सिकलीगढ़ धरहरा में राजकीय होलिका दहन, लाखों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में गूंजा “नरसिंह भगवान की जय”

पूर्णिया, प्रतिनिधि। बिहार के पूर्णिया जिले के बनमनखी अनुमंडल अंतर्गत सिकलीगढ़ धरहरा गांव सोमवार की देर संध्या आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक वैभव के अद्भुत संगम का साक्षी बना। मान्यता है कि इसी पावन भूमि पर भक्त प्रह्लाद की रक्षा के लिए भगवान नरसिंह खंभा फाड़कर प्रकट हुए थे। इस ऐतिहासिक आस्था से जुड़ा राजकीय होलिका दहन महोत्सव इस वर्ष भी भव्यता और दिव्यता के साथ संपन्न हुआ, जिसमें करीब एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया। प्रह्लाद स्तंभ परिसर में आयोजित इस महोत्सव का उद्घाटन बिहार सरकार की खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री लेसी सिंह और बनमनखी के विधायक कृष्ण कुमार ऋषि ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम का आयोजन राज्य के कला, संस्कृति एवं युवा विभाग द्वारा किया गया। उद्घाटन अवसर पर मंत्री लेसी सिंह ने कहा कि सिकलीगढ़ धरहरा केवल पूर्णिया ही नहीं, बल्कि पूरे देश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस ऐतिहासिक स्थल के संरक्षण, संवर्द्धन और धार्मिक पर्यटन के रूप में इसके विकास के लिए प्रतिबद्ध है। वहीं विधायक कृष्ण कुमार ऋषि ने कहा कि सिकलीगढ़ धरहरा को धार्मिक पर्यटन के राष्ट्रीय मानचित्र पर सशक्त पहचान दिलाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यहां के कण-कण में भगवान नरसिंह की आस्था रची-बसी है और अनेक पुरातात्विक साक्ष्य इसकी पुष्टि करते हैं। वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के बीच जैसे ही विशाल होलिका में अग्नि प्रज्वलित हुई, पूरा परिसर “नरसिंह भगवान की जय” के उद्घोष से गूंज उठा। आसमान रंग-बिरंगी आतिशबाजी से जगमगा उठा और श्रद्धालुओं ने परंपरागत ‘धुरखेल’ की शुरुआत की। यहां सदियों से चली आ रही मान्यता के अनुसार होलिका की भस्म से होली खेली जाती है, जिसे अत्यंत शुभ और पवित्र माना जाता है। इस अनूठी परंपरा को देखने और उसमें सहभागिता के लिए बिहार के विभिन्न जिलों के अलावा नेपाल, झारखंड और पश्चिम बंगाल से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी धरती पर दैत्यराज हिरण्यकश्यप की बहन होलिका भक्त प्रह्लाद को गोद में लेकर अग्नि में बैठी थी, किंतु वरदान के बावजूद वह स्वयं भस्म हो गई और प्रह्लाद सुरक्षित बच गए। इसके पश्चात भगवान विष्णु ने नरसिंह अवतार धारण कर हिरण्यकश्यप का वध किया। यह घटना अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक मानी जाती है, जो आगे चलकर होली पर्व के रूप में स्थापित हुई। आयोजन को लेकर प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा प्रबंध किए थे। कार्यक्रम स्थल से लगभग डेढ़ किलोमीटर पहले बैरिकेडिंग कर वाहनों का प्रवेश रोका गया था। महिला एवं पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग प्रवेश एवं निकास द्वार बनाए गए थे। बड़ी संख्या में पुलिस बल और दंडाधिकारियों की तैनाती के कारण पूरा आयोजन शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ। सिकलीगढ़ धरहरा में आयोजित यह राजकीय होलिका दहन महोत्सव केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आस्था, इतिहास और सांस्कृतिक विरासत का जीवंत उत्सव बनकर उभरा। इस आयोजन ने एक बार फिर पूर्णिया को देश-विदेश के श्रद्धालुओं के आध्यात्मिक केंद्र के रूप में स्थापित कर दिया है।

“नारी शक्ति का उत्सव: अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस और होली मिलन में सम्मानित हुईं समाज की अग्रणी महिलाएं”

छपरा, 02 फरवरी। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सामाजिक दायित्वों का निर्वहन कर रही संस्था कौशिकी रूरल डेवलपमेंट सोसाइटी के तत्वावधान में प्रभुनाथ नगर स्थित प्रधान कार्यालय सभागार में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस सह होली मिलन समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिलाओं को सम्मानित कर उनके प्रयासों को सराहना और प्रोत्साहन देना था। समारोह का शुभारंभ राज्य एवं देश की वयोवृद्ध महिला समाजसेविका सिस्टर ज्योति सहित जिला महिला सशक्तिकरण केंद्र (DHEW) की प्रतिनिधि निभा सिंह, वन स्टॉप सेंटर की केंद्र प्रशासक मधुबाला, संस्था की संस्थापिका सह निर्देशिका डॉ अंजली सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता खुशबू ठाकुर और अन्य गणमान्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। दीप प्रज्वलन के साथ ही पूरे सभागार में उत्साह और ऊर्जा का वातावरण बन गया। नारी: परिवार की आधारशिला से राष्ट्र निर्माण की धुरी तक सम्मान समारोह के पश्चात अपने प्रेरणादायक संबोधन में सिस्टर ज्योति ने कहा कि नारी केवल परिवार की आधारशिला ही नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण की सशक्त धुरी भी हैं। उन्होंने कहा कि आज की महिला शिक्षा, चिकित्सा, प्रशासन, विज्ञान, खेल और राजनीति जैसे विविध क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा और परिश्रम के बल पर नई ऊंचाइयों को छू रही है। उन्होंने यह भी कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी समाज में सकारात्मक परिवर्तन का स्पष्ट संकेत है। अपने संबोधन के अंत में उन्होंने सभी सम्मानित महिलाओं को बधाई देते हुए कहा कि प्रत्येक महिला के भीतर अपार शक्ति और संभावनाएं निहित हैं, आवश्यकता केवल उन्हें पहचानने और आगे बढ़ने की है। उनके विचारों का उपस्थित लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट से स्वागत किया। महिला सशक्तिकरण: एक सतत प्रक्रिया संस्था की संस्थापिका सह निर्देशिका डॉ अंजली सिंह ने अपने वक्तव्य में कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल एक नारा नहीं, बल्कि यह एक सतत सामाजिक प्रक्रिया है, जिसके लिए परिवार, समाज और सरकार को मिलकर प्रयास करना होगा। उन्होंने बेटियों की शिक्षा पर विशेष जोर देते हुए कहा कि शिक्षित महिला न केवल स्वयं आत्मनिर्भर बनती है, बल्कि पूरे परिवार और आने वाली पीढ़ी को भी सशक्त बनाती है। उन्होंने महिलाओं से अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और किसी भी प्रकार के अन्याय या भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाने का आह्वान किया। साथ ही समाज से आग्रह किया कि महिलाओं को समान अवसर और सम्मान प्रदान कर ही एक समतामूलक और विकसित राष्ट्र का निर्माण संभव है। सम्मान और समरसता का संदेश कार्यक्रम के दौरान अतिथियों को मोमेंटो एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया। डॉ अंजली सिंह, कोषाध्यक्ष सोनी कुमारी और वरीय सदस्य पुष्पा सिंह द्वारा संयुक्त रूप से अतिथियों का अभिनंदन किया गया। वहीं मुख्य अतिथि सिस्टर ज्योति एवं अन्य विशिष्ट अतिथियों द्वारा भी डॉ अंजली सिंह, पुष्पा सिंह और सोनी कुमारी को सम्मानित किया गया। सचिव सुरेश कुमार राय एवं संरक्षक धर्मेंद्र रस्तोगी के सहयोग से कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। समारोह के अंत में उपस्थित महिलाओं और अतिथियों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं, जिससे वातावरण में सामाजिक समरसता और सौहार्द का सुंदर संदेश प्रसारित हुआ। इस अवसर पर डॉ नीतू सिंह, डॉ गुंजन सिंह, अनामिका कुमारी, प्रीति कुमारी, संगीत शिक्षिका प्रियंका कुमारी, कंचन बाला, पूनम कुमारी, मुन्नी, गुड़िया सहित कई अन्य गणमान्य महिलाएं उपस्थित रहीं। यह आयोजन न केवल महिला सशक्तिकरण का संदेश देने में सफल रहा, बल्कि समाज में समानता, सम्मान और सहभागिता की भावना को भी मजबूत करने का एक सार्थक प्रयास साबित हुआ।

होली पर ‘सशक्त नारी, समृद्ध दिल्ली’ का संदेश: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने चार महिला-केंद्रित योजनाओं की शुरुआत की

नई दिल्ली। होली के अवसर पर राजधानी की महिलाओं और बेटियों को बड़ा तोहफा देते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सोमवार को इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में दिल्ली सरकार की चार महत्वाकांक्षी योजनाओं का विधिवत शुभारंभ किया। ‘सशक्त नारी, समृद्ध दिल्ली’ नामक कार्यक्रम में मुफ्त बस यात्रा के लिए स्मार्ट पिंक कार्ड, मुफ्त एलपीजी सिलेंडर योजना, दिल्ली लखपति बिटिया योजना और ‘मेरी पूंजी मेरा अधिकार’ योजना को लॉन्च किया गया। कार्यक्रम का आयोजन दिल्ली की भाजपा सरकार के एक वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में किया गया। मंच पर उपराज्यपाल वीके सक्सेना, केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा, कैबिनेट मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा, डॉ. पंकज सिंह और मुख्य सचिव राजीव वर्मा उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री के ‘नारी वंदन’ के संकल्प को दिल्ली सरकार ने जन-कल्याणकारी योजनाओं के रूप में धरातल पर उतारा है। पिंक मोबिलिटी कार्ड: महिलाओं के लिए सुरक्षित और सशक्त सफर नई व्यवस्था के तहत दिल्ली की महिला निवासी डीटीसी बसों में पिंक कार्ड के माध्यम से मुफ्त यात्रा कर सकेंगी। यह कार्ड केवल बसों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि मेट्रो, रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) और अन्य सार्वजनिक परिवहन सेवाओं में भुगतान आधारित यात्रा के लिए भी उपयोगी होगा। सरकार तीन प्रकार के मोबिलिटी कार्ड जारी करेगी, जिन्हें मौजूदा ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन सिस्टम से जोड़ा जाएगा। पिंक कार्ड पूरी तरह निःशुल्क होगा और इसकी लागत दिल्ली सरकार वहन करेगी। यह पहल महिलाओं की सुरक्षित, सुलभ और आर्थिक रूप से आसान यात्रा सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है। ‘दिल्ली लखपति बिटिया योजना’: बेटियों के भविष्य की मजबूत नींव पूर्व में संचालित योजना को नए स्वरूप में ‘दिल्ली लखपति बिटिया योजना’ के रूप में पुनर्गठित किया गया है। पहले बालिका के जन्म पर अस्पताल में 11,000 रुपये और घर पर जन्म होने पर 10,000 रुपये जमा किए जाते थे। अब नई योजना के तहत विभिन्न चरणों में कुल 56,000 रुपये बालिका के नाम पर जमा किए जाएंगे। ब्याज सहित 21 वर्ष की आयु तक यह राशि एक लाख रुपये से अधिक हो जाने की संभावना है। इस योजना का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि बालिका शिक्षा और सशक्तिकरण को दीर्घकालिक आधार प्रदान करना है।  ‘मेरी पूंजी मेरा अधिकार’: लाडली योजना की लंबित राशि का वितरण कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति मुर्मु ने सोनल, सीमा, किरण, ईशा और वंदना सहित लाभार्थियों को ‘मेरी पूंजी मेरा अधिकार’ योजना के तहत लाडली योजना की परिपक्वता राशि के चेक वितरित किए। दिल्ली लाडली योजना के अंतर्गत 40,642 पात्र लाभार्थियों को 100.25 करोड़ रुपये डिजिटल माध्यम से उनके खातों में स्थानांतरित किए जाएंगे। ये वे लाभार्थी हैं जिन्हें लंबे समय से परिपक्वता राशि प्राप्त नहीं हुई थी। वर्ष 2008 में शुरू की गई लाडली योजना का उद्देश्य बालिका जन्म को प्रोत्साहन देना और शिक्षा के महत्वपूर्ण चरणों पर वित्तीय सहायता प्रदान करना है। अब ‘मेरी पूंजी मेरा अधिकार’ के माध्यम से इसे नई गति दी गई है। होली और दीवाली पर दो मुफ्त एलपीजी सिलेंडर दिल्ली सरकार ने राशन कार्ड धारक परिवारों के लिए साल में दो मुफ्त एलपीजी सिलेंडर देने की घोषणा की है। होली और दीवाली पर एक-एक सिलेंडर की राशि परिवार के मुखिया के आधार-लिंक्ड बैंक खाते में जमा की जाएगी। लगभग 15.5 लाख राशन कार्ड धारक परिवारों को इस योजना से लाभ मिलने की उम्मीद है। इससे महंगाई के दौर में घरेलू बजट पर पड़ने वाले बोझ को कम करने में मदद मिलेगी।

होर्मुज में तनाव, तेल में तूफान: ब्रेंट 4 साल के शिखर पर, भारत समेत एशिया की सप्लाई पर संकट

नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में बढ़ते सैन्य तनाव का असर अब सीधे वैश्विक ऊर्जा बाजार पर दिख रहा है। United States और Israel द्वारा Iran पर हमलों के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया गया है। सोमवार को बाजार खुलते ही अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 13% उछलकर 82 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जो जनवरी 2025 के बाद का उच्चतम स्तर है। वहीं अमेरिकी सूचकांक WTI भी 72 डॉलर के करीब कारोबार करता दिखा।  होर्मुज स्ट्रेट: दुनिया की एनर्जी लाइफलाइन पर ब्रेक तनाव की जड़ है Strait of Hormuz — एक संकीर्ण समुद्री मार्ग, जहां से दुनिया का लगभग 20% कच्चा तेल गुजरता है। इस मार्ग के आसपास बढ़े खतरे के कारण कई शिपिंग कंपनियों ने अपने टैंकरों की आवाजाही अस्थायी रूप से रोक दी है। आशंका है कि अगर यह मार्ग लंबे समय तक बाधित रहा, तो रोजाना 80 से 100 लाख बैरल तक की सप्लाई प्रभावित हो सकती है। ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी कमी की भरपाई अल्पावधि में संभव नहीं है। इस समुद्री रास्ते से केवल कच्चा तेल ही नहीं, बल्कि बड़ी मात्रा में एलएनजी (LNG) की सप्लाई भी होती है, जिससे एशियाई देशों की ऊर्जा सुरक्षा पर सीधा असर पड़ सकता है। 90-100 डॉलर की ओर बढ़ता तेल? बाजार विश्लेषकों के अनुसार, यदि तनाव और गहराता है तो ब्रेंट क्रूड 90 से 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक पहुंच सकता है। इसका सीधा असर वैश्विक महंगाई पर पड़ेगा। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि के साथ परिवहन और उत्पादन लागत बढ़ेगी, जिससे रोजमर्रा की वस्तुओं के दाम भी ऊपर जा सकते हैं। भारत पर क्या असर? India अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल आयात करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय कीमतों में उछाल से देश का आयात बिल बढ़ना तय है। हालांकि सरकार के पास फिलहाल पर्याप्त रणनीतिक भंडार (Strategic Reserves) मौजूद हैं, जिससे तत्काल संकट की संभावना कम है। OPEC+ देशों ने उत्पादन बढ़ाने का संकेत दिया है, लेकिन यदि समुद्री मार्ग ही बाधित रहा तो अतिरिक्त उत्पादन भी बाजार तक नहीं पहुंच पाएगा। इससे भारत, चीन और जापान जैसे बड़े आयातकों के सामने सप्लाई अनिश्चितता बनी रह सकती है।

अर्जुन तेंदुलकर की शादी 5 मार्च को संभव, अंबानी परिवार के बीच हुआ भव्य प्री-वेडिंग समारोह

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन तेंदुलकर जल्द ही जीवन की नई पारी की शुरुआत करने जा रहे हैं। 26 वर्षीय अर्जुन अपनी मित्र सानिया चंडोक के साथ विवाह सूत्र में बंधने वाले हैं। हालांकि तेंदुलकर परिवार की ओर से अब तक आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार शादी 5 मार्च को होने की संभावना जताई जा रही है। जामनगर में दिखी शाही झलक शादी से पहले के प्री-वेडिंग फंक्शन की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। ये समारोह गुजरात के जामनगर स्थित उद्योगपति मुकेश अंबानी के आवास पर आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में अंबानी परिवार की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को और भव्य बना दिया। इस मौके पर नीता अंबानी भी नजर आईं और उन्होंने अर्जुन की जमकर सराहना की। समारोह के दौरान पूरे परिवार ने भगवान गणेश की विधिवत पूजा-अर्चना की, जिसका वीडियो भी सामने आया है। पारंपरिक परिधान और पारिवारिक माहौल ने इस आयोजन को खास बना दिया। भावुक दिखे सचिन तेंदुलकर प्री-वेडिंग समारोह के दौरान सचिन तेंदुलकर भावुक नजर आए। बेटे की शादी जैसे खास मौके पर एक पिता की संवेदनाएं साफ झलक रही थीं। क्रिकेट के मैदान पर सदैव संयमित दिखने वाले सचिन यहां एक गर्वित और भावुक पिता के रूप में दिखाई दिए। शादी की तारीख और मेहमानों को लेकर चर्चा सूत्रों के मुताबिक अर्जुन और सानिया की शादी 5 मार्च को हो सकती है। इस खास अवसर के लिए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी निमंत्रण भेजा गया है। इसके अलावा राजनीति, उद्योग और खेल जगत की कई जानी-मानी हस्तियों को आमंत्रित किए जाने की खबर है। हालांकि शादी के स्थल को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। सुरक्षा कारणों से तेंदुलकर परिवार ने स्थान को गुप्त रखा है। चूंकि प्री-वेडिंग कार्यक्रम जामनगर में हुआ, इसलिए कयास लगाए जा रहे हैं कि विवाह समारोह भी वहीं आयोजित हो सकता है।

इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम से होगी ‘पिंक मोबिलिटी’ की शुरुआत

दिल्ली की महिलाओं को मिलेगा मुफ्त बस सफर, एक कार्ड से मेट्रो और RRTS में भी डिजिटल भुगतान नई दिल्ली, 1 मार्च। राजधानी दिल्ली की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में महिलाओं के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत होने जा रही है। आगामी 2 मार्च को राष्ट्रपति Droupadi Murmu राजधानी के Indira Gandhi Indoor Stadium में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में ‘पिंक मोबिलिटी कार्ड’ (Pink Mobility Card) का शुभारंभ करेंगी। मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने इसे दिल्ली की महिलाओं के लिए महिला सशक्तिकरण की दिशा में अब तक की सबसे बड़ी सौगात बताते हुए कहा कि यह पहल न केवल सुरक्षा और सुविधा बढ़ाएगी, बल्कि परिवहन व्यवस्था को भी अधिक पारदर्शी और आधुनिक बनाएगी। क्या है पिंक मोबिलिटी कार्ड? ‘पिंक मोबिलिटी कार्ड’ National Common Mobility Card (NCMC) तकनीक पर आधारित एक स्मार्ट, टच-फ्री कार्ड होगा। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसके माध्यम से महिलाएं Delhi Transport Corporation (DTC) की बसों में पूरी तरह मुफ्त यात्रा कर सकेंगी। इसके अतिरिक्त, यही एक कार्ड Delhi Metro Rail Corporation (DMRC) की मेट्रो सेवाओं और National Capital Region Transport Corporation (NCRTC) द्वारा संचालित रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) में डिजिटल भुगतान के लिए भी उपयोग किया जा सकेगा। इस प्रकार, एक ही कार्ड से बस, मेट्रो और RRTS में निर्बाध सफर संभव होगा—वह भी बिना नकद लेनदेन के। तीन रंग, तीन श्रेणियां राज्य सरकार ने परिवहन कार्ड्स को सुव्यवस्थित ढंग से लागू करने के लिए तीन श्रेणियों में विभाजित किया है:  पिंक कार्ड – केवल महिलाओं के लिए, डीटीसी बसों में मुफ्त यात्रा हेतु ब्लू कार्ड – सामान्य यात्रियों के नियमित उपयोग के लिए ऑरेंज कार्ड – मासिक पास बनवाने वाले यात्रियों के लिए प्रारंभिक चरण में पिंक और ब्लू कार्ड जारी किए जाएंगे। इस प्रक्रिया की जिम्मेदारी Delhi Transport Corporation (DTC) को सौंपी गई है। 50 विशेष केंद्रों पर बनेगा कार्ड महिलाओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए राजधानी में लगभग 50 विशेष केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। ये केंद्र डीएम और एसडीएम कार्यालयों के साथ-साथ चुनिंदा डीटीसी केंद्रों पर कार्यरत होंगे। कार्ड बनवाने के लिए आधार कार्ड और मोबाइल नंबर के माध्यम से पहचान की पुष्टि अनिवार्य होगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योजना का लाभ सही पात्र महिलाओं तक पहुंचे और किसी प्रकार की फर्जीवाड़ा या दुरुपयोग की संभावना न रहे। डिजिटल इंडिया की दिशा में एक और कदम मुख्यमंत्री ने इस पहल को प्रधानमंत्री Narendra Modi के ‘डिजिटल इंडिया’ विजन से प्रेरित बताया। यह एक पूरी तरह ‘टच-फ्री’ स्मार्ट कार्ड होगा, जिससे नकद भुगतान की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी। डिजिटल रिकॉर्ड के माध्यम से सरकार को यह भी विश्लेषण करने में सहायता मिलेगी कि किन रूट्स पर महिलाओं की संख्या अधिक है। इससे उन मार्गों पर बसों की संख्या बढ़ाने और सेवाओं को और बेहतर बनाने की रणनीति तैयार की जा सकेगी। महिला सशक्तिकरण की नई पहचान विशेषज्ञों का मानना है कि पिंक मोबिलिटी कार्ड न केवल यात्रा को आसान बनाएगा, बल्कि महिलाओं की आर्थिक भागीदारी को भी बढ़ावा देगा। मुफ्त बस सेवा और एकीकृत डिजिटल भुगतान प्रणाली से रोजाना कामकाजी महिलाओं, छात्राओं और गृहणियों को सीधा लाभ मिलेगा। राजधानी की सड़कों पर अब ‘पिंक मोबिलिटी’ केवल एक कार्ड नहीं, बल्कि महिला स्वावलंबन और डिजिटल सशक्तिकरण का प्रतीक बनने जा रही है।

संजू का सुपर शो, भारत सेमीफाइनल में — 97 की ऐतिहासिक पारी से वेस्टइंडीज पर 5 विकेट से जीत

कोलकाता, 1 मार्च 2026। टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 चरण के आखिरी मुकाबले में टीम इंडिया ने दमदार प्रदर्शन करते हुए वेस्टइंडीज को 5 विकेट से हराकर सेमीफाइनल में जगह पक्की कर ली। कोलकाता के प्रतिष्ठित Eden Gardens में खेले गए इस मुकाबले में भारत ने 196 रनों का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य हासिल कर टूर्नामेंट में अपना अब तक का सबसे बड़ा सफल रन चेज दर्ज किया। इस जीत के नायक रहे संजू सैमसन, जिन्होंने नाबाद 97 रनों की यादगार पारी खेली। लक्ष्य 196 का, जवाब में संजू का धमाका टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी वेस्टइंडीज ने 20 ओवर में 4 विकेट पर 195 रन बनाए। जवाब में भारत की शुरुआत आक्रामक रही, लेकिन नियमित अंतराल पर विकेट गिरते रहे। अभिषेक शर्मा 10 रन बनाकर आउट हुए, जबकि ईशान किशन भी 10 रन ही बना सके। एक छोर पर विकेट गिरते रहे, लेकिन दूसरे छोर पर खड़े संजू सैमसन ने जिम्मेदारी संभाल ली। संजू ने ओपनिंग करते हुए अंत तक क्रीज पर डटे रहे और टीम को जीत दिलाकर ही लौटे। उन्होंने 50 गेंदों पर नाबाद 97 रन बनाए। उनकी पारी में 12 चौके और 4 छक्के शामिल रहे। इस दौरान उन्होंने 104 की स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की और दबाव की घड़ी में परिपक्वता का परिचय दिया। यह टी20 वर्ल्ड कप के रन चेज में किसी भी भारतीय बल्लेबाज द्वारा खेली गई सबसे बड़ी पारी है। इससे पहले यह रिकॉर्ड 82 रन का था, जो Virat Kohli के नाम दर्ज था। वेस्टइंडीज की मजबूत बल्लेबाजी कैरेबियाई टीम की शुरुआत ठोस रही। कप्तान Shai Hope ने 32 रन बनाए, जबकि रोस्टन चेस ने 40 रनों की तेज पारी खेली। नंबर तीन पर उतरे शिमरॉन हेटमायर ने 27 रन जोड़े। शेरफेन रदरफोर्ड 14 रन बनाकर आउट हुए। अंतिम ओवरों में रोवमैन पॉवेल ने 19 गेंदों पर नाबाद 34 रन और जेसन होल्डर ने 22 गेंदों पर नाबाद 37 रन ठोककर स्कोर को 195 तक पहुंचाया। भारत की ओर से जसप्रीत बुमराह ने 2 विकेट झटके, जबकि हार्दिक पांड्या और वरुण चक्रवर्ती को 1-1 सफलता मिली। ऐतिहासिक जीत से बढ़ा आत्मविश्वास 196 रनों का लक्ष्य हासिल कर भारत ने टी20 वर्ल्ड कप इतिहास में अपना सबसे बड़ा सफल रन चेज पूरा किया। संजू सैमसन की यह पारी न सिर्फ व्यक्तिगत उपलब्धि रही, बल्कि टीम को सेमीफाइनल में पहुंचाने वाली निर्णायक पारी भी साबित हुई। अब टीम इंडिया का लक्ष्य सेमीफाइनल में जीत दर्ज कर फाइनल में जगह बनाना होगा। मौजूदा फॉर्म को देखते हुए भारतीय टीम आत्मविश्वास से लबरेज नजर आ रही है।

काशी से लखनऊ तक ‘गो प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध’ का शंखनाद, 11 मार्च को लखनऊ में निर्णायक घोषणा की तैयारी

वाराणसी, 1 मार्च 2026। काशी स्थित श्री विद्या मठ में आयोजित प्रेस वार्ता में ‘गो प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध’ की औपचारिक घोषणा करते हुए संतों और आयोजकों ने कहा कि 40 दिनों के निर्धारित समय में से 30 दिन पूर्ण हो चुके हैं, किंतु उनकी प्रमुख मांगों पर उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से कोई ठोस निर्णय सामने नहीं आया है। प्रेस वार्ता में कहा गया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पहले ही 11वें और 21वें दिन सचेत किया जा चुका था, लेकिन पिछले दस दिनों में भी कोई उल्लेखनीय प्रगति नहीं हुई। आयोजकों ने स्पष्ट किया कि विदेश यात्राएं या अन्य व्यस्तताएं इस विषय में शिथिलता का कारण नहीं बन सकतीं। अब शेष बचे 9-10 दिनों में सरकार के रुख पर सबकी नजरें टिकी हैं। प्रमुख मांगें: ‘राज्यमाता’ का दर्जा और बीफ निर्यात पर प्रतिबंध आंदोलनकारियों ने दो मुख्य कार्यों को अपने अभियान का केंद्र बताया— 1. गोमाता को ‘राज्यमाता’ घोषित किया जाए। 2. उत्तर प्रदेश से बीफ निर्यात पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए। इसके अतिरिक्त गोहत्या निरोध में सहयोगी एक ‘पंचसूत्रीय मांगपत्र’ भी सरकार को सौंपा गया है। प्रेस वार्ता में कहा गया कि सरकार और सत्ताधारी दल की चुप्पी गो-भक्तों की अपेक्षाओं के विपरीत है।  “अहिंसक और वैचारिक होगा धर्मयुद्ध” आयोजकों ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन पूर्णतः अहिंसक और वैचारिक होगा। उनका कहना है कि “हमारा अस्त्र शास्त्र और संवाद है, हिंसा नहीं।” 7 मार्च से ‘गोप्रतिष्ठार्थ धर्मयुद्ध शंखनाद यात्रा’ का शुभारंभ किया जाएगा, जो चरणबद्ध तरीके से लखनऊ पहुंचेगी। यदि निर्धारित अवधि में निर्णय नहीं हुआ तो इसकी जिम्मेदारी सरकार और संबंधित राजनीतिक नेतृत्व की होगी। यात्रा का विस्तृत कार्यक्रम 1. संकल्प दिवस – 6 मार्च चैत्र कृष्ण तृतीया के दिन काशी के शंकराचार्य घाट पर ‘गो-ब्राह्मण प्रतिपालक’ छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती पर गंगा पूजन के साथ धर्मयुद्ध का संकल्प लिया जाएगा। 2. प्रस्थान – 7 मार्च प्रातः 8:30 बजे श्री विद्या मठ से यात्रा प्रारंभ होगी। काशी के प्रसिद्ध संकटमोचन मंदिर में हनुमानाष्टक, हनुमान चालीसा और बजरंग बाण के पाठ के साथ विघ्न विनाश की प्रार्थना कर यात्रा आगे बढ़ेगी। चरणबद्ध यात्रा और जनसभाएँ 7 मार्च:जौनपुर और सुल्तानपुर में सभाएँ, रात्रि विश्राम रायबरेली में। 8 मार्च: रायबरेली से मोहनलालगंज, लालगंज, अचलगंज होते हुए उन्नाव में सभा व विश्राम। 9 मार्च: उन्नाव, बांगरमऊ, बघौली से होते हुए नैमिषारण्य में सभा व रात्रि विश्राम। 10 मार्च: नैमिषारण्य से सिधौली, इटौंजा होते हुए लखनऊ की सीमा में प्रवेश और रात्रि विश्राम। 11 मार्च: लखनऊ में निर्णायक शंखनाद तिथि: 11 मार्च 2026 (शीतला अष्टमी) समय: दोपहर 2:15 बजे से सायं 5:00 बजे तक स्थान: कांशीराम स्मृति सांस्कृतिक स्थल, पासी किला चौराहा, आशियाना, लखनऊ कार्यक्रम में मंगलाचरण, गोमय गणेश पूजन, गो-ध्वज प्रतिष्ठा तथा ‘धर्मयुद्ध शंखनाद’ होगा। विद्वानों, संतों और गोभक्तों के उद्बोधन के साथ आंदोलन की आगामी दिशा पर घोषणा की जाएगी।  “अंतिम चेतावनी” का स्वर आयोजकों ने कहा कि 11 मार्च का लखनऊ आगमन शासन के लिए अंतिम चेतावनी सिद्ध होगा। उनका आरोप है कि सत्ता की उदासीनता गौ-भक्तों के धैर्य की परीक्षा ले रही है। अब सबकी निगाहें 11 मार्च पर टिकी हैं—क्या सरकार कोई निर्णायक कदम उठाएगी या ‘गो प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध’ एक व्यापक जनांदोलन का रूप लेगा? काशी से उठी यह धार्मिक-वैचारिक पहल आने वाले दिनों में प्रदेश की राजनीति और सामाजिक विमर्श को किस दिशा में ले जाएगी, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।

होलिका के कर्म से प्रह्लाद की आस्था तक: प्रेम, परंपरा और आत्ममंथन का पर्व होली

By Dharmendra rastogi, Holi 2026:  रंगों, उमंगों और सामाजिक समरसता का प्रतीक होली का पर्व एक बार फिर अपने पारंपरिक स्वरूप में जनमानस के बीच उपस्थित है। होलिका दहन की प्राचीन परंपरा, जिसमें गोबर के उपलों और लकड़ियों को एकत्र कर अग्नि प्रज्वलित की जाती है, केवल एक अनुष्ठान नहीं, बल्कि अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक है। यह दहन उस अहंकार और अन्याय का प्रतीकात्मक अंत है, जिसका उल्लेख पौराणिक कथा में मिलता है, जबकि भक्त प्रह्लाद की जीवंतता और अडिग आस्था भारतीय संस्कृति में संस्कारों की स्थायित्व का संदेश देती है। सदियों से मनाया जा रहा यह पर्व विभिन्न समाजों और समुदायों में अपनी-अपनी परंपराओं और रीति-रिवाजों के साथ जीवित है। होली न केवल रंगों का उत्सव है, बल्कि यह परिवारों के पुनर्मिलन का अवसर भी बनती है। प्रदेश से लेकर देश के विभिन्न कोनों में बसे लोग इस अवसर पर अपने घर-परिवार की ओर रुख करते हैं। बाजारों में सजे रंग, पिचकारियां और बच्चों की अटखेलियां वातावरण को उल्लासमय बना देती हैं। छोटे-छोटे हाथों में रंगीन पिचकारियां थामे बच्चों की उत्सुकता पूरे बाजार को मानो रंगों की रंगोली में बदल देती है। पकवानों की सुगंध और भंग की ठंडाई की परंपरा इस पर्व को और भी विशेष बना देती है। गुजिया, मालपुआ और अन्य पारंपरिक व्यंजन घर-घर में तैयार किए जाते हैं, जिनकी खुशबू वातावरण में एक अलग ही मिठास घोल देती है। परदेश में बसे लोग भी इस आकर्षण से स्वयं को दूर नहीं रख पाते और अपनों से मिलने की चाह में घर लौट आते हैं। देश के विभिन्न हिस्सों में होली के अनूठे स्वरूप देखने को मिलते हैं। विशेष रूप से मथुरा और वृंदावन की ब्रज होली विश्वविख्यात है, जहां एक महीने पूर्व से ही उत्सव प्रारंभ हो जाता है। लट्ठमार होली, लड्डुओं की होली और फूलों की होली जैसे विविध रूप आज भी परंपरा की जीवंतता को बनाए हुए हैं और देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। होली का वास्तविक संदेश प्रेम, भाईचारा और सामाजिक एकता को सुदृढ़ करना है। यह पर्व हमें अपनी जड़ों से जुड़े रहने और सांस्कृतिक मूल्यों को संजोए रखने की प्रेरणा देता है। किंतु वर्तमान समय में कुछ सामाजिक अराजकताएं इस सतरंगी पर्व के स्वरूप को प्रभावित करती दिखाई दे रही हैं। भंग की परंपरा को नशे की प्रवृत्ति से जोड़कर देखा जाने लगा है और रंगों की आड़ में होने वाली असामाजिक घटनाएं चिंता का विषय बन रही हैं। प्रश्न यह उठता है कि क्या हमारी परंपराएं हमें ऐसा आचरण सिखाती हैं? क्या हम वास्तव में उस भावना के साथ होली मना रहे हैं, जिसके लिए यह पर्व स्थापित हुआ था? होली केवल रंग खेलने का अवसर नहीं, बल्कि आत्ममंथन का भी समय है—यह सोचने का कि हम इसे कितने सौहार्दपूर्ण और मर्यादित वातावरण में मना रहे हैं। आवश्यक है कि हम इस पर्व को उसके मूल स्वरूप में जीवित रखें—जहां रंगों में प्रेम घुला हो, उल्लास में संयम हो और परंपरा में संस्कारों की सुगंध हो। तभी होली का वास्तविक अर्थ और उसकी गरिमा सुरक्षित रह सकेगी।

आयतुल्ला अली खामेनेई की ‘शहादत’ पर भारत स्थित ईरानी दूतावास का शोक संदेश, अमेरिका और इज़राइल पर लगाए गंभीर आरोप

नई दिल्ली। भारत में स्थित Embassy of the Islamic Republic of Iran in the Republic of India ने ईरान के सर्वोच्च नेता Ayatollah Seyyed Ali Khamenei की कथित ‘शहादत’ पर गहरा शोक और दुख व्यक्त किया है। दूतावास ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर जारी अपने आधिकारिक बयान में इस घटना को अमेरिका और इज़राइल द्वारा किया गया “क्रूर और आपराधिक हमला” बताया है। दूतावास के बयान के अनुसार, आयतुल्ला खामेनेई की मृत्यु अमेरिका और इज़राइल के हमलों के परिणामस्वरूप हुई। बयान में अमेरिका को “अपराधी शासन” और इज़राइल को “ज़ायोनी कब्ज़ाधारी शासन” करार देते हुए कहा गया कि इस “अक्षम्य अपराध” के गंभीर परिणाम सीधे तौर पर इन दोनों देशों पर ही आएंगे और वे इसके लिए पूर्ण रूप से जिम्मेदार होंगे।  शोक संवेदनाएं और धार्मिक संदर्भ दूतावास ने अपने संदेश में हज़रत Imam Mahdi (अल्लाह उनकी पुनः उपस्थिति शीघ्र करे), समूचे मुस्लिम उम्मा, ईरान की महान जनता और विश्व के स्वतंत्रता-प्रेमी देशों के प्रति हार्दिक संवेदनाएं व्यक्त कीं। बयान में कहा गया कि यह क्षति न केवल ईरान बल्कि पूरी इस्लामी दुनिया और स्वतंत्र राष्ट्रों के लिए गहरा आघात है। ‘ईरान का संकल्प अडिग रहेगा’ दूतावास ने अपने वक्तव्य में स्पष्ट किया कि ईरान की जनता पहले की तरह मजबूती, धैर्य और दृढ़ संकल्प के साथ अपने “महान मार्ग” पर आगे बढ़ती रहेगी। बयान में कहा गया कि देश के कार्यों में किसी प्रकार का व्यवधान नहीं आने दिया जाएगा और शहीदों का “पवित्र रक्त” ईरानी जनता के स्वतंत्रता, गरिमा और उच्च आदर्शों की रक्षा के संकल्प को और अधिक मजबूत करेगा। अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील भारत स्थित ईरानी दूतावास ने विश्व के स्वतंत्र और न्यायप्रिय देशों से इस घटना की कड़ी निंदा करने और “अवैधता एवं आक्रामकता” के खिलाफ चुप्पी न साधने की अपील की है। बयान में कहा गया कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इस “स्पष्ट अपराध” के खिलाफ एकजुट होकर आवाज़ उठानी चाहिए। इस घटनाक्रम के बाद पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। वैश्विक स्तर पर राजनीतिक और कूटनीतिक प्रतिक्रियाओं पर भी अब सबकी नजरें टिकी हुई हैं।