पटना: बिहार में महिलाओं और खासकर बेटियों के खिलाफ बढ़ते अपराधों को लेकर सियासत एक बार फिर गरमा गई है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता रोहिणी आचार्य ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उनकी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब बिहार में लगभग हर दिन बहन-बेटियों के साथ अत्याचार और यौन उत्पीड़न की खबरें सामने आ रही हैं, तब सरकार आखिर कब जागेगी?

रोहिणी आचार्य ने कहा कि अपराध के मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है, लेकिन सरकार की ओर से ठोस और प्रभावी कार्रवाई नजर नहीं आती। उन्होंने आरोप लगाया कि बेटियों की सुरक्षा को लेकर किए गए तमाम दावे केवल कागजों तक सीमित रह गए हैं। “जब घर से बाहर निकलते ही डर का माहौल हो, तब विकास और सुशासन की बातें खोखली लगती हैं,” उन्होंने कहा।

उन्होंने आगे कहा कि बिहार में महिला सुरक्षा को लेकर सख्त कानून और तेज़ न्याय प्रक्रिया की जरूरत है। दोषियों को तुरंत सजा मिले, तभी अपराधियों में डर पैदा होगा। रोहिणी आचार्य ने यह भी कहा कि पुलिस प्रशासन पर राजनीतिक दबाव और लापरवाही के चलते अपराधियों के हौसले बुलंद हैं।

राजद नेता ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से सीधे सवाल किया कि आखिर कब तक बिहार की बेटियां असुरक्षा के साए में जीने को मजबूर रहेंगी? उन्होंने मांग की कि सरकार महिला सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे, संवेदनशील इलाकों में पुलिस गश्त बढ़ाई जाए और पीड़ितों को त्वरित न्याय व सहायता सुनिश्चित की जाए।

रोहिणी आचार्य के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में बहस तेज हो गई है। विपक्ष जहां सरकार को कटघरे में खड़ा कर रहा है, वहीं आने वाले दिनों में महिला सुरक्षा का मुद्दा बिहार की राजनीति में और भी प्रमुखता से उभरता दिख रहा है।

Rajnish Pandey
A media professional with experience in print and digital journalism, handling news editing and content management with a focus on accuracy and responsible reporting.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *