मानना है कि एआई अब केवल बड़ी कंपनियों की तकनीक नहीं रह गई है। शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, छोटे व्यवसाय और सरकारी सेवाओं में इसका उपयोग आम लोगों के जीवन को आसान बना सकता है। यदि नीति और तकनीक का संतुलित उपयोग हुआ, तो यह समिट भारत को एआई नवाचार और जिम्मेदार तकनीकी नेतृत्व के वैश्विक मानचित्र पर मजबूत स्थान दिला सकता है।

मैक्रों का भारत दौरा: रक्षा से इनोवेशन तक, नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ती भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी

नई दिल्ली। Emmanuel Macron अपने तीन दिवसीय भारत दौरे पर मुंबई पहुंच चुके हैं। 17 से 19 फरवरी तक चलने वाली यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत और France के बीच रक्षा सहयोग अभूतपूर्व गति से आगे बढ़ रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, दशकों तक भारत के सबसे भरोसेमंद रक्षा साझेदार रहे Russia की तरह अब फ्रांस भी दीर्घकालिक और उच्च तकनीकी रक्षा सहयोग के प्रमुख स्तंभ के रूप में उभर रहा है। रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा और विस्तार इस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों के बीच द्विपक्षीय वार्ता होगी, जिसमें भारत-फ्रांस सामरिक साझेदारी की प्रगति की व्यापक समीक्षा की जाएगी। दोनों नेता रक्षा, अंतरिक्ष, साइबर सुरक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, समुद्री सुरक्षा और हरित ऊर्जा जैसे उभरते क्षेत्रों में सहयोग को नई दिशा देने पर विचार करेंगे। मंगलवार शाम को दोनों नेता संयुक्त रूप से ‘इंडिया-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन 2026’ का उद्घाटन करेंगे। यह पहल तकनीकी नवाचार, स्टार्टअप सहयोग, शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में साझेदारी को मजबूती देगी। मैक्रों की यह भारत की चौथी और मुंबई की पहली आधिकारिक यात्रा है, जो भारत के आर्थिक और तकनीकी केंद्र के रूप में मुंबई के बढ़ते महत्व को भी रेखांकित करती है। बेंगलुरु में रक्षा वार्ता, अहम समझौतों की संभावना 17 फरवरी को बेंगलुरु में दोनों देशों के रक्षा मंत्रियों की अगुवाई में भविष्य की रक्षा रूपरेखा पर महत्वपूर्ण चर्चा होगी। भारत के रक्षा मंत्री Rajnath Singh और फ्रांस की रक्षा मंत्री Catherine Vautrin की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में कई महत्वपूर्ण रक्षा सौदों को मंजूरी मिलने की संभावना है। रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, दोनों देशों के बीच मौजूदा रक्षा सहयोग समझौते को अगले 10 वर्षों के लिए नवीनीकृत किया जा सकता है। इसके साथ ही ‘हैमर’ मिसाइलों के संयुक्त विनिर्माण के लिए एक संयुक्त उद्यम पर समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर संभावित हैं। यह कदम भारत की ‘मेक इन इंडिया’ नीति और आत्मनिर्भर रक्षा उत्पादन की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राफेल सौदा: साझेदारी को नई ऊंचाई हाल ही में भारत सरकार की रक्षा खरीद परिषद द्वारा फ्रांस से 100 से अधिक Dassault Rafale लड़ाकू विमानों की खरीद के निर्णय ने इस रणनीतिक रिश्ते को नई मजबूती दी है। यह सौदा भारतीय वायुसेना की मारक क्षमता, त्वरित प्रतिक्रिया और तकनीकी श्रेष्ठता को सुदृढ़ करेगा। राफेल विमानों की खरीद केवल एक रक्षा अनुबंध भर नहीं है, बल्कि इसमें दीर्घकालिक रखरखाव, प्रशिक्षण, स्पेयर पार्ट्स आपूर्ति और तकनीकी सहयोग भी शामिल है। इससे दोनों देशों के बीच संबंध पारंपरिक खरीददार-विक्रेता मॉडल से आगे बढ़कर सह-विकास और सह-उत्पादन के चरण में प्रवेश कर रहे हैं। ‘नया रूस’ की धारणा क्यों? विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की रक्षा आवश्यकताओं में फ्रांस की बढ़ती भागीदारी और तकनीकी हस्तांतरण की खुली नीति ने उसे एक भरोसेमंद साझेदार के रूप में स्थापित किया है। जिस प्रकार शीत युद्ध काल से रूस ने भारत के रक्षा आधुनिकीकरण में केंद्रीय भूमिका निभाई, उसी तरह अब फ्रांस उच्च तकनीक, रणनीतिक स्वायत्तता और विश्वसनीय आपूर्ति श्रृंखला के कारण प्रमुख भूमिका में दिखाई दे रहा है। फ्रांस की स्वतंत्र विदेश नीति और भारत के साथ दीर्घकालिक सामरिक दृष्टिकोण इस साझेदारी को और मजबूत बनाते हैं। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद-रोधी सहयोग और वैश्विक मंचों पर साझा दृष्टिकोण भी इस रिश्ते को व्यापक आयाम देते हैं।  रक्षा से परे व्यापक सहयोग यह यात्रा केवल रक्षा तक सीमित नहीं है। ऊर्जा परिवर्तन, जलवायु परिवर्तन से मुकाबला, अंतरिक्ष अनुसंधान, डिजिटल अर्थव्यवस्था और शिक्षा के क्षेत्र में भी दोनों देशों के बीच सहयोग का विस्तार हो रहा है। ‘इंडिया-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन 2026’ इस बहुआयामी साझेदारी का प्रतीक है। राष्ट्रपति मैक्रों की यह यात्रा भारत-फ्रांस संबंधों के लिए एक निर्णायक मोड़ साबित हो सकती है। रक्षा सौदों से लेकर नवाचार और प्रौद्योगिकी तक, दोनों देश एक ऐसी साझेदारी की ओर बढ़ रहे हैं जो न केवल सामरिक दृष्टि से बल्कि आर्थिक और वैश्विक स्तर पर भी दीर्घकालिक प्रभाव छोड़ सकती है। भारत के रक्षा आधुनिकीकरण के इस नए अध्याय में फ्रांस की भूमिका कितनी व्यापक होगी, यह आने वाला समय तय करेगा, लेकिन फिलहाल संकेत स्पष्ट हैं—भारत और फ्रांस की दोस्ती अब नए शिखर की ओर अग्रसर है।

फीस विवाद पर दिल्ली में ‘हल्ला बोल’: सौरभ भारद्वाज का सरकार पर हमला, एडमिट कार्ड दिलाने का ऐलान

नई दिल्ली। राजधानी में एक निजी स्कूल द्वारा कथित फीस वृद्धि और छात्रों के रोल नंबर रोके जाने के मामले ने सियासी रंग ले लिया है। आम आदमी पार्टी के विधायक सौरभ भारद्वाज ने स्कूल के बाहर प्रदर्शन करते हुए इसे “बच्चों के भविष्य से खिलवाड़” बताया और दिल्ली सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। भारद्वाज ने कहा कि “दिल्ली के अंदर इतनी बड़ी गुंडागर्दी चल रही है, लेकिन मुख्यमंत्री उदयपुर में शादी समारोह में व्यस्त हैं।” उन्होंने सीधे तौर पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर निशाना साधते हुए कहा कि जब अभिभावक और बच्चे परेशान हैं, तब सरकार संवेदनहीन बनी हुई है। शिक्षा मंत्री पर भी सवाल विधायक ने शिक्षा मंत्री Ashish Sood की अनुपस्थिति पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि शिक्षा विभाग को तुरंत हस्तक्षेप करना चाहिए था, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम सामने नहीं आया है। ‘सील’ और कोर्ट की अंडरटेकिंग का दावा सौरभ भारद्वाज ने दावा किया कि आम आदमी पार्टी की सरकार के दौरान संबंधित स्कूल को फीस में कथित अनियमितताओं के चलते सील किया गया था। बाद में स्कूल प्रबंधन ने अदालत में यह अंडरटेकिंग दी थी कि वह फीस में मनमानी वृद्धि नहीं करेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता परिवर्तन के बाद स्कूल प्रबंधन के “हौसले बुलंद” हो गए हैं और अब फिर से अभिभावकों पर बढ़ी हुई फीस का दबाव बनाया जा रहा है। रोल नंबर रोके जाने से बढ़ी चिंता मामले को लेकर सबसे गंभीर आरोप यह है कि जिन अभिभावकों ने बढ़ी हुई फीस का भुगतान नहीं किया, उनके बच्चों के रोल नंबर रोक दिए गए हैं। परीक्षा नजदीक होने के कारण छात्र और अभिभावक तनाव में हैं। AAP का ऐलान: ‘एडमिट कार्ड लेकर ही जाएंगे’ भारद्वाज ने स्पष्ट कहा कि आम आदमी पार्टी इस मुद्दे पर पीछे नहीं हटेगी। “हम परेशान बच्चों और अभिभावकों के साथ खड़े हैं। आज हम एडमिट कार्ड लेकर ही जाएंगे,” उन्होंने कहा। फीस वृद्धि और निजी स्कूलों की जवाबदेही का मुद्दा दिल्ली की राजनीति में पहले भी उठता रहा है। ताजा विवाद ने एक बार फिर शिक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक हस्तक्षेप को केंद्र में ला दिया है। अब निगाहें दिल्ली सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं कि छात्रों के हित में क्या कदम उठाए जाते हैं।

जयपुर से किसानों को डिजिटल शक्ति: “भारत-VISTAAR” बनेगा देश का पहला वॉयस-फर्स्ट एआई कृषि सलाहकार

जयपुर, 16 फरवरी। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की वैश्विक दौड़ के बीच भारत ने कृषि क्षेत्र में बड़ा कदम उठाया है। देशभर के किसानों के लिए एआई आधारित डिजिटल प्लेटफॉर्म “भारत-VISTAAR” का 17 फरवरी को शुभारंभ केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा जयपुर में किया जाएगा। यह मंच किसानों के लिए मौसम, मंडीभाव, कीट-रोग प्रबंधन, मृदा स्वास्थ्य, फसल सलाह और सरकारी योजनाओं की जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध कराएगा। लॉन्च समारोह सुबह 10 बजे स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ एग्रीकल्चर मैनेजमेंट, दुर्गापुरा, जयपुर में आयोजित होगा। कार्यक्रम में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी, केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर, राजस्थान के कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीणा, कृषि मंत्रालय के सचिव डा. देवेश चतुर्वेदी, सांसद-विधायक और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहेंगे। क्या है भारत-VISTAAR? “भारत-VISTAAR” भारत सरकार का किसान-केंद्रित, एआई-संचालित डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) है। इसे “प्लग-एंड-प्ले” मॉडल पर विकसित किया गया है, जिससे अलग-अलग सरकारी, वैज्ञानिक और बाज़ार प्रणालियों को एक साथ जोड़ा जा सके। यह प्लेटफॉर्म किसानों को निम्नलिखित सुविधाएं देगा: मौसम की सटीक जानकारी (IMD डेटा के आधार पर) मंडी भाव (AgMarkNet से) कीट एवं रोग प्रबंधन (NPSS के माध्यम से) मृदा स्वास्थ्य एवं सॉइल हेल्थ कार्ड आधारित सलाह  फसल प्रबंधन व ICAR के “पैकेज ऑफ प्रैक्टिसेज” कम से कम 10 प्रमुख केंद्र सरकार की योजनाओं की जानकारी आवेदन की स्थिति, लाभ ट्रैकिंग और शिकायत निवारण इसका उद्देश्य किसानों को बार-बार अलग-अलग पोर्टल या दफ्तरों के चक्कर से बचाना है। वॉयस-फर्स्ट एआई: फीचर फोन से भी मिलेगा लाभ भारत-VISTAAR को खासतौर पर “वॉयस-फर्स्ट एआई” के रूप में तैयार किया गया है। यानी साधारण फीचर फोन रखने वाला किसान भी सिर्फ कॉल करके जानकारी प्राप्त कर सकेगा। टेलीफोनी हेल्पलाइन 155261 को इस प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया है। इसके अलावा: वॉयस इनपुट-आउटपुट सुविधा  वेबसाइट व मोबाइल साइट चैटबॉट एंड्रॉयड ऐप (जल्द लॉन्च) फेज-1 में यह सुविधा हिंदी और अंग्रेज़ी में उपलब्ध होगी। किन राज्यों से होगी शुरुआत? पहले चरण में महाराष्ट्र, बिहार और गुजरात सहित कई राज्यों के लाखों किसानों को इस प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा। आगे चलकर इसे अन्य राज्यों और भारतीय भाषाओं तक विस्तार देने की योजना है, जिससे यह राष्ट्रीय स्तर का कृषि डिजिटल नेटवर्क बन सके। “AI फॉर एग्रीकल्चर रोडमैप” और एआई हैकथॉन लॉन्च समारोह के दौरान केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री द्वारा “AI फॉर एग्रीकल्चर रोडमैप” भी जारी किया जाएगा। साथ ही “AI हैकथॉन” और “एग्रीकोष” की घोषणा भी की जाएगी, ताकि कृषि क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा मिल सके। डिजिटल सलाहकार बनेगा भारत-VISTAAR इस मंच में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के वैज्ञानिक सुझाव, फसल प्रबंधन तकनीक और क्षेत्र-विशेष मृदा सलाह को शामिल किया गया है। इससे यह प्लेटफॉर्म सिर्फ सूचना देने वाला माध्यम नहीं रहेगा, बल्कि एक “डिजिटल कृषि सलाहकार” की भूमिका निभाएगा, जो किसानों को बेहतर निर्णय लेने में मदद करेगा। आज जब एआई उद्योग, शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र को बदल रहा है, तब कृषि में इसका उपयोग ग्रामीण भारत की तस्वीर बदल सकता है। सही समय पर सही सलाह मिलने से उत्पादन बढ़ेगा, लागत घटेगी और किसानों की आय में सुधार होगा। भारत-VISTAAR का उद्देश्य तकनीक को गांव-गांव तक पहुंचाकर किसानों को सशक्त बनाना है—ताकि डिजिटल इंडिया का लाभ खेतों तक पहुंचे और कृषि क्षेत्र आत्मनिर्भरता की दिशा में नई उड़ान भर सके।

सारण की बेटियों को सशक्तिकरण की सौगात: 83,103 महिलाओं के खातों में पहुँची 10-10 हजार की पहली किस्त

छपरा, 16 फरवरी 2026: मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत आज बिहार की महिलाओं के लिए ऐतिहासिक दिन रहा। माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कर-कमलों से राज्य की 25 लाख महिलाओं के खातों में स्वरोजगार के लिए 10,000 रुपये की प्रथम किस्त का डायरेक्ट अंतरण किया गया। इस पहल ने आत्मनिर्भर बिहार के संकल्प को और मजबूती दी है। सारण की 83,103 महिलाओं को मिला सीधा लाभ इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत सारण जिले की 83,103 महिलाएं भी लाभान्वित हुईं। अब तक जिले की कुल 5,62,562 महिलाएं इस योजना के माध्यम से आर्थिक संबल प्राप्त कर चुकी हैं। यह आँकड़ा दर्शाता है कि जिले में महिला सशक्तिकरण की दिशा में निरंतर और प्रभावी कार्य हो रहा है। जिला मुख्यालय में लाइव प्रसारण, महिलाओं की उत्साही भागीदारी मुख्यमंत्री द्वारा आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम का बेबकास्टिंग (वेबकास्टिंग) के माध्यम से जिला मुख्यालय में सीधा प्रसारण किया गया। सैकड़ों महिलाएं इस ऐतिहासिक क्षण की साक्षी बनीं और कार्यक्रम से सीधे जुड़ीं। महिलाओं में विशेष उत्साह और आत्मविश्वास देखने को मिला। समाहरणालय सभागार, छपरा में जिला स्तरीय कार्यक्रम छपरा के समाहरणालय सभागार में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जीविका दीदियों ने भाग लिया और योजना की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त की। जिलाधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि यह योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। स्वरोजगार के लिए दी गई यह राशि महिलाओं को छोटे व्यवसाय, हस्तशिल्प, कृषि आधारित कार्य एवं अन्य उद्यम शुरू करने में सहायक होगी। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उन्हें रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से राशि सीधे खातों में भेजे जाने से पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है और लाभार्थियों को बिना किसी बिचौलिये के सीधा लाभ मिला है।

मुजफ्फरपुर में सेना भर्ती का दायरा बढ़ा: अब 15 जिलों के युवा बनेंगे अग्निवीर, 17 से 28 फरवरी तक रैली

मुजफ्फरपुर। सेना क्षेत्रीय भर्ती मुख्यालय मुजफ्फरपुर (बिहार एवं झारखंड) ने इस वर्ष भर्ती प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। अब तक जहां केवल आठ जिलों के अभ्यर्थियों की भर्ती ली जाती थी, वहीं इस बार 15 जिलों के युवाओं को मौका दिया जाएगा। इस निर्णय से सीमांचल और मिथिलांचल क्षेत्र के हजारों युवाओं में उत्साह का माहौल है। सेना भर्ती बोर्ड, मुजफ्फरपुर के अध्यक्ष कर्नल जाधव एसआरडी ने रविवार को जानकारी देते हुए बताया कि 17 फरवरी से 28 फरवरी तक चक्कर मैदान में भर्ती रैली आयोजित की जाएगी। भर्ती प्रक्रिया जिला प्रशासन की निगरानी में होगी और सभी तैयारियां—बैरिकेडिंग से लेकर सुरक्षा व्यवस्था तक—पूरी कर ली गई हैं। पांच पदों पर होगी भर्ती इस बार अग्निवीर योजना के तहत कुल पांच श्रेणियों में भर्ती की जाएगी: अग्निवीर जनरल ड्यूटी (जीडी) – 10वीं पास अग्निवीर टेक्निकल – 12वीं पास (PCM) अग्निवीर क्लर्क/स्टोर कीपर टेक्निकल – 12वीं पास अग्निवीर ट्रेड्समैन – 8वीं/10वीं पास अग्निवीर नर्सिंग असिस्टेंट (सिपाही फार्मा) कुल 7046 अभ्यर्थियों को ही भर्ती प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। सभी अभ्यर्थियों का चयन शॉर्टलिस्टिंग के आधार पर किया गया है।  एक रैली, एक मेडिकल – अंतिम विकल्प बाद में कर्नल जाधव ने स्पष्ट किया कि यदि किसी अभ्यर्थी ने दो अलग-अलग श्रेणियों के लिए आवेदन किया है, तब भी उसे केवल एक ही भर्ती रैली और एक मेडिकल टेस्ट से गुजरना होगा। भर्ती रैली पूर्ण होने के बाद उम्मीदवार से अंतिम विकल्प पूछा जाएगा कि वह किस श्रेणी में शामिल होना चाहता है। इससे प्रक्रिया पारदर्शी और सुगम बनेगी।  इन 15 जिलों के युवाओं को मिलेगा मौका भर्ती रैली में जिन जिलों के अभ्यर्थियों को शॉर्टलिस्ट किया गया है, वे हैं: पश्चिमी चंपारण (बेतिया), पूर्वी चंपारण (मोतिहारी), सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर, मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर, बक्सर, भोजपुर, सिवान, पटना, सारण, वैशाली और गोपालगंज। रैली केवल पुरुष उम्मीदवारों के लिए 17 फरवरी से 28 फरवरी तक आयोजित की जाएगी। भर्ती महानिदेशालय के निर्देशानुसार सेना भर्ती कार्यालय, मुजफ्फरपुर द्वारा विभिन्न आउटरीच कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से राज्य के युवाओं को देश सेवा, अनुशासन और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जाकर युवाओं को भर्ती प्रक्रिया, पात्रता मानदंड और तैयारी से जुड़ी जानकारी दी जा रही है। भर्ती स्थल चक्कर मैदान में प्रशासन द्वारा व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए प्रवेश और निकास मार्ग अलग-अलग बनाए गए हैं। मेडिकल जांच, दस्तावेज सत्यापन और शारीरिक परीक्षण के लिए अलग-अलग काउंटर स्थापित किए गए हैं, ताकि प्रक्रिया सुचारु रूप से संचालित हो सके।

टी-20 वर्ल्ड कप 2026: पाकिस्तान पर 61 रन की ऐतिहासिक जीत, भारत सुपर-8 में अव्वल

कोलंबो। टी-20 वर्ल्ड कप 2026 के हाई-वोल्टेज मुकाबले में भारत ने चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को 61 रनों से करारी शिकस्त देकर न सिर्फ जीत दर्ज की, बल्कि ग्रुप-A में शीर्ष स्थान हासिल करते हुए सुपर-8 का टिकट भी पक्का कर लिया। कोलंबो के मैदान पर भारतीय टीम ने बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में संतुलित और दमदार प्रदर्शन किया। ईशान किशन की तूफानी पारी ने बदला मैच का रुख भारतीय पारी की नींव सलामी बल्लेबाज ईशान किशन ने रखी। उन्होंने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए मात्र 40 गेंदों में 77 रनों की शानदार पारी खेली। अपनी पारी में उन्होंने 10 चौके और 3 गगनचुंबी छक्के लगाए। किशन की यह पारी न सिर्फ दर्शकों के लिए रोमांचक रही, बल्कि पाकिस्तानी गेंदबाजों के आत्मविश्वास को भी हिला गई। हालांकि दूसरे छोर से अभिषेक शर्मा खाता भी नहीं खोल सके और 4 गेंदों में आउट हो गए। इसके बाद तिलक वर्मा ने 24 गेंदों में 25 रन बनाकर पारी को संभालने की कोशिश की। कप्तान सूर्यकुमार यादव ने 29 गेंदों पर 32 रन जोड़े, जबकि अंत में शिवम दुबे ने 17 गेंदों में 27 रनों की उपयोगी पारी खेलकर टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया। भारत ने निर्धारित 20 ओवरों में 7 विकेट खोकर 175 रन बनाए, जो इस बड़े मुकाबले में एक प्रतिस्पर्धी स्कोर साबित हुआ। पाकिस्तान की पारी लड़खड़ाई, भारतीय गेंदबाजों का जलवा 176 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान टीम की शुरुआत बेहद निराशाजनक रही। पावर प्ले में ही चार प्रमुख बल्लेबाज पवेलियन लौट गए। साहिबजादा फरहान बिना खाता खोले आउट हुए। सैम अयूब ने 2 गेंदों में 6 रन बनाए, जबकि कप्तान सलमान अली आगा 4 रन बनाकर चलते बने। अनुभवी बल्लेबाज बाबर आजम भी बड़ा स्कोर नहीं बना सके। वह 7 गेंदों में 5 रन बनाकर आउट हुए। उन्हें स्पिनर अक्षर पटेल ने चलता किया। हालांकि उस्मान खान ने 34 गेंदों में 44 रनों की संघर्षपूर्ण पारी खेली, लेकिन वह भी ज्यादा देर टिक नहीं सके और अक्षर पटेल का शिकार बन गए। बुमराह और अक्षर की घातक गेंदबाजी भारतीय गेंदबाजी की कमान तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और स्पिनर अक्षर पटेल ने संभाली। दोनों ने सटीक लाइन-लेंथ और अनुशासित गेंदबाजी से पाकिस्तान की बल्लेबाजी को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। नियमित अंतराल पर विकेट गिरते रहे और पाकिस्तान की टीम दबाव से उबर नहीं सकी। आखिरकार पाकिस्तान की पूरी टीम लक्ष्य से काफी दूर रह गई और भारत ने 61 रनों से शानदार जीत दर्ज की।  ग्रुप-A में भारत शीर्ष पर इस जीत के साथ भारत के 6 अंक हो गए हैं और टीम ग्रुप-A में शीर्ष स्थान पर पहुंच गई है। शानदार नेट रन रेट और संतुलित प्रदर्शन के दम पर भारत ने सुपर-8 में दमदार एंट्री की है। टीम इंडिया के इस प्रदर्शन ने यह साफ कर दिया है कि वह इस टूर्नामेंट में खिताब की प्रबल दावेदार है। अब नजरें सुपर-8 के मुकाबलों पर टिकी हैं, जहां भारतीय टीम अपनी जीत की लय बरकरार रखना चाहेगी।

मोहन गार्डन के मुनि शिव शक्ति मंदिर में आस्था का सैलाब, ‘हर हर महादेव’ के जयकारों से गूंजा इलाका

नई दिल्ली। पश्चिमी दिल्ली के मोहन गार्डन स्थित मुनि शिव शक्ति मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही मंदिर परिसर ‘हर हर महादेव’ और ‘बम बम भोले’ के जयकारों से गूंजता रहा। शिवभक्तों ने विधि-विधान से भगवान शिव का जलाभिषेक कर परिवार की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की। मंदिर को विशेष रूप से फूल-मालाओं और आकर्षक रोशनी से सजाया गया था। भक्त लंबी कतारों में खड़े होकर शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र और पुष्प अर्पित कर रहे थे। दिनभर भजन-कीर्तन और शिव स्तुति का आयोजन चलता रहा, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा और मंदिर परिसर दिव्य आभा से आलोकित हो उठा। मंदिर परिसर की देखरेख और व्यवस्थाओं का संचालन मुनि शिव शक्ति ट्रस्ट द्वारा किया जाता है। ट्रस्ट की ओर से श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण, पेयजल और सुरक्षा व्यवस्था के विशेष इंतजाम किए गए थे। स्वयंसेवकों ने भीड़ को सुव्यवस्थित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। श्रद्धालुओं ने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजनों से समाज में सकारात्मक ऊर्जा और आपसी भाईचारे को बढ़ावा मिलता है। मोहन गार्डन क्षेत्र में देर रात तक शिवभक्ति और उल्लास का माहौल बना रहा।

नीतीश कुमार का सख्त संदेश: गुणवत्ता और समयबद्धता से पूरा हो कुर्जी-आनंदपुरी नाला प्रोजेक्ट

पटना। राजधानी में जलजमाव की पुरानी समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में राज्य सरकार ने कदम तेज कर दिए हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज आशियाना-दीघा रोड स्थित राजीव नगर के पास निर्माणाधीन कुर्जी नाला (राजीव नगर नाला) निर्माण योजना तथा आनंदपुरी नाला का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि दोनों परियोजनाओं को उच्च गुणवत्ता मानकों के साथ निर्धारित समय सीमा में हर हाल में पूरा किया जाए। निरीक्षण के क्रम में मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्यों की प्रगति, तकनीकी मानकों, जल निकासी क्षमता और सुरक्षा उपायों की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि राजधानी पटना में हर वर्ष बरसात के दौरान जलजमाव से आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में नाला निर्माण की ये योजनाएं शहर के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं और इनकी गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं होगा। जलजमाव से राहत की बड़ी उम्मीद कुर्जी नाला और आनंदपुरी नाला परियोजनाएं शहर के उन इलाकों को सीधे राहत देंगी, जहां मानसून के समय पानी भर जाने से यातायात और जनजीवन प्रभावित होता है। अधिकारियों के अनुसार, नालों की चौड़ाई और गहराई को इस प्रकार डिजाइन किया गया है कि तेज बारिश की स्थिति में भी जल निकासी सुचारु रूप से हो सके। मुख्यमंत्री ने जोर देते हुए कहा कि परियोजना पूर्ण होने के बाद न केवल जलजमाव की समस्या से निजात मिलेगी, बल्कि आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता और स्वास्थ्य की स्थिति में भी सुधार आएगा। जल निकासी व्यवस्था सुदृढ़ होने से सड़कों की क्षति भी कम होगी और रखरखाव का खर्च घटेगा। इस परियोजना की एक खास विशेषता यह है कि नाले के ऊपर टू-लेन सड़क का निर्माण भी किया जा रहा है। इससे स्थानीय लोगों को वैकल्पिक और सुगम यातायात मार्ग उपलब्ध होगा। आशियाना-दीघा रोड और आसपास के इलाकों में ट्रैफिक दबाव को कम करने में यह सड़क महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहर के विकास कार्यों में समन्वय और दीर्घकालिक सोच जरूरी है। नाला और सड़क—दोनों को एकीकृत योजना के रूप में विकसित किया जा रहा है ताकि बुनियादी ढांचे का बेहतर उपयोग सुनिश्चित हो सके। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पटना को साफ-सुथरा, सुव्यवस्थित और आधुनिक शहर के रूप में विकसित करना सरकार की प्राथमिकता है। नाला निर्माण, सड़क विस्तार और जल निकासी व्यवस्था में सुधार जैसे कदम उसी दिशा में प्रयास हैं। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जाए और स्थानीय नागरिकों को कम से कम असुविधा हो। साथ ही, निर्माण कार्य की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को भी कहा गया। राजधानी के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही इन परियोजनाओं से आने वाले समय में जलजमाव की समस्या में कमी आने की उम्मीद है। यदि योजनाएं तय समय पर पूर्ण होती हैं, तो यह पटना के शहरी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा।