नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा आज संसद में पेश किए गए केंद्रीय बजट 2026 में आम जनता की रोजमर्रा की जरूरतों से लेकर भविष्य की अर्थव्यवस्था तक को ध्यान में रखते हुए बड़े फैसले किए गए हैं। इस बजट का मुख्य फोकस घरेलू विनिर्माण (Make in India) को मजबूती देने, स्वास्थ्य सेवाओं को किफायती बनाने और ग्रीन एनर्जी व इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने पर रहा।
सरकार ने सीमा शुल्क (Custom Duty) के ढांचे में अहम बदलाव करते हुए कई जरूरी और उपयोगी वस्तुओं को सस्ता किया है, जबकि राजस्व बढ़ाने और सामाजिक नियंत्रण के उद्देश्य से कुछ ‘सिन गुड्स’ और लग्जरी उत्पादों को महंगा किया गया है। आइए, जानते हैं बजट 2026 के बाद आपकी जेब पर क्या असर पड़ेगा।
ये चीजें हुईं सस्ती
चमड़े के उत्पाद (Leather Products)
सरकार ने कच्चे चमड़े और उससे जुड़े इनपुट्स पर आयात शुल्क घटा दिया है। इसका सीधा फायदा उपभोक्ताओं को मिलेगा।
अब ब्रांडेड जूते, बैग, बेल्ट और लेदर कपड़े पहले की तुलना में सस्ते दामों पर उपलब्ध हो सकते हैं।
कैंसर की जीवन रक्षक दवाएं
स्वास्थ्य के मोर्चे पर बजट 2026 को बड़ी राहत देने वाला माना जा रहा है।
सरकार ने कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली 17 जीवन रक्षक दवाओं पर सीमा शुल्क पूरी तरह खत्म कर दिया है।
इससे गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों और उनके परिवारों पर इलाज का आर्थिक बोझ काफी कम होगा।
स्मार्टफोन और मोबाइल डिवाइसेज़
मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने फोन बनाने में इस्तेमाल होने वाले पार्ट्स और कुछ कैपिटल गुड्स पर टैक्स में राहत दी है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, आने वाले महीनों में नए स्मार्टफोन्स की कीमतों में गिरावट देखने को मिल सकती है।
सोलर पैनल और रिन्यूएबल एनर्जी
ग्रीन एनर्जी मिशन को गति देते हुए सरकार ने सोलर सेल और पैनल्स के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले इनपुट्स पर ड्यूटी घटा दी है।
अब घरों में सोलर सिस्टम लगवाना ज्यादा किफायती हो जाएगा, जिससे बिजली बिल में भी राहत मिलेगी।
ईवी बैटरी और इलेक्ट्रिक वाहन (EV)
इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए लिथियम-आयन सेल्स के कच्चे माल पर टैक्स में छूट दी गई है।
इसका असर आने वाले समय में इलेक्ट्रिक कार और स्कूटर की कीमतों में कमी के रूप में दिख सकता है।
स्पोर्ट्स इक्विपमेंट
खेलों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से सरकार ने खेल सामग्री पर सीमा शुल्क घटा दिया है।
अब क्रिकेट बैट, फुटबॉल, टेनिस रैकेट और अन्य स्पोर्ट्स गियर युवाओं और खिलाड़ियों के लिए अधिक सुलभ होंगे।
घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स (Kitchen Appliances)
माइक्रोवेव और कुछ अन्य घरेलू इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के खास पुर्जों पर आयात शुल्क घटाया गया है।
बजट के बाद किचन के आधुनिक उपकरण अपेक्षाकृत सस्ते मिल सकते हैं।
ये चीजें हुईं महंगी
शराब (Alcohol)
राजस्व बढ़ाने के साथ-साथ सामाजिक नियंत्रण के मकसद से शराब पर टैक्स बढ़ाया गया है।
राज्यों की एक्साइज ड्यूटी और केंद्र के रुख के चलते प्रीमियम शराब और इंपोर्टेड वाइन की कीमतों में साफ बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।
तंबाकू और पान मसाला
बजट 2026 में सिगरेट और पान मसाले पर नई एक्साइज ड्यूटी और सेस लगाया गया है।
इसके चलते इन उत्पादों की कीमतों में 20% से 40% तक उछाल आने की आशंका है।
लग्जरी घड़ियां
शौक और विलासिता की चीजों पर सरकार ने सख्ती दिखाई है।
आयातित लग्जरी घड़ियों पर सीमा शुल्क बढ़ा दिया गया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स अब और महंगे हो जाएंगे।
स्टॉक ऑप्शंस और फ्यूचर्स ट्रेडिंग (F&O)
डेरिवेटिव बाजार में बढ़ती सट्टेबाजी पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने STT और कैपिटल गेन टैक्स के ढांचे में बदलाव किया है।
इससे छोटे निवेशकों के लिए F&O ट्रेडिंग अब ज्यादा खर्चीली हो जाएगी।
कुल मिलाकर, बजट 2026 आम आदमी के लिए राहत और संयम का मिश्रण लेकर आया है।
जहां एक ओर दवाएं, मोबाइल, सोलर और इलेक्ट्रिक वाहन जैसे जरूरी व भविष्य के सेक्टर सस्ते हुए हैं, वहीं शराब, तंबाकू और लग्जरी उत्पादों पर महंगाई की मार पड़ी है।