धार (मध्य प्रदेश), विशेष रिपोर्ट |मध्य प्रदेश के धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला परिसर में वसंत पंचमी के अवसर पर शुक्रवार को एक ऐतिहासिक दृश्य देखने को मिला। लगभग 10 वर्षों के अंतराल के बाद पहली बार एक ही दिन मां वाग्देवी की पूजा और मुस्लिम समुदाय की नमाज शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई। यह सब सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के तहत संभव हो सका।

सुबह तड़के सूर्योदय के साथ ही भोजशाला परिसर में हिंदू श्रद्धालुओं द्वारा मां वाग्देवी का विधिवत पूजन शुरू हुआ। ढोल-नगाड़ों और मंत्रोच्चार के बीच बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे। वहीं प्रशासन ने मुस्लिम समुदाय के लिए नमाज अदा करने हेतु अलग स्थान निर्धारित किया, जिससे दोनों समुदाय अपने-अपने धार्मिक अनुष्ठान बिना किसी टकराव के कर सकें।

संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने कड़े सुरक्षा प्रबंध किए। पूरे धार जिले में करीब 8000 पुलिसकर्मी और अर्धसैनिक बल तैनात किए गए हैं। भोजशाला परिसर और उसके आसपास के इलाकों में सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के माध्यम से पल-पल की निगरानी की जा रही है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।

जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने साफ कहा है कि कानून-व्यवस्था से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। सोशल मीडिया पर भी विशेष नजर रखी जा रही है ताकि अफवाहों और भड़काऊ संदेशों पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।

भोजशाला में पूजा और नमाज का एक ही दिन आयोजन न सिर्फ कानूनी आदेशों का पालन है, बल्कि यह धार्मिक सह-अस्तित्व और आपसी सौहार्द की एक महत्वपूर्ण मिसाल के रूप में भी देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन और समाज मिलकर जिम्मेदारी निभाएं, तो ऐसे संवेदनशील मुद्दों को भी शांति से सुलझाया जा सकता है। भोजशाला का यह दिन इतिहास के पन्नों में संतुलन, संयम और संविधान की जीत के रूप में दर्ज होता दिख रहा है।

Rajnish Pandey
A media professional with experience in print and digital journalism, handling news editing and content management with a focus on accuracy and responsible reporting.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *