न्यूज डेस्क: देशभर में आज मकर संक्रांति का पावन पर्व पूरे श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के साथ ही इस महापर्व की शुरुआत हुई, जिसे लेकर उत्तर भारत सहित कई राज्यों में विशेष धार्मिक अनुष्ठान और स्नान का आयोजन किया गया। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर पहुंचकर महायोगी गुरु गोरखनाथ को परंपरागत रूप से खिचड़ी अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने लोकमंगल और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को मकर संक्रांति की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व सामाजिक समरसता, सेवा और सनातन परंपराओं का प्रतीक है। वहीं प्रयागराज के पावन संगम तट पर तड़के सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। घना कोहरा और कड़ाके की ठंड के बावजूद लाखों श्रद्धालु गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम में आस्था की डुबकी लगाते नजर आए। प्रशासन द्वारा सुरक्षा और सुविधा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। काशी नगरी वाराणसी के गंगा घाटों पर भी मकर संक्रांति का विशेष उल्लास देखने को मिला। दशाश्वमेध, अस्सी और अन्य प्रमुख घाटों पर श्रद्धालुओं ने स्नान कर दान-पुण्य किया। मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना हुई और हर-हर महादेव के जयकारों से घाट गूंज उठे। उल्लेखनीय है कि मकर संक्रांति को दान, स्नान और सूर्य उपासना का महापर्व माना जाता है। इस दिन खिचड़ी, तिल, गुड़ और दान-पुण्य का विशेष महत्व होता है। देश के अलग-अलग हिस्सों में यह पर्व विभिन्न नामों और परंपराओं के साथ मनाया जा रहा है, लेकिन आस्था और संस्कृति का भाव हर जगह समान रूप से दिखाई दे रहा है।
बीसीबी बनाम खिलाड़ी: निदेशक के बयान से भड़के बांग्लादेशी क्रिकेटर्स, T20 वर्ल्ड कप के बहिष्कार की चेतावनी
ढाका। बांग्लादेश क्रिकेट में इस समय जबरदस्त उथल-पुथल मची हुई है। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) के निदेशक नजमुल इस्लाम के एक विवादित बयान ने राष्ट्रीय टीम के खिलाड़ियों को नाराज़ कर दिया है। खिलाड़ियों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि नजमुल इस्लाम अपने पद से इस्तीफा नहीं देते हैं, तो वे न केवल आगामी T20 वर्ल्ड कप बल्कि सभी तरह के क्रिकेट का बहिष्कार करेंगे। दरअसल, हाल ही में बीसीबी निदेशक नजमुल इस्लाम ने सार्वजनिक रूप से राष्ट्रीय खिलाड़ियों की प्रतिबद्धता और प्रोफेशनलिज़्म पर सवाल उठाए थे। उनके इस बयान को खिलाड़ियों ने अपमानजनक और मनोबल तोड़ने वाला बताया। बयान सामने आते ही ड्रेसिंग रूम में असंतोष फैल गया और सीनियर खिलाड़ियों ने एकजुट होकर कड़ा रुख अपनाया। बीसीबी ने झाड़ा पल्ला विवाद बढ़ने के बाद बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने आधिकारिक तौर पर नजमुल इस्लाम की टिप्पणियों से खुद को अलग कर लिया है। बोर्ड ने स्पष्ट किया कि निदेशक के व्यक्तिगत विचार बीसीबी की आधिकारिक सोच का प्रतिनिधित्व नहीं करते। हालांकि, बोर्ड की इस सफाई से खिलाड़ी संतुष्ट नजर नहीं आए। खिलाड़ियों की दो टूक चेतावनी राष्ट्रीय खिलाड़ियों का कहना है कि केवल बयान से दूरी बनाना काफी नहीं है। उनका आरोप है कि नजमुल इस्लाम लगातार खिलाड़ियों को निशाना बनाते रहे हैं और इससे टीम का माहौल खराब हुआ है। खिलाड़ियों ने साफ कहा है कि जब तक निदेशक इस्तीफा नहीं देते, वे किसी भी घरेलू या अंतरराष्ट्रीय मैच में हिस्सा नहीं लेंगे। T20 वर्ल्ड कप पर संकट इस विवाद का सीधा असर आगामी T20 वर्ल्ड कप पर पड़ सकता है। यदि खिलाड़ियों ने अपना फैसला नहीं बदला तो बांग्लादेश की भागीदारी ही खतरे में पड़ सकती है। क्रिकेट प्रशंसक और पूर्व खिलाड़ी भी इस विवाद पर नजर बनाए हुए हैं और जल्द समाधान की उम्मीद जता रहे हैं। क्या निकलेगा समाधान? फिलहाल, बीसीबी के लिए यह स्थिति बेहद चुनौतीपूर्ण बन गई है। एक तरफ खिलाड़ियों की एकजुटता है, तो दूसरी ओर बोर्ड की साख और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताएं। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि बोर्ड इस संकट से कैसे निपटता है और क्या बांग्लादेशी क्रिकेट समय रहते इस विवाद से बाहर निकल पाता है। खेल जगत में इस घटनाक्रम को बांग्लादेश क्रिकेट के इतिहास के सबसे बड़े आंतरिक टकरावों में से एक माना जा रहा है।
दही-चूड़ा भोज में सियासी तंज: तेजस्वी की गैरमौजूदगी पर तेज प्रताप बोले—‘जयचंदों से घिरे हैं’
पटना। मकर संक्रांति के अवसर पर आयोजित पारंपरिक दही-चूड़ा भोज एक बार फिर राजनीतिक बयानबाज़ी का मंच बन गया। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेज प्रताप यादव के भोज में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की अनुपस्थिति को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई। इस मौके पर तेज प्रताप यादव ने तीखा तंज कसते हुए कहा कि तेजस्वी “जयचंदों से घिरे हुए हैं”, इसलिए कार्यक्रम में नहीं पहुंच पाए। तेज प्रताप यादव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्होंने तेजस्वी यादव का रात 9 बजे तक इंतजार किया, लेकिन वह नहीं आए। उन्होंने यह भी जोड़ा कि कुछ लोग हैं जो उन्हें घेरकर गलत सलाह दे रहे हैं और वही उनकी अनुपस्थिति का कारण हो सकते हैं। तेज प्रताप के इस बयान को पार्टी के अंदरूनी समीकरणों से जोड़कर देखा जा रहा है। भोज के दौरान तेज प्रताप यादव ने अपने पिता और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि “हमारी पार्टी असली है, तभी मेरे पिताजी खुद मुझे आशीर्वाद देने आए।” लालू प्रसाद यादव की मौजूदगी को उन्होंने अपने पक्ष में एक मजबूत संकेत बताया और कहा कि परिवार और पार्टी के मूल सिद्धांत उनके साथ हैं। तेज प्रताप ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका संघर्ष पार्टी और विचारधारा के लिए है, किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं। हालांकि, तेजस्वी यादव की गैरहाजिरी और उस पर आया यह बयान राजद की अंदरूनी राजनीति को एक बार फिर सुर्खियों में ले आया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मकर संक्रांति जैसे सामाजिक अवसर पर दिए गए इस तरह के बयान केवल पारिवारिक नहीं, बल्कि सियासी संदेश भी देते हैं। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि तेज प्रताप और तेजस्वी के बीच यह दूरी केवल बयानबाज़ी तक सीमित रहती है या पार्टी की राजनीति पर इसका असर और गहराता है।
ईरान में हालात बेहद तनावपूर्ण, भारतीय नागरिकों को तुरंत सतर्क रहने की चेतावनी
विदेश मंत्रालय ने जारी की एडवाइजरी, गैर-जरूरी यात्रा से बचने की अपील नई दिल्ली/तेहरान: ईरान में लगातार बिगड़ते सुरक्षा हालात को देखते हुए भारत सरकार ने वहां रह रहे भारतीय नागरिकों और भारतीय मूल के लोगों (PIO) के लिए अहम एडवाइजरी जारी की है। विदेश मंत्रालय ने साफ कहा है कि मौजूदा हालात बेहद संवेदनशील हैं, ऐसे में सभी भारतीय नागरिक अत्यधिक सतर्कता बरतें और अपनी सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। एडवाइजरी में क्या कहा गया है? विदेश मंत्रालय द्वारा जारी एडवाइजरी के अनुसार, “ईरान में रह रहे सभी भारतीय नागरिक और PIO अत्यधिक सावधानी बरतें। किसी भी प्रकार के विरोध-प्रदर्शन, रैलियों या भीड़भाड़ वाले इलाकों से दूर रहें। स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करें।” इसके साथ ही गैर-जरूरी यात्रा से बचने और जहां संभव हो सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है। मंत्रालय ने यह भी कहा है कि भारतीय दूतावास के संपर्क में लगातार बने रहें। ईरान में कैसे हैं हालात? ईरान में हालात तेजी से गंभीर होते जा रहे हैं। विभिन्न रिपोर्ट्स के मुताबिक, देश में हिंसा और अस्थिरता के चलते अब तक हजारों लोगों की मौत की खबरें सामने आ चुकी हैं। बताया जा रहा है कि हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के नेतृत्व वाले इस देश में आम नागरिकों की सुरक्षा पर भी बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। अमेरिकी हमले की आशंका से बढ़ी चिंता इस बीच ईरान पर संभावित अमेरिकी हमले को लेकर अटकलें और तेज हो गई हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते तनाव और सैन्य गतिविधियों की खबरों ने हालात को और ज्यादा विस्फोटक बना दिया है। ऐसे में विदेशी नागरिकों, खासकर भारतीयों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। भारतीय दूतावास की अपील ईरान में मौजूद भारतीय दूतावास ने भी भारतीय नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी आपात स्थिति में तुरंत दूतावास से संपर्क करें, अपनी जानकारी अपडेट रखें और अफवाहों से दूर रहें। ईरान में मौजूदा हालात को देखते हुए भारत सरकार पूरी तरह सतर्क है। विदेश मंत्रालय की यह एडवाइजरी साफ संकेत देती है कि स्थिति गंभीर बनी हुई है और किसी भी तरह की लापरवाही भारी पड़ सकती है। भारतीय नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे संयम, सतर्कता और सरकारी निर्देशों का पूरी तरह पालन करें।
दिशा पाटनी की लव लाइफ में नई एंट्री! कौन हैं 6 साल छोटे रूमर्ड ब्वॉयफ्रेंड तलविंदर सिंह, जिनके साथ दिखीं एक्ट्रेस
मुंबई। बॉलीवुड अभिनेत्री दिशा पाटनी एक बार फिर अपनी निजी ज़िंदगी को लेकर चर्चा में हैं। टाइगर श्रॉफ से लंबे समय पहले हुए ब्रेकअप के बाद दिशा ने अपनी पर्सनल लाइफ को हमेशा निजी रखा, लेकिन हाल ही में उदयपुर में नूपुर सेनन की शादी के दौरान सामने आए एक वीडियो ने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी है। वायरल क्लिप में दिशा एक शख्स के साथ हाथों में हाथ डाले नज़र आईं—बताया जा रहा है कि यह शख्स तलविंदर सिंह हैं, जो उम्र में दिशा से करीब 6 साल छोटे हैं। उदयपुर वेडिंग से वायरल हुआ वीडियो शादी के फंक्शन के दौरान दिशा पाटनी का सिंपल लेकिन एलिगेंट लुक और उनके साथ मौजूद मिस्ट्री मैन ने सबका ध्यान खींचा। वीडियो में तलविंदर सिंह अक्सर नकाब या कैप में नज़र आए, जिससे उनकी पहचान को लेकर जिज्ञासा और बढ़ गई। यही वजह है कि सोशल मीडिया यूज़र्स उन्हें “नकाब में रहने वाला शख्स” कहकर पुकारने लगे। कौन हैं तलविंदर सिंह? मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया चर्चाओं के मुताबिक, तलविंदर सिंह का ताल्लुक न तो सीधे फिल्म इंडस्ट्री से है और न ही वह किसी बड़े सेलिब्रिटी परिवार से आते हैं। कहा जा रहा है कि वह फिटनेस और बिज़नेस से जुड़े हुए हैं, हालांकि इस बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। तलविंदर लाइमलाइट से दूरी बनाए रखना पसंद करते हैं, यही कारण है कि उनकी पब्लिक प्रोफाइल काफी लो-की बताई जाती है। उम्र का फासला और बढ़ी चर्चा बताया जा रहा है कि तलविंदर सिंह, दिशा पाटनी से लगभग 6 साल छोटे हैं। बॉलीवुड में उम्र के फासले को लेकर पहले भी कई रिश्ते सुर्खियों में रहे हैं, ऐसे में दिशा और तलविंदर की जोड़ी को लेकर चर्चाएं तेज़ हो गई हैं। सोशल मीडिया पर रिएक्शन वायरल वीडियो के बाद फैंस दो हिस्सों में बंटे दिखे। कुछ लोग दिशा को नई शुरुआत के लिए शुभकामनाएं दे रहे हैं, तो कुछ इसे महज़ एक दोस्ताना पल बता रहे हैं। हालांकि, दिशा पाटनी या तलविंदर सिंह की ओर से अब तक इस रिश्ते को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। दिशा की चुप्पी, अटकलें बरकरार दिशा पाटनी हमेशा से अपनी निजी ज़िंदगी पर कम बोलती आई हैं। टाइगर श्रॉफ से ब्रेकअप के बाद उन्होंने करियर पर फोकस किया और फिल्मों व ब्रांड एंडोर्समेंट में व्यस्त रहीं। ऐसे में तलविंदर सिंह के साथ उनकी नज़दीकियों की खबरों ने एक बार फिर उनकी लव लाइफ को सुर्खियों में ला दिया है। फिलहाल, यह साफ है कि दिशा पाटनी और तलविंदर सिंह को लेकर चल रही बातें अभी अफवाहों के दायरे में हैं। आधिकारिक पुष्टि के बिना किसी नतीजे पर पहुंचना जल्दबाज़ी होगी, लेकिन इतना तय है कि यह “नकाब में रहने वाला” शख्स इन दिनों बॉलीवुड गॉसिप का नया केंद्र बन चुका है।
4 साल बाद विराट कोहली की ताजपोशी: 37 की उम्र में फिर बने वनडे के नंबर-1 बल्लेबाज़, रोहित शर्मा को झटका
न्यूज़ डेस्क | करीब चार साल के लंबे इंतज़ार के बाद भारतीय क्रिकेट के सुपरस्टार विराट कोहली ने एक बार फिर अपनी बादशाहत कायम कर ली है। 37 साल की उम्र में कोहली ने आईसीसी मेंस वनडे बैटर्स रैंकिंग में नंबर-1 का स्थान हासिल कर लिया है। यह उपलब्धि उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले वनडे मुकाबले में खेली गई शानदार 93 रनों की पारी के दम पर पाई। आईसीसी द्वारा जारी ताज़ा वनडे बल्लेबाज़ों की रैंकिंग में विराट कोहली को एक स्थान का फायदा हुआ, जिससे वह सीधे शीर्ष पायदान पर पहुंच गए। इस रेस में उन्होंने अपने ही साथी और भारतीय टीम के कप्तान रोहित शर्मा को पीछे छोड़ दिया। रैंकिंग अपडेट में रोहित शर्मा को भारी नुकसान हुआ है और वह दो स्थान फिसलकर तीसरे नंबर पर पहुंच गए हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ पारी बनी टर्निंग पॉइंट न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले वनडे मैच में विराट कोहली ने जिस तरह संयम और आक्रामकता का संतुलन दिखाया, उसने चयनकर्ताओं और रैंकिंग पैनल दोनों को प्रभावित किया। 93 रनों की इस पारी में कोहली का अनुभव और क्लास साफ झलका, जिसका सीधा फायदा उन्हें रैंकिंग में मिला। 37 साल की उम्र में नंबर-1 बनना यह साबित करता है कि विराट कोहली आज भी विश्व क्रिकेट के सबसे भरोसेमंद और प्रभावशाली बल्लेबाज़ों में से एक हैं। फिटनेस, निरंतरता और बड़े मैचों में प्रदर्शन—इन तीनों के दम पर कोहली ने एक बार फिर खुद को शीर्ष पर स्थापित किया है। रोहित शर्मा को झटका वहीं दूसरी ओर, रोहित शर्मा के लिए यह रैंकिंग अपडेट झटके जैसा रहा। दो स्थान की गिरावट के साथ वह तीसरे पायदान पर पहुंच गए हैं। हालांकि, क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि रोहित के पास वापसी का पूरा मौका है और आने वाले मुकाबलों में वह फिर से रैंकिंग में ऊपर चढ़ सकते हैं। भारतीय क्रिकेट के लिए खुशी की बात आईसीसी वनडे रैंकिंग में भारतीय बल्लेबाज़ों का शीर्ष स्थानों पर बने रहना देश के क्रिकेट प्रशंसकों के लिए गर्व की बात है। विराट कोहली की यह उपलब्धि न सिर्फ उनकी व्यक्तिगत सफलता है, बल्कि भारतीय क्रिकेट की मजबूती को भी दर्शाती है। अब सभी की निगाहें आने वाले वनडे मुकाबलों पर टिकी हैं, जहां विराट कोहली अपनी नंबर-1 पोज़िशन को बरकरार रखने और रोहित शर्मा अपनी खोई हुई रैंकिंग वापस पाने की कोशिश करेंगे।
150 साल बाद स्पेन को मिलने जा रही है रानी, जानिए कौन हैं राजकुमारी लियोनोर जो इतिहास रचने को तैयार
मैड्रिड। स्पेन के शाही इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। करीब 150 साल बाद पहली बार देश की गद्दी पर रानी का शासन देखने को मिलेगा। राजा फेलिप VI और रानी लेटिजिया की 20 वर्षीय बेटी राजकुमारी लियोनोर स्पेन की अगली शासक होंगी। वह वर्तमान में प्रिंसेस ऑफ ऑस्टुरियस (Crown Princess) हैं और संवैधानिक रूप से सिंहासन की उत्तराधिकारी हैं। 150 साल बाद महिला शासक स्पेन में आखिरी बार रानी इसाबेला द्वितीय का शासन 19वीं सदी में रहा था, जिनका राज 1868 में समाप्त हुआ। उसके बाद से स्पेन में केवल पुरुष राजाओं ने ही शासन संभाला। अब लियोनोर के उत्तराधिकारी बनने से यह लंबा अंतराल खत्म होने जा रहा है। कौन हैं राजकुमारी लियोनोर * पूरा नाम: लियोनोर दे बोर्बोन ई ऑर्टिज़ * जन्म: 31 अक्टूबर 2005 * पद: प्रिंसेस ऑफ ऑस्टुरियस (स्पेन की क्राउन प्रिंसेस) * माता-पिता: राजा फेलिप VI और रानी लेटिजिया लियोनोर को बचपन से ही भावी शासक के रूप में तैयार किया जा रहा है। उन्होंने स्पेन और विदेशों में उच्च स्तरीय शिक्षा प्राप्त की है और आधुनिक राजशाही की जिम्मेदारियों को समझने के लिए कूटनीति, इतिहास और राजनीति का अध्ययन किया है। संविधान के प्रति शपथ अक्टूबर 2023 में 18 वर्ष की उम्र पूरी करने पर लियोनोर ने स्पेन की संसद में संविधान के प्रति निष्ठा की शपथ ली थी। यह कदम उन्हें औपचारिक रूप से सिंहासन की उत्तराधिकारी के रूप में स्थापित करता है। सैन्य प्रशिक्षण भी अनिवार्य स्पेन की परंपरा के अनुसार भावी शासक को तीनों सेनाओं—थलसेना, नौसेना और वायुसेना—का प्रशिक्षण लेना होता है। लियोनोर ने सैन्य प्रशिक्षण की शुरुआत कर दी है, जिससे वह देश की सशस्त्र सेनाओं की सर्वोच्च कमांडर की भूमिका निभाने के लिए तैयार होंगी। आधुनिक दौर की रानी राजकुमारी लियोनोर को एक आधुनिक, शिक्षित और संवेदनशील नेतृत्वकर्ता के रूप में देखा जा रहा है। वह सार्वजनिक कार्यक्रमों में सामाजिक मुद्दों, युवाओं, शिक्षा और लोकतांत्रिक मूल्यों पर खुलकर बोलती हैं। यही वजह है कि स्पेन की युवा पीढ़ी में उनकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है। कब संभालेंगी शासन? फिलहाल राजा फेलिप VI गद्दी पर हैं। भविष्य में उनके पद छोड़ने या संवैधानिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद लियोनोर स्पेन की पहली आधुनिक रानी के रूप में शासन संभालेंगी। स्पेन ही नहीं, पूरी दुनिया की निगाहें अब इस युवा राजकुमारी पर टिकी हैं, जो आने वाले समय में इतिहास रचने के लिए तैयार हैं।
भारी क्रेन गिरने से थाईलैंड में भीषण रेल हादसा: 22 यात्रियों की मौत, 30 से अधिक घायल
बैंकॉक/नखोन रत्चासिमा, 14 जनवरी 2026: आज सुबह थाईलैंड के उत्तर-पूर्वी नखोन रत्चासिमा प्रांत के सिखियो जिले में एक भयानक रेल दुर्घटना हुई। एक चलती पैसेंजर ट्रेन पर निर्माणाधीन क्रेन गिरने से ट्रेन पटरी से उतर गई और इसके कारण कम से कम 22 लोगों की मौत हो गई जबकि 30 से अधिक यात्रियों के गंभीर रूप से घायल होने की खबर है। स्थानीय पुलिस एवं अधिकारियों ने बताया कि यह हादसा बुधवार सुबह लगभग 9 बजे उस समय हुआ जब बैंकॉक से उबोन रत्चथानी की ओर जा रही ट्रेन हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट के नीचे से गुजर रही थी। इसी दौरान ऊपर से काम कर रही भारी क्रेन अनियंत्रित होकर ट्रेन पर गिर पड़ी। क्रेन की टक्कर से ट्रेन के कई डिब्बे क्षतिग्रस्त हो गए और ट्रेन डिवर हो गई। रिपोर्टों के अनुसार क्रेन दुर्घटना की तेज़ टक्कर से तीन डिब्बों पर गंभीर प्रभाव पड़ा और कई यात्री मलबे में फँस गए। घटना के तुरंत बाद ट्रेन के कुछ हिस्सों में आग भी लगी, जिसे दमकल और बचाव कर्मियों ने नियंत्रित किया। बचाव दल ने घायल यात्रियों को नज़दीकी अस्पतालों में भर्ती कराया है और राहत कार्य जारी है। स्थानीय पुलिस प्रमुख थचापोन चिनावोंग ने पुष्टि की कि अब तक 22 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं और घायलों की संख्या कम से कम 30 है, जिनमें कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है क्योंकि कई यात्री ट्रेन के मलबे में दबे हो सकते हैं। इस रेल मार्ग पर भारी क्रेन के गिरने से पैसेंजर ट्रेन की विंध्यगति थम गई और राहत-बचाव कार्य में स्थानीय पुलिस, दमकल विभाग और चिकित्सा टीमें जुटी हुई हैं। दुर्घटना की वजहों की जांच अधिकारियों द्वारा शुरू कर दी गई है, जिसमें निर्माण साइट पर सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं, इसकी भी जांच शामिल है।
दिल्ली में घर और जमीन खरीदना होगा और महंगा, सर्किल रेट में 40% तक बढ़ोतरी की तैयारी
नई दिल्ली। दिल्ली में प्रॉपर्टी खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए यह खबर झटका देने वाली है। रेखा गुप्ता सरकार ने राजधानी में रिहायशी संपत्तियों और कृषि भूमि के सर्किल रेट में बड़ी बढ़ोतरी की तैयारी कर ली है। प्रस्ताव के अनुसार सर्किल रेट में 10 से 40 प्रतिशत तक इजाफा किया जा सकता है, जिससे घर, फ्लैट और जमीन खरीदना सीधे तौर पर महंगा हो जाएगा। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, सर्किल रेट बढ़ने का सीधा असर स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क पर पड़ेगा। यानी खरीदारों को अब पहले की तुलना में ज्यादा टैक्स चुकाना होगा। लंबे समय से दिल्ली में सर्किल रेट में बदलाव नहीं किया गया था, जबकि बाजार भाव लगातार बढ़ते रहे। इसी अंतर को खत्म करने के लिए सरकार यह कदम उठाने जा रही है। श्रेणियों में होंगे बदलाव, बनेंगी उप-श्रेणियां प्रस्ताव में यह भी शामिल है कि मौजूदा प्रॉपर्टी श्रेणियों को और स्पष्ट करने के लिए नई उप-श्रेणियां बनाई जाएं। इससे अलग-अलग इलाकों, कॉलोनियों और सुविधाओं के आधार पर सर्किल रेट तय किए जा सकेंगे। माना जा रहा है कि पॉश इलाकों में बढ़ोतरी ज्यादा हो सकती है, जबकि सामान्य और बाहरी क्षेत्रों में सीमित बढ़ोतरी का प्रस्ताव है। सरकार का तर्क सरकार का कहना है कि सर्किल रेट और वास्तविक बाजार कीमतों के बीच बड़ा अंतर है, जिससे राजस्व को नुकसान हो रहा है। सर्किल रेट बढ़ने से सरकारी आय में इजाफा होगा और प्रॉपर्टी सौदों में पारदर्शिता आएगी। आम लोगों पर पड़ेगा असर हालांकि, इस फैसले से मध्यम वर्ग और पहली बार घर खरीदने वालों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। रियल एस्टेट विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ी हुई लागत के कारण कुछ समय के लिए प्रॉपर्टी बाजार में सुस्ती भी आ सकती है। कब होगा लागू? फिलहाल यह प्रस्ताव विचाराधीन है। संबंधित विभागों और हितधारकों से राय लेने के बाद सरकार अंतिम फैसला लेगी। यदि मंजूरी मिलती है तो आने वाले महीनों में नए सर्किल रेट लागू किए जा सकते हैं। कुल मिलाकर, दिल्ली में प्रॉपर्टी खरीदने की सोच रहे लोगों को जल्द फैसला लेना पड़ सकता है, क्योंकि सर्किल रेट बढ़ते ही घर और जमीन की कीमतें और जेब पर बोझ बढ़ना तय माना जा रहा है।
माघ मेला में अफरा-तफरी: सेक्टर-5 के शिविर में भीषण आग, मची भगदड़; दमकल ने पाया काबू
प्रयागराज। माघ मेला क्षेत्र में मंगलवार शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब सेक्टर-5 स्थित एक शिविर में अचानक भीषण आग लग गई। आग की तेज लपटें और धुएं का गुबार दूर से ही दिखाई देने लगा, जिससे मेले में मौजूद श्रद्धालुओं और कल्पवासियों में दहशत फैल गई। हालात बिगड़ते देख लोग अपने-अपने तंबू छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे, जिससे कुछ देर के लिए भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, मेला प्रशासन और अग्निशमन विभाग की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने कई दमकल गाड़ियों की मदद से आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू किया। कड़ी मशक्कत के बाद आग को फैलने से रोक लिया गया, जिससे आसपास के अन्य शिविरों को बड़ा नुकसान होने से बचा लिया गया। प्रशासन के अनुसार, प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट या किसी ज्वलनशील सामग्री का संपर्क माना जा रहा है, हालांकि वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन शिविर में रखा सामान और तंबू पूरी तरह जलकर खाक हो गए। मेला प्रशासन ने मौके पर मौजूद लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की और सुरक्षा के मद्देनजर पूरे क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है। अधिकारियों ने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए अग्नि सुरक्षा मानकों को और सख्ती से लागू किया जाएगा तथा शिविरों में बिजली और गैस के उपयोग की नियमित जांच की जाएगी। घटना के बाद माघ मेला क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और चौकसी और मजबूत कर दी गई है, ताकि श्रद्धालु सुरक्षित रूप से अपने धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कर सकें।