दिल्ली की सड़कों पर हरित क्रांति: 500 नई इलेक्ट्रिक बसों की ऐतिहासिक सौगात, EV ट्रांसपोर्ट में बना नया रिकॉर्ड

नई दिल्ली: दिल्ली की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था ने आज एक ऐतिहासिक मुकाम हासिल किया, जब रामलीला ग्राउंड से राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नितिन नवीन और दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने राजधानी को एक साथ 500 नई इलेक्ट्रिक बसें समर्पित कीं। यह दिल्ली के इतिहास में पहली बार हुआ है जब इतनी बड़ी संख्या में इलेक्ट्रिक बसों को एक साथ परिवहन बेड़े में शामिल किया गया। बीते एक वर्ष के दौरान दिल्ली सरकार ने डीटीसी (दिल्ली परिवहन निगम) के बेड़े को आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में लगातार ठोस कदम उठाए हैं। इन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि नई इलेक्ट्रिक बसों के जुड़ने के साथ ही दिल्ली में इलेक्ट्रिक बसों की कुल संख्या 4000 के आंकड़े को पार कर गई है। सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2028 तक डीटीसी की सभी बसों को पूर्णतः इलेक्ट्रिक बनाया जाए, जिस दिशा में तेज़ी से काम चल रहा है। इन नई EV बसों से न केवल राजधानी की यातायात व्यवस्था को मजबूती मिलेगी, बल्कि प्रदूषण नियंत्रण के मोर्चे पर भी यह एक निर्णायक पहल साबित होगी। इलेक्ट्रिक बसें शून्य उत्सर्जन पर आधारित हैं, जिससे वायु गुणवत्ता में सुधार, ध्वनि प्रदूषण में कमी और ईंधन पर निर्भरता घटेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम दिल्ली को स्वच्छ हवा और हरित भविष्य की ओर ले जाने में मील का पत्थर सिद्ध होगा। कार्यक्रम के दौरान एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में दिल्ली–पानीपत के बीच इलेक्ट्रिक अंतरराज्यीय बस सेवा का भी शुभारंभ किया गया। इस नई सेवा से दिल्ली और हरियाणा के हजारों यात्रियों को सुरक्षित, किफायती और सुविधाजनक यात्रा विकल्प मिलेगा। यह पहल अंतरराज्यीय परिवहन में भी इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देगी। सरकार का कहना है कि आने वाले समय में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार, स्मार्ट डिपो और आधुनिक तकनीक के ज़रिये दिल्ली की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को देश के लिए हरित मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा। 500 नई इलेक्ट्रिक बसों की यह सौगात न सिर्फ आज की जरूरत है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वस्थ और टिकाऊ दिल्ली की मजबूत नींव भी है।

मलेशिया में गूंजेगा भारत का डिजिटल दम: पीएम मोदी का ऐलान—जल्द मलेशिया पहुंचेगा UPI

कुआलालंपुर | विशेष रिपोर्ट: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर मलेशिया पहुंचे, जहां उन्होंने भारत–मलेशिया संबंधों को नई डिजिटल ऊंचाइयों पर ले जाने का बड़ा संकेत दिया। कुआलालंपुर में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने ऐलान किया कि भारत का विश्वप्रसिद्ध डिजिटल पेमेंट सिस्टम यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) जल्द ही मलेशिया में भी शुरू किया जाएगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह कदम दोनों देशों के बीच आर्थिक और तकनीकी सहयोग को और मजबूत करेगा। उन्होंने इसे “डिजिटल कनेक्टिविटी के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि” करार दिया। डिजिटल सहयोग को मिलेगा नया आयाम पीएम मोदी ने अपने संबोधन में बताया कि भारत और मलेशिया के बीच डिजिटल साझेदारी तेजी से आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा, “मलेशिया–भारत डिजिटल काउंसिल हमारे डिजिटल सहयोग के लिए नए मार्ग खोल रही है। मुझे यह साझा करते हुए खुशी हो रही है कि भारत की यूपीआई जल्द ही मलेशिया में भी आ जाएगी।” UPI के मलेशिया पहुंचने से वहां रहने वाले भारतीय समुदाय के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों को भी तेज, सुरक्षित और आसान डिजिटल भुगतान की सुविधा मिलेगी। इससे व्यापार, पर्यटन और रोजमर्रा के लेनदेन में उल्लेखनीय तेजी आने की उम्मीद है। भारतीय आईटी कंपनियों की मजबूत मौजूदगी प्रधानमंत्री मोदी ने मलेशिया में भारतीय आईटी कंपनियों की अहम भूमिका पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि वर्तमान में 100 से अधिक भारतीय आईटी कंपनियां मलेशिया में सक्रिय हैं, जिनके जरिए हजारों लोगों को रोजगार मिला है। यह भारत की तकनीकी क्षमता और वैश्विक विश्वास का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि भारतीय कंपनियां न केवल तकनीक ला रही हैं, बल्कि कौशल विकास, नवाचार और रोजगार सृजन में भी अहम योगदान दे रही हैं। भारतीय समुदाय को बताया ‘सेतु’ अपने संबोधन में पीएम मोदी ने मलेशिया में बसे भारतीय समुदाय की सराहना करते हुए उन्हें भारत और मलेशिया के बीच “सांस्कृतिक और आर्थिक सेतु” बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय समुदाय ने मलेशिया की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दिया है और भारत को उन पर गर्व है। भविष्य की ओर मजबूत कदम विशेषज्ञों के अनुसार, UPI का मलेशिया में विस्तार भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर की वैश्विक स्वीकार्यता को और मजबूत करेगा। यह कदम भारत को डिजिटल नवाचार के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक और निर्णायक पहल माना जा रहा है। प्रधानमंत्री की यह यात्रा न केवल द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊर्जा देगी, बल्कि डिजिटल युग में भारत की नेतृत्वकारी भूमिका को भी रेखांकित करेगी।

टी20 वर्ल्ड कप 2026: वानखेड़े में भारत का विजयी आगाज़, सूर्यकुमार यादव की चमक से USA पर 29 रन की जीत

मुंबई: मुंबई के ऐतिहासिक वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए टी20 वर्ल्ड कप 2026 के अपने पहले मुकाबले में भारत ने जीत के साथ टूर्नामेंट में शानदार आगाज़ किया। USA के खिलाफ खेले गए इस मैच में भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 162 रनों का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा, जिसके जवाब में अमेरिकी टीम 20 ओवर पूरे खेलने के बावजूद लक्ष्य से 29 रन पीछे रह गई। इस जीत के साथ भारत के खाते में 2 अहम अंक जुड़ गए। मैच की शुरुआत भारत के लिए उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। सलामी बल्लेबाज़ अभिषेक शर्मा बिना खाता खोले ही गोल्डन डक पर पवेलियन लौट गए, जिससे शुरुआती ओवरों में दबाव साफ नजर आया। लेकिन इसके बाद मैदान पर आए सूर्यकुमार यादव ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह बड़े मैचों के खिलाड़ी हैं। सूर्यकुमार यादव ने मुश्किल वक्त में भारतीय पारी को संभालते हुए जिम्मेदारी भरी और आक्रामक बल्लेबाज़ी की। उन्होंने गेंदबाज़ों पर दबाव बनाते हुए रन गति को संभाले रखा और टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। मध्यक्रम के अन्य बल्लेबाज़ों ने भी छोटे-छोटे योगदान देकर पारी को मजबूती दी, जिससे भारत 20 ओवर में 162 रन बनाने में सफल रहा। लक्ष्य का पीछा करने उतरी USA की टीम की शुरुआत संतुलित रही, लेकिन भारतीय गेंदबाज़ों ने नियमित अंतराल पर विकेट चटकाकर मैच को पूरी तरह अपने नियंत्रण में रखा। तेज़ गेंदबाज़ों की सटीक लाइन-लेंथ और स्पिनरों की कसी हुई गेंदबाज़ी के आगे अमेरिकी बल्लेबाज़ खुलकर खेलने में नाकाम रहे। अंततः USA की टीम 20 ओवर में भी लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकी। इस तरह वानखेड़े के घरेलू माहौल में भारत ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में जीत के साथ अपने अभियान की मजबूत नींव रखी। सूर्यकुमार यादव की मैच जिताऊ पारी और गेंदबाज़ों के सामूहिक प्रदर्शन ने साफ संकेत दे दिए हैं कि भारतीय टीम इस बार खिताब की प्रबल दावेदार बनकर उतरी है।

“कार्यकर्ताओं के जोश के बीच तेजस्वी यादव का शक्ति प्रदर्शन, बोले—अब बूथ स्तर से बदलेगी बिहार की सियासत”

पटना। राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद तेजस्वी यादव पहली बार पार्टी दफ्तर पहुंचे तो माहौल पूरी तरह उत्साह से भरा नजर आया। ढोल-नगाड़ों, नारों और फूल-मालाओं के साथ कार्यकर्ताओं ने अपने नेता का भव्य स्वागत किया। कार्यकर्ताओं का यह जोश देखकर तेजस्वी यादव भी भावुक और उत्साहित दिखे। पार्टी कार्यालय में मौजूद सैकड़ों कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए तेजस्वी यादव ने अपने राजनीतिक सफर और संघर्षों को याद किया। उन्होंने कहा कि वह देश के सबसे युवा उप मुख्यमंत्री बने थे, लेकिन उसी दौर में उनके चाचा और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार उनसे अलग हो गए। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि राजनीतिक साजिश के तहत उनके खिलाफ केस-मुकदमे दर्ज कराए गए। तेजस्वी यादव ने 2020 के विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि उस चुनाव में आरजेडी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी, जो जनता के भरोसे और पार्टी कार्यकर्ताओं की मेहनत का परिणाम था। उन्होंने कहा कि 2025 के चुनावी दौर को भी उन्होंने करीब से देखा है और अब संगठन में उन्हें पहली बार इतनी बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में अपनी प्राथमिकताएं गिनाते हुए तेजस्वी ने कहा कि अब पार्टी को बूथ स्तर तक मजबूत किया जाएगा। संगठन को जमीनी स्तर पर खड़ा करना उनका मुख्य लक्ष्य है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि एक बार फिर बिहार में आरजेडी की सरकार बनाना उनका सपना ही नहीं, बल्कि संकल्प है। अपने भाषण के दौरान तेजस्वी यादव ने मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था पर तीखा तंज कसते हुए कहा, “आज के लोकतंत्र में लोक गायब हो गया है और सिर्फ तंत्र ही बचा है।” उन्होंने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि चुनाव खत्म होने से पहले ही फर्जी केस बनाकर लोगों को उठाया जाता है और झूठे आरोपों में जेल भेज दिया जाता है। उनका कहना था कि आरजेडी कार्यकर्ताओं को भी जबरन परेशान किया गया, लेकिन अब पार्टी चुप बैठने वाली नहीं है। तेजस्वी यादव ने शेखपुरा के पूर्व विधायक को मिल रही जान से मारने की धमकियों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि मौजूदा सरकार लोकतंत्र नहीं, बल्कि “डर-तंत्र” में बदल चुकी है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आरजेडी के कार्यकर्ता डरने वाले नहीं हैं और न ही कमजोर हैं। अपने संबोधन के अंत में तेजस्वी ने कार्यकर्ताओं को एकजुट रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा, “कमजोर हम नहीं हैं, सिर्फ समय कमजोर है।” उन्होंने सभी से अपील की कि वे आरजेडी के सिपाही की तरह मजबूती से खड़े रहें और आने वाले समय में बदलाव की लड़ाई को पूरी ताकत से लड़ें।

डीआरएम आशीष जैन का सैदपुर भीतरी स्टेशन व औड़िहार DEMU शेड का औचक निरीक्षण

वाराणसी | 07 फरवरी : वाराणसी मंडल में रेल सुरक्षा, यात्री सुविधाओं और अनुरक्षण व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) श्री आशीष जैन ने शुक्रवार को सैदपुर भीतरी स्टेशन तथा औड़िहार स्थित DEMU शेड का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्टेशन और शेड में उपलब्ध सुविधाओं, संरक्षा मानकों और कार्यप्रणालियों की गहन समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान डीआरएम ने सैदपुर भीतरी स्टेशन पर यात्रियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं—साफ-सफाई, प्लेटफॉर्म की स्थिति, पेयजल व्यवस्था, शौचालय, टिकट काउंटर और सुरक्षा प्रबंध—का बारीकी से जायजा लिया। साथ ही ट्रैक की स्थिति, रेल पटरियां, स्लीपर, बैलास्ट, जॉइंट्स और सिग्नलिंग व्यवस्था का सूक्ष्म परीक्षण कर संरक्षा मानकों की पुष्टि की। निरीक्षण के उपरांत डीआरएम ने स्टेशन पैनल उपकरणों की कार्य प्रणाली का विस्तृत अवलोकन किया और निर्देश दिए कि सभी उपकरणों की समय-समय पर जांच, रिकॉर्ड संधारण और किसी भी तकनीकी कमी का तत्काल निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि रेल परिचालन पूर्णतः सुरक्षित और निर्बाध बना रहे। स्टेशन परिसर की स्वच्छता पर विशेष जोर देते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए। इस अवसर पर डीआरएम ने यात्रियों से संवाद कर उनकी समस्याएं और सुझाव सुने तथा यात्री सुविधाओं को और बेहतर बनाने का आश्वासन दिया। साथ ही स्टेशन पर कार्यरत कर्मचारियों की उपस्थिति, कार्यप्रणाली और अनुशासन की भी समीक्षा की। डीआरएम ने दोहराया कि यात्रियों को सुरक्षित, स्वच्छ और सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध कराना रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके पश्चात डीआरएम ने औड़िहार स्थित DEMU शेड का औचक निरीक्षण किया। यहां उन्होंने रख-रखाव व्यवस्थाओं, संरक्षा मानकों, स्वच्छता, उपकरणों की कार्यशीलता और कर्मचारियों की उपस्थिति का गहन अवलोकन किया। DEMU ट्रेनों के अनुरक्षण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को संरक्षा और समयबद्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान डीआरएम ने शेड में कार्यरत कर्मचारियों से संवाद कर उनकी समस्याएं और सुझाव सुने तथा आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने का आश्वासन दिया। उन्होंने अनुरक्षण कार्यों में गुणवत्ता और मानकों के सख्त पालन पर बल दिया। इस अवसर पर वरिष्ठ मंडल यांत्रिक इंजीनियर/ट्रेन सेट श्री राहुल मिश्र सहित संबंधित पर्यवेक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

सूरजकुंड मेले में बड़ा हादसा: झूला टूटने से अफरातफरी, इंस्पेक्टर की मौत, एक दर्जन से ज्यादा घायल

फरीदाबाद। अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड मेले में शुक्रवार शाम उस वक्त हड़कंप मच गया, जब मेले के भीतर लगा एक झूला अचानक टूटकर गिर पड़ा। यह दर्दनाक हादसा शाम करीब 6:15 बजे हुआ, जिसमें एक दर्जन से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। झूला गिरते ही मेला ग्राउंड में अफरातफरी मच गई और चीख-पुकार का माहौल बन गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, झूले पर सवार लोग अचानक जमीन पर गिर पड़े। मौके पर मौजूद पुलिस और प्रशासन की टीम ने तुरंत राहत-बचाव कार्य शुरू किया। सभी घायलों को तत्काल फरीदाबाद के निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। हादसे के दौरान लोगों को बचाने के प्रयास में इंस्पेक्टर रैंक के एक अधिकारी गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें भी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इस घटना से पुलिस विभाग और प्रशासन में शोक की लहर दौड़ गई है। हादसे की सूचना मिलते ही जिला उपायुक्त और पुलिस कमिश्नर सहित तमाम वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। एहतियातन पुलिस ने पूरे घटनास्थल को बैरिकेट कर दिया है और मेले में सुरक्षा व्यवस्था की दोबारा समीक्षा की जा रही है। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने इस दर्दनाक हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मृतक अधिकारी के परिजनों के प्रति संवेदना जताते हुए घायलों के समुचित इलाज के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए हादसे की जांच के लिए एक विशेष कमेटी का गठन कर दिया है। झूले की तकनीकी स्थिति, सुरक्षा मानकों और लापरवाही के पहलुओं की जांच की जा रही है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन भी दिया गया है। इस हादसे ने सूरजकुंड मेले की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल मेले में लगे अन्य झूलों और मनोरंजन साधनों की भी जांच शुरू कर दी गई है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो।

अमेरिका ने PoK को भारत का हिस्सा माना, पाकिस्तान को बड़ा झटका — अंतरिम ट्रेड डील के बीच नई राजनीति

नई दिल्ली : भारत–अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते के ऐलान के बाद एक बेहद संवेदनशील राजनीतिक मोड़ सामने आया है, जिसने दक्षिण एशिया की कूटनीति में हलचल पैदा कर दी है। संयुक्त राज्य अमेरिका के Office of the U.S. Trade Representative (USTR) द्वारा जारी एक मानचित्र में पूरा जम्मू-कश्मीर, जिसमें पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) भी शामिल है, भारतीय सीमा के अंदर दिखाया गया है। इस कदम को विशेषज्ञों ने पाकिस्तान के लिए “कूटनीतिक झटका” बताया है और यह अमेरिका के कश्मीर पर रुख में संभावित बदलाव का संकेत माना जा रहा है। क्या कहा अमेरिका ने? अमेरिका के ट्रेड प्रतिनिधि कार्यालय ने जो मानचित्र X (पूर्व ट्विटर) पर साझा किया है, उसमें जम्मू-कश्मीर और PoK को स्पष्ट रूप से भारत का हिस्सा दिखाया गया है — जो कि अब तक चल रहे विवादित दावों के विपरीत एक स्पष्ट संकेत माना जा रहा है। यह मानचित्र भारत–अमेरिका के अंतरिम व्यापार समझौते के घोषणा के साथ प्रकाशित किया गया, जिससे यह कूटनीतिक एवं आर्थिक संदेश दोनों के रूप में पढ़ा जा रहा है। विश्लेषकों के अनुसार, यह एक सामरिक राजनीतिक संकेत है जो दिखाता है कि अमेरिका भारत की “क्षेत्रीय अखंडता” के पक्ष में मजबूत समर्थन दिखाना चाहता है — एक ऐसा रुख जो पाकिस्तान के longstanding दावे को चुनौती देता प्रतीत होता है। अंतरिम ट्रेड समझौता: क्या है और क्यों अहम? आज दोनों देशों ने अंतरिम व्यापार समझौते के लिए एक रूपरेखा (framework) पर सहमति व्यक्त की है, जिसमें प्रमुख बिंदु शामिल हैं: अमेरिका भारतीय निर्यात पर 18% टैक्स लागू करेगा, जो पहले काफी अधिक था। भारत अमेरिका से आयात पर कुछ टैक्स हटाने या घटाने के लिए सहमत हुआ है। समझौता भविष्य में एक विस्तृत द्विपक्षीय ट्रेड एग्रीमेंट की दिशा में कदम है। यह समझौता दोनों देशों के बीच आर्थिक, कूटनीतिक और रणनीतिक सहयोग को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है — खासकर चीन के बढ़ते प्रभाव और वैश्विक आपूर्ति-शृंखला के पुनर्गठन के बीच। पाकिस्तान की प्रतिक्रिया और राजनीतिक माहौल इस कदम को देखने के बाद पाकिस्तान में खासा प्रतिक्रियाओं का सिलसिला शुरू हो गया है। PoK मुद्दे पर पाकिस्तान के नेताओं की पुरानी बयानबाज़ी को देखते हुए यह कदम उन्हें खासा राजनीतिक चुनौती देता है। PoK हमेशा से एक संवेदनशील विषय रहा है, जिस पर भारत ने हमेशा इसे भारतीय अखंडता का हिस्सा बताया है और पाकिस्तान ने इसका विरोध किया है। विशेष रूप से, पाक अधिकृत कश्मीर में हाल ही में प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ द्वारा दिया गया भाषण भी इसी असमंजस का उदाहरण है, जिसमें उन्होंने कश्मीर को अंततः पाकिस्तान का हिस्सा बनने की बात कही थी। ♦अमेरिका का मानचित्र साझा करना सिर्फ एक वाणिज्यिक बयान नहीं है — यह राजनीतिक संदेश भी है। ♦अमेरिका ने कूटनीतिक तौर पर PoK को भारत का हिस्सा दिखाकर अपने रुख में स्पष्टता या बदल को संकेत दिया है। ♦यह कदम भारत-अमेरिका रिश्तों में नयी मजबूती का प्रतीक माना जा रहा है, जबकि पाकिस्तान को यह एक बड़ा सियासी झटका माना जा रहा है। अंतरिम ट्रेड समझौता दोनों देशों के आर्थिक सहयोग को अगले स्तर पर ले जाने की दिशा में पहला कदम है।

भारत-अमेरिका ट्रेड डील: जीरो टैरिफ से खुलेगा कारोबार का नया अध्याय, किसानों और MSMEs को बड़ी राहत

नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से चली आ रही व्यापार वार्ताओं के बाद आखिरकार एक अहम अंतरिम ट्रेड डील (Interim Trade Deal) पर सहमति बन गई है। इस समझौते को दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों में टर्निंग पॉइंट माना जा रहा है। डील के तहत अमेरिका कई भारतीय उत्पादों पर लगाए गए भारी टैरिफ में बड़ी कटौती करेगा, वहीं कुछ चुनिंदा सेक्टरों में जीरो टैरिफ की व्यवस्था भी की जाएगी। 50% से घटकर 18% होगा अमेरिकी टैरिफ इस समझौते के अनुसार अमेरिका भारतीय उत्पादों पर लगने वाले टैरिफ को औसतन 50% से घटाकर 18% करेगा। इससे भारतीय निर्यातकों की प्रतिस्पर्धा क्षमता बढ़ेगी और अमेरिका के विशाल बाजार में भारतीय उत्पाद पहले से सस्ते और आकर्षक बनेंगे। किन सेक्टरों को मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा इस ट्रेड डील का सीधा लाभ भारत के MSMEs, किसानों और मछुआरों को मिलने की उम्मीद है। खासतौर पर निम्न क्षेत्रों में राहत मिलेगी— कृषि उत्पाद: चावल, मसाले, दालें और ऑर्गेनिक उत्पाद मत्स्य उद्योग: झींगा, मछली और सी-फूड एक्सपोर्ट MSME सेक्टर: टेक्सटाइल, लेदर, हैंडीक्राफ्ट और इंजीनियरिंग गुड्स फूड प्रोसेसिंग और एग्री-बेस्ड प्रोडक्ट्स इन क्षेत्रों में कुछ उत्पादों पर जीरो टैरिफ लागू होने की संभावना है, जिससे निर्यात लागत में भारी कमी आएगी। रोजगार और विदेशी मुद्रा पर पड़ेगा सकारात्मक असर विशेषज्ञों का मानना है कि इस डील से भारत में नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे निर्यात में बढ़ोतरी होगी विदेशी मुद्रा भंडार मजबूत होगा खासतौर पर ग्रामीण अर्थव्यवस्था और तटीय क्षेत्रों में इसका असर साफ दिख सकता है। भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी को मिलेगी मजबूती यह ट्रेड डील केवल आर्थिक नहीं, बल्कि रणनीतिक साझेदारी को भी मजबूत करेगी। वैश्विक सप्लाई चेन में भारत की भूमिका बढ़ेगी और अमेरिका के लिए भारत एक भरोसेमंद ट्रेड पार्टनर के रूप में उभरेगा। अंतिम समझौते की ओर बढ़ते कदम फिलहाल यह एक अंतरिम समझौता है, लेकिन दोनों देशों ने संकेत दिए हैं कि आने वाले महीनों में इसे पूर्ण व्यापार समझौते (Comprehensive Trade Agreement) में बदला जा सकता है। भारत-अमेरिका ट्रेड डील को भारत की अर्थव्यवस्था, खासकर छोटे उद्यमियों और किसानों के लिए गेम चेंजर माना जा रहा है।

31 साल पुराने मामले में बड़ा एक्शन: पप्पू यादव गिरफ्तार, देर रात पुलिस छापे से मचा सियासी हलचल

पटना। करीब तीन दशक पुराने एक मामले में शुक्रवार देर रात पटना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए निर्दलीय सांसद पप्पू यादव को गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई कोर्ट के आदेश के अनुपालन में की गई, जिसके तहत पुलिस की एक टीम रात में उनके मंदिरी स्थित आवास पर पहुंची। पुलिस के पहुंचते ही आवास के बाहर समर्थकों की भीड़ जमा हो गई, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने सांसद को हिरासत में लिया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें तत्काल मेडिकल जांच के लिए आईजीआईएमएस ले जाया गया। इस दौरान समर्थकों द्वारा विरोध किए जाने पर पुलिस को हल्का बल प्रयोग भी करना पड़ा। नगर पुलिस अधीक्षक (सिटी) भानु प्रताप सिंह ने बताया कि यह कार्रवाई पूरी तरह से न्यायालय के आदेश के तहत की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गर्दनीबाग थाना से जुड़े एक पुराने मामले में सांसद को तय तारीख पर कोर्ट में उपस्थित होना था, लेकिन उनकी अनुपस्थिति के कारण अदालत ने गिरफ्तारी का आदेश जारी किया था। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस टीम रात करीब दस बजे सांसद के आवास पर पहुंची थी। पुलिस अधिकारियों ने जब उन्हें गिरफ्तारी की जानकारी दी तो सांसद ने रात में कहीं भी जाने से इनकार कर दिया और अधिकारियों से सुबह आने को कहा। हालांकि, कोर्ट के आदेश को देखते हुए पुलिस ने उसी रात कार्रवाई को अंजाम दिया। इस गिरफ्तारी के बाद बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। समर्थकों में नाराजगी देखी जा रही है, वहीं प्रशासन का कहना है कि कानून सभी के लिए समान है और अदालत के निर्देशों का पालन करना अनिवार्य है। घटना के बाद पूरे मामले पर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है।

“आईना देख लिया तो सच से भाग नहीं पाओगे” — कांग्रेस पर पीएम मोदी का अब तक का सबसे कड़ा प्रहार

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि देश अब पीछे मुड़कर देखने के बजाय तेज़ रफ्तार से आगे बढ़ रहा है, लेकिन कांग्रेस आज भी भ्रम और झूठ की राजनीति में उलझी हुई है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा, “तुम कितना दुनिया को धोखा दोगे, आईना देख लिया तो सच्चाई कहां छिपाओगे।” यह बयान हाल के वर्षों में कांग्रेस के खिलाफ उनका सबसे सख्त हमला माना जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत आज “रिफॉर्म एक्सप्रेस” पर सवार है और विकास की नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि दशकों तक कांग्रेस के शासन में देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। “कांग्रेस के लंबे शासनकाल में एक भी बड़ी ट्रेड डील नहीं हो सकी, जबकि आज भारत वैश्विक मंच पर मज़बूती से अपनी बात रख रहा है,” पीएम मोदी ने कहा। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस की नीतियों और निर्णयों की कमी का खामियाजा देश को वर्षों तक भुगतना पड़ा। “कांग्रेस की वजह से देश की अर्थव्यवस्था पीछे रह गई। अवसर थे, लेकिन नीयत और नेतृत्व की कमी के कारण उनका सही इस्तेमाल नहीं हुआ,” प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया। पीएम मोदी ने अपनी सरकार की उपलब्धियों का ज़िक्र करते हुए कहा कि आज भारत आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया और वैश्विक ट्रेड समझौतों के जरिए देश की अर्थव्यवस्था को नई गति मिली है। उन्होंने कहा कि अब देश पुराने ढर्रे की राजनीति नहीं, बल्कि परिणाम देने वाली राजनीति चाहता है। प्रधानमंत्री के इस बयान को आगामी राजनीतिक घटनाक्रम और चुनावी माहौल के संदर्भ में बेहद अहम माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मोदी का यह हमला कांग्रेस की आर्थिक नीतियों और विश्वसनीयता पर सीधा प्रहार है, जिससे सियासी बयानबाज़ी और तेज़ हो सकती है।