नई दिल्ली/गुरुग्राम : केंद्रीय वस्त्र मंत्री श्री गिरिराज सिंह ने 23 जनवरी 2026 को यशोभूमि, द्वारका (नई दिल्ली) में इंडिया इंटरनेशनल गारमेंट फेयर (IIGF) के 74वें संस्करण का भव्य उद्घाटन किया। इस अवसर पर देश-विदेश से आए सैकड़ों प्रदर्शक, अंतरराष्ट्रीय खरीदार और उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधि उपस्थित रहे। उद्घाटन समारोह में दीप प्रज्वलन, फेयर गाइड का विमोचन तथा मंत्री का संबोधन शामिल रहा। उद्घाटन के बाद मंत्री ने विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण भी किया।
अपने संबोधन में केंद्रीय वस्त्र मंत्री श्री गिरिराज सिंह ने कहा कि इंडिया इंटरनेशनल गारमेंट फेयर आज अंतरराष्ट्रीय परिधान खरीदारों के लिए एक भरोसेमंद और सशक्त वैश्विक मंच बन चुका है। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए सौभाग्य की बात है कि वे लगातार दूसरे वर्ष इस प्रतिष्ठित आयोजन का हिस्सा बने हैं।
मंत्री ने बताया कि पिछले एक दशक में भारतीय वस्त्र एवं परिधान क्षेत्र ने अभूतपूर्व प्रगति की है। वर्ष 2013-14 में जहां इस क्षेत्र का बाजार आकार 8.4 लाख करोड़ रुपये था, वहीं आज यह बढ़कर लगभग 16 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। घरेलू बाजार भी 6 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 2025 में 13 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि महामारी के बाद भारत के वस्त्र निर्यात में 25 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है और यह क्षेत्र रोजगार सृजन का एक प्रमुख माध्यम बन गया है।
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श्री गिरिराज सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने वस्त्र उद्योग से जुड़े सभी प्रमुख अवरोधों को दूर किया है। QCO सुधार, RoDTEP और RoSCTL में वृद्धि, आयात शुल्क में अस्थायी कटौती, इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर का समाधान जैसे कदम उठाए गए हैं। उन्होंने बताया कि सरकार ने इन योजनाओं के माध्यम से उद्योग को अब तक 50,000 करोड़ रुपये से अधिक का समर्थन दिया है।
मंत्री ने यह भी कहा कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत का वस्त्र उद्योग मजबूती से आगे बढ़ रहा है। निर्यात विविधीकरण के तहत भारत ने 40 नए देशों में अपने उत्पादों की पहुंच बढ़ाई है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि अर्जेंटीना में 77%, मिस्र में 30%, पोलैंड और जापान में 20%, जबकि स्वीडन और फ्रांस में 10% की वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि भारत–यूरोपीय संघ (EU) मुक्त व्यापार समझौता शीघ्र ही संपन्न होने वाला है, जिससे भारतीय निर्यातकों को बड़ा लाभ मिलेगा।
मंत्री ने आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को रेखांकित करते हुए कहा कि भारत अब विदेशी मानकों पर निर्भर रहने के बजाय VisionNxt और IndiaSize जैसी स्वदेशी पहलों के माध्यम से अपने स्वयं के डिजाइन और साइज मानक विकसित कर रहा है। उन्होंने उद्योग से भारतीय मानकों को अपनाने की अपील की।
इस अवसर पर AEPC (अपैरल एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल) के चेयरमैन डॉ. ए. शक्तिवेल ने कहा कि IIGF का 74वां संस्करण भारत के प्रति वैश्विक विश्वास का प्रमाण है। इस संस्करण में 233 प्रदर्शक, 5,073 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में फैले हुए हैं और 1,120 से अधिक पंजीकृत अंतरराष्ट्रीय खरीदार भाग ले रहे हैं। देश के विभिन्न हिस्सों से आए प्रदर्शक भारत की मजबूत विनिर्माण क्षमता को दर्शाते हैं।
डॉ. शक्तिवेल ने बताया कि चुनौतीपूर्ण वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद भारतीय रेडीमेड गारमेंट (RMG) उद्योग ने उल्लेखनीय लचीलापन दिखाया है। अप्रैल से दिसंबर 2025-26 के दौरान भारत का परिधान निर्यात **11.58 अरब अमेरिकी डॉलर रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 2.4 प्रतिशत अधिक है।
उन्होंने सरकार के समक्ष उद्योग की कुछ प्रमुख मांगें भी रखीं, जिनमें अमेरिका के लिए फोकस मार्केट स्कीम, ब्याज समानीकरण योजना की सीमा बढ़ाना, 5% ब्याज सबवेंशन जैसी मांगें शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इससे विशेष रूप से MSME निर्यातकों को बड़ी राहत मिलेगी।
डॉ. शक्तिवेल ने यह भी बताया कि इस संस्करण में यूएई, जापान, फ्रांस, इटली, रूस, दक्षिण अफ्रीका, सऊदी अरब, कोरिया, स्पेन, मॉरीशस और इजराइल सहित कई देशों के प्रमुख ब्रांड और रिटेल चेन के खरीदार शामिल हुए हैं, जो भारत की डिजाइन, गुणवत्ता, अनुपालन और समयबद्ध डिलीवरी पर बढ़ते भरोसे को दर्शाता है।
भविष्य को लेकर आशावाद जताते हुए उन्होंने कहा कि भारत–EU FTA और प्रतिस्पर्धी देशों को मिलने वाली वरीयताओं में कमी से भारत को बड़ा लाभ मिलेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि 2030 तक 40 अरब डॉलर के परिधान निर्यात लक्ष्य को भारत अवश्य हासिल करेगा।
कार्यक्रम के अंत में IGFA के उपाध्यक्ष श्री राकेश वैद ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया और इस सफल आयोजन के लिए सभी सहभागियों की सराहना की।