पटना। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) में तेजस्वी यादव को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने के बाद बिहार की राजनीति में बयानबाज़ी तेज़ हो गई है। विपक्षी दलों ने इस फैसले को लेकर न सिर्फ सवाल उठाए हैं, बल्कि राजद की आंतरिक लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर भी निशाना साधा है। इस सियासी घमासान में लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान का बयान सबसे ज्यादा चर्चा में है। चिराग पासवान का सीधा सवाल—काबिलियत या विरासत? चिराग पासवान ने तेजस्वी यादव की राजनीतिक क्षमता पर सवाल उठाते हुए कहा कि राजद आज भी एक परिवार के इर्द-गिर्द सिमटी हुई पार्टी है। उनके मुताबिक, “राजद में पद और जिम्मेदारी योग्यता के आधार पर नहीं, बल्कि पारिवारिक पहचान के आधार पर तय होती है।” उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर किसी दल में एक ही परिवार के सदस्य बार-बार शीर्ष पदों पर आसीन हों, तो यह लोकतंत्र नहीं, बल्कि वंशवाद का उदाहरण है। जदयू ने उठाया आपराधिक मामलों का मुद्दा वहीं, जनता दल (यूनाइटेड) ने भी तेजस्वी यादव की नियुक्ति पर सवाल खड़े किए हैं। जदयू नेताओं ने तेजस्वी यादव पर दर्ज आपराधिक मामलों का हवाला देते हुए कहा कि ऐसे व्यक्ति को राष्ट्रीय स्तर की जिम्मेदारी देना गलत संदेश देता है। पार्टी नेताओं का कहना है कि नैतिकता और राजनीतिक शुचिता की बात करने वाली पार्टियों को पहले अपने घर में झांकना चाहिए। राजद का पलटवार—युवाओं की आवाज हैं तेजस्वी राजद की ओर से इन आरोपों को सिरे से खारिज किया गया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि तेजस्वी यादव को उनकी संगठनात्मक क्षमता, युवाओं के बीच लोकप्रियता और राजनीतिक अनुभव के आधार पर यह जिम्मेदारी दी गई है। राजद प्रवक्ताओं ने कहा कि “तेजस्वी यादव आज बिहार की सबसे मजबूत विपक्षी आवाज हैं और जनता ने उन्हें बार-बार अपना समर्थन दिया है।” बिहार की राजनीति में फिर गर्माया वंशवाद का मुद्दा तेजस्वी यादव की नई भूमिका ने एक बार फिर बिहार की राजनीति में वंशवाद बनाम नेतृत्व क्षमता की बहस को केंद्र में ला दिया है। जहां विपक्ष इसे परिवारवाद का प्रतीक बता रहा है, वहीं राजद इसे राजनीतिक उत्तराधिकार के साथ-साथ जनादेश का सम्मान करार दे रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह विवाद सिर्फ बयानबाज़ी तक सीमित रहता है या बिहार की सियासत में नए राजनीतिक समीकरणों को जन्म देता है।
आरजेडी में नेतृत्व का नया अध्याय: तेजस्वी यादव बने कार्यकारी अध्यक्ष
पटना बैठक में सर्वसम्मति से फैसला, लालू यादव बने रहेंगे राष्ट्रीय अध्यक्ष पटना। बिहार विधानसभा चुनाव के बाद राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने संगठनात्मक स्तर पर बड़ा और दूरगामी फैसला लिया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को आरजेडी का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। यह निर्णय रविवार को पटना के प्रतिष्ठित होटल मौर्या में आयोजित राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया। इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता स्वयं आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने की। बैठक से पहले ही राजनीतिक गलियारों में कयास लगाए जा रहे थे कि तेजस्वी यादव को पार्टी में कोई बड़ी जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है, और अंततः वही हुआ जिसकी अटकलें लगाई जा रही थीं। लालू यादव का अनुभव, तेजस्वी की कमान बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि लालू प्रसाद यादव अपने कार्यकाल की समाप्ति तक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने रहेंगे, जबकि तेजस्वी यादव को संगठन की रोज़मर्रा की गतिविधियों और राजनीतिक रणनीति की अहम जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। इस फैसले को आरजेडी में पीढ़ीगत नेतृत्व परिवर्तन की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। तेजस्वी यादव के कंधों पर बढ़ी जिम्मेदारी कार्यकारी अध्यक्ष बनने के साथ ही तेजस्वी यादव के सामने पार्टी को नए सिरे से संगठित करने, ज़मीनी स्तर पर मजबूती लाने और आगामी चुनावों के लिए स्पष्ट राजनीतिक दिशा तय करने की चुनौती होगी। विधानसभा चुनाव में विपक्ष के नेता के रूप में उनकी सक्रिय भूमिका पहले ही उन्हें पार्टी का सबसे प्रमुख चेहरा बना चुकी है। पार्टी में उत्साह, समर्थकों में भरोसा आरजेडी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि तेजस्वी यादव युवा नेतृत्व का प्रतीक हैं और उनके नेतृत्व में पार्टी नए सिरे से जनाधार को मजबूत करेगी। बैठक में मौजूद नेताओं ने भरोसा जताया कि लालू यादव के अनुभव और तेजस्वी यादव की ऊर्जा का मेल आरजेडी को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह फैसला न सिर्फ पार्टी के अंदरूनी ढांचे को मज़बूत करेगा, बल्कि बिहार की राजनीति में आरजेडी की भविष्य की रणनीति का भी संकेत देता है।
नरसिंगदी में हिंदू युवक की जिंदा जलाकर हत्या, सोते समय गैराज में लगाई गई आग
नरसिंगदी (बांग्लादेश): बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा मामला नरसिंगदी ज़िले से सामने आया है, जहां 23 वर्षीय हिंदू युवक चंचल चंद्र भौमिक की सोते समय जिंदा जलाकर हत्या कर दी गई। यह घटना इलाके में भय और आक्रोश का माहौल पैदा कर रही है। मिली जानकारी के अनुसार, चंचल चंद्र भौमिक स्थानीय स्तर पर एक **गैराज कर्मचारी** के रूप में काम करता था। रोज़ की तरह काम खत्म करने के बाद वह उसी गैराज में सो गया था। देर रात अज्ञात हमलावरों ने गैराज में आग लगा दी, जिससे चंचल की मौके पर ही जलकर मौत हो गई। सोते समय बनाया गया निशाना स्थानीय लोगों का कहना है कि आग इतनी तेज़ थी कि चंचल को बाहर निकलने का कोई मौका नहीं मिला। सुबह जब आसपास के लोगों ने धुआं उठता देखा, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। दमकल विभाग और पुलिस को सूचना दी गई, लेकिन युवक की जान नहीं बचाई जा सकी। जांच में जुटी पुलिस पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। हालांकि अब तक हमलावरों की पहचान नहीं हो सकी है। प्रारंभिक जांच में इसे आपराधिक साजिश माना जा रहा है, लेकिन स्थानीय हिंदू समुदाय इसे सांप्रदायिक हिंसा से जोड़कर देख रहा है। हिंदू समुदाय में डर और आक्रोश घटना के बाद इलाके में हिंदू समुदाय में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अल्पसंख्यकों पर हमले लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हो पा रही। समुदाय के नेताओं ने सरकार से सुरक्षा बढ़ाने और निष्पक्ष जांच की मांग की है। अंतरराष्ट्रीय चिंता का विषय मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा गंभीर चिंता का विषय बन चुकी है। इस तरह की घटनाएं न केवल कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाती हैं, बल्कि देश की सामाजिक सौहार्द्र पर भी गहरा आघात करती हैं।
पटना NEET छात्रा मौत मामला: FSL रिपोर्ट ने खोले सनसनीखेज़ राज़, अंतःवस्त्र पर मिले मानव शुक्राणु के अवशेष
पटना। राजधानी पटना में नीट (NEET) की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में जांच को एक अहम और चौंकाने वाला मोड़ मिला है। विशेष जांच दल (SIT) को फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (FSL) की बायोलॉजिकल रिपोर्ट प्राप्त हो गई है, जिसमें छात्रा के अंतःवस्त्र (अंडर गारमेंट्स) पर मानव शुक्राणु के अवशेष पाए जाने की पुष्टि की गई है। इस खुलासे के बाद मामला आत्महत्या या सामान्य मृत्यु से आगे बढ़कर गंभीर आपराधिक साजिश की ओर इशारा कर रहा है। FSL रिपोर्ट से बढ़ी जांच की गंभीरता सूत्रों के मुताबिक, FSL की रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि बरामद अंतःवस्त्र पर पाए गए जैविक सैंपल मानव शुक्राणु के हैं। यह रिपोर्ट SIT के लिए निर्णायक सबूत मानी जा रही है। अब इन सैंपलों की डीएनए प्रोफाइलिंग कराई जाएगी, ताकि उनकी तुलना अब तक गिरफ्तार अभियुक्त और अन्य संदिग्धों से की जा सके। डीएनए मिलान से खुल सकते हैं कई चेहरे जांच एजेंसियों का मानना है कि डीएनए मिलान के बाद यह साफ हो सकेगा कि घटना के समय छात्रा के संपर्क में कौन-कौन लोग थे। यदि डीएनए किसी आरोपी या संदिग्ध से मेल खाता है, तो यह मामला यौन शोषण और हत्या की दिशा में निर्णायक मोड़ ले सकता है। परिवार के आरोप और सवाल छात्रा के परिजनों ने शुरू से ही मौत को संदिग्ध बताते हुए गंभीर आरोप लगाए थे। उनका कहना था कि उनकी बेटी मानसिक रूप से मजबूत थी और आत्महत्या जैसा कदम नहीं उठा सकती। FSL रिपोर्ट आने के बाद परिजनों के आरोपों को बल मिला है और उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की है। SIT की जांच तेज SIT अब मामले की हर कड़ी को जोड़ने में जुट गई है। कॉल डिटेल्स, सीसीटीवी फुटेज, छात्रा की गतिविधियों और संदिग्धों के बयान की दोबारा समीक्षा की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ रही है और जल्द ही मामले में बड़ा खुलासा हो सकता है। इस सनसनीखेज़ खुलासे के बाद राज्यभर में आक्रोश का माहौल है। छात्र संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने निष्पक्ष और तेज़ जांच की मांग करते हुए प्रदर्शन भी किए हैं। सभी की निगाहें अब डीएनए रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो इस रहस्यमयी मौत की असली कहानी सामने ला सकती है। (जांच जारी है…)
दिल्ली-एनसीआर में कड़ाके की सर्दी का दौर शुरू, पारा और गिरेगा; घने कोहरे का अलर्ट जारी
नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर में बीते दिनों हुई बारिश के बाद मौसम ने अचानक करवट ली है। तापमान में आई गिरावट के चलते अब ठिठुरन और बढ़ने के आसार हैं। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, आने वाले 7 दिन राजधानी और आसपास के इलाकों में कड़ाके की सर्दी महसूस की जाएगी। सुबह-शाम घना कोहरा लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकता है, वहीं ठंडी हवाओं से सर्दी का असर और तेज होगा। मौसम विभाग के अनुसार, 24 से 30 जनवरी के बीच दिल्ली-एनसीआर में दिन का अधिकतम तापमान 18 से 22 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है, जबकि रात का न्यूनतम तापमान 4 से 13 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। तापमान में यह गिरावट लोगों को ठिठुरन का एहसास कराएगी। पूरे हफ्ते बदला-बदला रहेगा मौसम मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस पूरे सप्ताह दिल्ली-एनसीआर में मौसम का मिजाज अस्थिर बना रहेगा। आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है और सुबह के समय घना कोहरा देखने को मिल सकता है, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो सकता है। खासकर दफ्तर जाने वाले लोगों और स्कूल जाने वाले बच्चों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। 27 जनवरी को हल्की बारिश की संभावना मौसम विभाग ने यह भी संकेत दिए हैं कि 27 जनवरी को हल्की बारिश हो सकती है। अगर ऐसा होता है तो तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे ठंड का असर और बढ़ जाएगा। इसके बाद 28 से 30 जनवरी के बीच मौसम अपेक्षाकृत सामान्य रहने की उम्मीद है, हालांकि हल्के बादल और कोहरा बने रह सकते हैं। लगातार गिरते तापमान और घने कोहरे को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बुजुर्गों और बच्चों को खास सावधानी बरतने की सलाह दी है। गर्म कपड़े पहनने, सुबह-शाम अनावश्यक बाहर निकलने से बचने और वाहन चलाते समय सतर्क रहने की जरूरत है।
क्या बार-बार प्रेग्नेंसी से बढ़ जाता है सर्वाइकल कैंसर का खतरा? डॉक्टर ने बताई पूरी सच्चाई, जानिए हर जरूरी बात
सर्वाइकल कैंसर आज के समय में महिलाओं की सेहत से जुड़ी एक गंभीर और संवेदनशील समस्या बन चुका है। भारत में हर साल बड़ी संख्या में महिलाएं इस बीमारी की चपेट में आती हैं। इसी बीच आम महिलाओं के मन में अक्सर यह सवाल उठता है कि क्या कई बार गर्भवती होना (बार-बार प्रेग्नेंसी) सर्वाइकल कैंसर के खतरे को बढ़ाता है? इस विषय पर समाज में कई तरह की बातें और भ्रम फैले हुए हैं। आइए डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की राय के आधार पर इस मुद्दे को विस्तार से समझते हैं। सर्वाइकल कैंसर क्या है? सर्वाइकल कैंसर गर्भाशय के निचले हिस्से यानी सर्विक्स (Cervix) में होने वाला कैंसर है। यह बीमारी धीरे-धीरे विकसित होती है और शुरुआत में इसके लक्षण बहुत मामूली होते हैं, जिस कारण कई बार महिलाएं समय पर इसे पहचान नहीं पातीं। डॉक्टरों के अनुसार, सर्वाइकल कैंसर का सबसे बड़ा कारण है ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) संक्रमण। यह एक आम वायरस है, जो यौन संपर्क के जरिए फैलता है। ज्यादातर मामलों में शरीर की इम्युनिटी इसे खत्म कर देती है, लेकिन अगर यह वायरस लंबे समय तक शरीर में बना रहे तो कैंसर का रूप ले सकता है। क्या बार-बार प्रेग्नेंसी से बढ़ता है सर्वाइकल कैंसर का खतरा? विशेषज्ञों का कहना है कि बार-बार प्रेग्नेंसी होना सीधे तौर पर सर्वाइकल कैंसर की वजह नहीं है, लेकिन इससे जुड़े कुछ कारक इस खतरे को बढ़ा सकते हैं। डॉक्टर बताते हैं कि: कई बार गर्भधारण करने से सर्विक्स पर बार-बार खिंचाव और चोट जैसी स्थिति बनती है। प्रेग्नेंसी के दौरान शरीर में हार्मोनल बदलाव होते हैं, जो HPV वायरस को सक्रिय बना सकते हैं। जिन महिलाओं को पहले से HPV संक्रमण है, उनमें ज्यादा बार प्रेग्नेंसी होने पर सर्वाइकल कैंसर का जोखिम थोड़ा बढ़ सकता है। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि हर महिला जो कई बार मां बनती है, उसे सर्वाइकल कैंसर होगा—यह बिल्कुल सही नहीं है। डॉक्टरों की राय क्या कहती है? गायनेकोलॉजिस्ट्स और ऑन्कोलॉजिस्ट्स के मुताबिक: सर्वाइकल कैंसर का सबसे बड़ा कारण HPV संक्रमण है, न कि प्रेग्नेंसी की संख्या। कम उम्र में शादी और जल्दी गर्भधारण असुरक्षित यौन संबंध बार-बार बच्चों का जन्म धूम्रपान और तंबाकू का सेवन * लंबे समय तक गर्भनिरोधक गोलियों का इस्तेमाल ये सभी फैक्टर मिलकर खतरे को बढ़ा सकते हैं। डॉक्टरों का साफ कहना है कि सही जानकारी और समय पर जांच से इस बीमारी को रोका जा सकता है। सर्वाइकल कैंसर के शुरुआती लक्षण इस बीमारी की पहचान समय पर हो जाए तो इलाज आसान हो जाता है। इसके कुछ शुरुआती लक्षण इस प्रकार हैं: पीरियड्स के दौरान या बाद में असामान्य ब्लीडिंग यौन संबंध के बाद खून आना पेट या कमर के निचले हिस्से में लगातार दर्द असामान्य और बदबूदार वेजाइनल डिस्चार्ज इन लक्षणों को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है। बचाव के लिए क्या करें? डॉक्टर महिलाओं को कुछ जरूरी सावधानियां अपनाने की सलाह देते हैं: HPV वैक्सीनेशन: यह वैक्सीन सर्वाइकल कैंसर से बचाव में बेहद कारगर मानी जाती है, खासकर कम उम्र की लड़कियों के लिए। नियमित जांच : 25 साल की उम्र के बाद महिलाओं को नियमित रूप से पैप स्मीयर टेस्ट या HPV टेस्ट कराना चाहिए। सुरक्षित यौन संबंध सुरक्षित संबंध अपनाने से HPV संक्रमण का खतरा कम होता है। स्वस्थ जीवनशैली धूम्रपान से बचें, संतुलित आहार लें और इम्युनिटी मजबूत रखें।बार-बार प्रेग्नेंसी होना अपने आप में सर्वाइकल कैंसर का सीधा कारण नहीं है, लेकिन अगर इसके साथ HPV संक्रमण और अन्य जोखिम कारक जुड़े हों, तो खतरा बढ़ सकता है। सही समय पर जांच, जागरूकता और सावधानी अपनाकर इस गंभीर बीमारी से बचाव पूरी तरह संभव है।
T20 वर्ल्ड कप 2026 से बाहर हुआ बांग्लादेश, ICC ने स्कॉटलैंड को दी बड़ी एंट्री
नई दिल्ली। इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने एक बड़ा और चौंकाने वाला फैसला लेते हुए बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) को टी20 वर्ल्ड कप 2026 से बाहर कर दिया है। भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में अगले महीने से शुरू होने वाले इस मेगा टूर्नामेंट में अब बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को शामिल किया गया है। समाचार एजेंसी पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से इस फैसले की पुष्टि की है। सुरक्षा को लेकर भारत आने से किया इनकार आईसीसी का यह सख्त कदम उस समय सामने आया, जब बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए भारत में वर्ल्ड कप मैच खेलने से इनकार कर दिया। बताया जा रहा है कि यह पूरा विवाद तब गहराया जब बांग्लादेश के स्टार गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को आईपीएल 2026 से बाहर किया गया, जिसके बाद बीसीबी ने भारत यात्रा को लेकर अपना रुख बदल लिया। 24 घंटे की डेडलाइन का नहीं दिया जवाब पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, आईसीसी ने बीसीबी को आधिकारिक तौर पर 24 घंटे का समय दिया था ताकि वह भारत आने को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट करे। लेकिन तय समयसीमा के भीतर कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिलने पर आईसीसी ने कड़ा फैसला ले लिया। सूत्रों के अनुसार, “बीती शाम बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन अमिनुल इस्लाम बुलबुल को एक आधिकारिक ई-मेल भेजा गया, जिसमें साफ किया गया कि तय डेडलाइन का पालन न करने के कारण बांग्लादेश को टूर्नामेंट से रिप्लेस किया जा रहा है।” ICC प्रोटोकॉल उल्लंघन बना बड़ी वजह मामले को और गंभीर तब माना गया जब बीसीबी ने ढाका में एक आधिकारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसे आईसीसी प्रोटोकॉल का उल्लंघन बताया गया। सूत्रों का कहना है कि इसी कदम ने आईसीसी के फैसले को और तेज कर दिया। खेल मंत्रालय का भी सख्त रुख बांग्लादेश के खेल मंत्रालय के सचिव आसिफ नजरुल ने भी सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए अपनी टीम को भारत भेजने से इनकार कर दिया था। हालांकि, आईसीसी ने कई बार आश्वासन दिया कि भारत में बांग्लादेशी टीम को किसी भी तरह का खतरा नहीं है और सभी सुरक्षा इंतज़ाम पुख्ता हैं। स्कॉटलैंड को मिलेगा सुनहरा मौका वहीं, क्रिकेट स्कॉटलैंड की ओर से कहा गया है कि उन्हें अभी तक आईसीसी की ओर से आधिकारिक सूचना नहीं मिली है, लेकिन उन्हें भरोसा है कि जल्द ही औपचारिक निमंत्रण मिल जाएगा। अगर ऐसा होता है, तो यह स्कॉटलैंड क्रिकेट के लिए ऐतिहासिक मौका साबित हो सकता है।
“बिहार में बहन-बेटियां असुरक्षित क्यों?” रोहिणी आचार्य का नीतीश सरकार पर सीधा सवाल
पटना: बिहार में महिलाओं और खासकर बेटियों के खिलाफ बढ़ते अपराधों को लेकर सियासत एक बार फिर गरमा गई है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता रोहिणी आचार्य ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उनकी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब बिहार में लगभग हर दिन बहन-बेटियों के साथ अत्याचार और यौन उत्पीड़न की खबरें सामने आ रही हैं, तब सरकार आखिर कब जागेगी? रोहिणी आचार्य ने कहा कि अपराध के मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है, लेकिन सरकार की ओर से ठोस और प्रभावी कार्रवाई नजर नहीं आती। उन्होंने आरोप लगाया कि बेटियों की सुरक्षा को लेकर किए गए तमाम दावे केवल कागजों तक सीमित रह गए हैं। “जब घर से बाहर निकलते ही डर का माहौल हो, तब विकास और सुशासन की बातें खोखली लगती हैं,” उन्होंने कहा। उन्होंने आगे कहा कि बिहार में महिला सुरक्षा को लेकर सख्त कानून और तेज़ न्याय प्रक्रिया की जरूरत है। दोषियों को तुरंत सजा मिले, तभी अपराधियों में डर पैदा होगा। रोहिणी आचार्य ने यह भी कहा कि पुलिस प्रशासन पर राजनीतिक दबाव और लापरवाही के चलते अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। राजद नेता ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से सीधे सवाल किया कि आखिर कब तक बिहार की बेटियां असुरक्षा के साए में जीने को मजबूर रहेंगी? उन्होंने मांग की कि सरकार महिला सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे, संवेदनशील इलाकों में पुलिस गश्त बढ़ाई जाए और पीड़ितों को त्वरित न्याय व सहायता सुनिश्चित की जाए। रोहिणी आचार्य के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में बहस तेज हो गई है। विपक्ष जहां सरकार को कटघरे में खड़ा कर रहा है, वहीं आने वाले दिनों में महिला सुरक्षा का मुद्दा बिहार की राजनीति में और भी प्रमुखता से उभरता दिख रहा है।
WhatsApp का ‘Primary Controls’ फीचर: बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा के लिए पैरेंट्स को मिलेगी बड़ी ताकत
डिजिटल दौर में बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा माता-पिता के लिए सबसे बड़ी चिंता बनती जा रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए WhatsApp एक नया और अहम फीचर लाने की तैयारी में है, जिसका नाम Primary Controls रखा गया है। इस फीचर के जरिए माता-पिता अपने बच्चों के लिए एक Secondary WhatsApp Account बना सकेंगे, जिसमें चैटिंग और संपर्क को लेकर जरूरी पाबंदियां होंगी। फीचर ट्रैकर WABetaInfo की रिपोर्ट के मुताबिक, यह नया सिस्टम खासतौर पर उन बच्चों के लिए डिजाइन किया गया है जो WhatsApp की न्यूनतम उम्र की शर्त पूरी नहीं करते या जिनके लिए सीमित एक्सेस जरूरी समझा जाता है। माता-पिता के कंट्रोल में होगा बच्चों का WhatsApp Primary Controls फीचर के तहत पैरेंट्स अपने मुख्य WhatsApp अकाउंट से बच्चों का सेकेंडरी अकाउंट सेटअप कर पाएंगे। इसका मतलब यह है कि बच्चे का अकाउंट पूरी तरह माता-पिता की निगरानी में रहेगा। रिपोर्ट के अनुसार, इस सेकेंडरी अकाउंट में बच्चे सिर्फ सेव किए गए कॉन्टैक्ट्स से ही चैट कर सकेंगे। इससे अनजान लोगों, ऑनलाइन फ्रॉड और गलत इरादों वाले यूज़र्स से संपर्क का खतरा काफी हद तक कम हो जाएगा। गलत कंटेंट से मिलेगी सुरक्षा आज के समय में बच्चों का अनचाहे और आपत्तिजनक कंटेंट के संपर्क में आ जाना आम बात हो गई है। WhatsApp का यह नया फीचर बच्चों को ऐसे कंटेंट से दूर रखने में मदद करेगा। सीमित चैट एक्सेस की वजह से माता-पिता यह सुनिश्चित कर सकेंगे कि बच्चा सिर्फ भरोसेमंद लोगों से ही बातचीत कर रहा है। प्राइवेसी से कोई समझौता नहीं इस फीचर की सबसे खास बात यह है कि WhatsApp की end-to-end encryption पॉलिसी पहले की तरह बरकरार रहेगी। यानी बच्चों के मैसेज और कॉल पूरी तरह सुरक्षित और प्राइवेट रहेंगे। WhatsApp ने साफ किया है कि सिक्योरिटी और प्राइवेसी से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। कब तक आएगा यह फीचर? फिलहाल यह फीचर डेवलपमेंट स्टेज में है और टेस्टिंग के बाद इसे यूज़र्स के लिए रोल-आउट किया जा सकता है। उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में यह फीचर उन माता-पिता के लिए राहत लेकर आएगा जो बच्चों की ऑनलाइन एक्टिविटी को लेकर चिंतित रहते हैं। WhatsApp का Primary Controls फीचर बच्चों के लिए सुरक्षित डिजिटल माहौल बनाने की दिशा में एक बड़ा और सराहनीय कदम माना जा रहा है, जिससे पैरेंट्स को कंट्रोल भी मिलेगा और बच्चों की प्राइवेसी भी बनी रहेगी।
ईशान–सूर्या का तूफान,टीम इंडिया ने 209 रन चेज कर सीरीज में बनाई 2-0 की अजेय बढ़त
रायपुर: रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए भारत बनाम न्यूजीलैंड टी20 सीरीज के दूसरे मुकाबले में टीम इंडिया ने दमदार प्रदर्शन करते हुए मेहमान टीम को 7 विकेट से मात दी और पांच मैचों की सीरीज में 2-0 की मजबूत बढ़त हासिल कर ली। 209 रनों जैसे बड़े लक्ष्य को भारतीय बल्लेबाजों ने जिस सहजता से हासिल किया, उसने मैच को एकतरफा बना दिया। न्यूजीलैंड की ठोस शुरुआत, 208 रन तक पहुंची कीवी टीम टॉस के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए न्यूजीलैंड की शुरुआत शानदार रही। ओपनर्स डेवन कॉन्वे और टिम साइफर्ट ने पावरप्ले में आक्रामक अंदाज में रन बटोरे और भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बनाया। इसके बाद युवा ऑलराउंडर रचिन रवींद्र ने 26 गेंदों में 44 रनों की बेहतरीन पारी खेलकर रन गति को बनाए रखा। मध्य और अंतिम ओवरों में कप्तान मिचेल सैंटनर ने जिम्मेदारी संभाली और 27 गेंदों पर नाबाद 47 रन जड़ते हुए टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचाया। ग्लेन फिलिप्स (19 रन) और डैरिल मिचेल (18 रन) ने भी उपयोगी योगदान दिया। निर्धारित 20 ओवरों में न्यूजीलैंड ने 6 विकेट पर 208 रन बनाए। गेंदबाजी में कुलदीप चमके, अर्शदीप रहे महंगे भारतीय गेंदबाजों की बात करें तो कुलदीप यादव सबसे सफल रहे और उन्होंने 2 अहम विकेट झटके। हर्षित राणा, हार्दिक पंड्या, वरुण चक्रवर्ती और शिवम दुबे को एक-एक सफलता मिली। हालांकि, अर्शदीप सिंह का दिन अच्छा नहीं रहा और उन्होंने अपने 4 ओवर में बिना विकेट लिए 53 रन लुटा दिए। लक्ष्य का पीछा: ईशान–सूर्यकुमार का धमाकेदार शो 209 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम इंडिया ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। ईशान किशन और सूर्यकुमार यादव ने न्यूजीलैंड के गेंदबाजों की एक न चलने दी। ईशान ने जहां ताकत और टाइमिंग का शानदार मिश्रण दिखाया, वहीं सूर्यकुमार यादव ने अपने खास अंदाज में 360 डिग्री शॉट्स से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। दोनों बल्लेबाजों की ताबड़तोड़ पारियों ने रन चेज को बेहद आसान बना दिया। भारतीय टीम ने जरूरी रन रेट को कभी बढ़ने नहीं दिया और 7 विकेट शेष रहते लक्ष्य हासिल कर लिया। सीरीज पर मजबूत पकड़ इस जीत के साथ टीम इंडिया ने न सिर्फ मुकाबला अपने नाम किया, बल्कि सीरीज में 2-0 की बढ़त लेकर न्यूजीलैंड पर दबाव भी बढ़ा दिया है। घरेलू परिस्थितियों में भारतीय टीम का आत्मविश्वास चरम पर नजर आ रहा है, जबकि कीवी टीम को अगले मैचों में वापसी के लिए रणनीति पर नए सिरे से काम करना होगा। रायपुर की इस जीत ने साफ कर दिया कि मौजूदा फॉर्म में भारतीय टी20 टीम किसी भी बड़े लक्ष्य को आसानी से हासिल करने की क्षमता रखती है।