सस्ती होगी वाइन-बीयर से लेकर खुलेगा भारतीय निर्यात का महाद्वार

नई दिल्ली/गोवा: करीब दो दशकों के इंतज़ार, लंबी कूटनीतिक बातचीत और कई दौर की अड़चनों के बाद आखिरकार भारत और यूरोपीय यूनियन (EU) के बीच ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर मुहर लग गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के बीच यह बहुप्रतीक्षित समझौता साइन हुआ है, जिसे आर्थिक जानकार ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ बता रहे हैं।

इस डील के तहत यूरोपीय यूनियन से आने वाले करीब 90 फीसदी उत्पादों पर टैरिफ या तो पूरी तरह खत्म कर दिया गया है या फिर चरणबद्ध तरीके से काफी कम किया जाएगा। इसका सीधा असर आम उपभोक्ता से लेकर उद्योग जगत तक देखने को मिलेगा।

क्या है इस ऐतिहासिक डील की सबसे बड़ी खासियत?

भारत-EU ट्रेड डील दुनिया के सबसे बड़े आर्थिक समझौतों में से एक मानी जा रही है। पीएम मोदी के मुताबिक, यह समझौता ग्लोबल GDP के करीब 25 फीसदी और वैश्विक व्यापार के लगभग एक-तिहाई हिस्से को कवर करता है।

यानी भारत और यूरोप के बीच कारोबार न सिर्फ तेज़ होगा, बल्कि दोनों अर्थव्यवस्थाएं एक-दूसरे के लिए और ज्यादा अहम बन जाएंगी।

आम आदमी को क्या मिलेगा फायदा?

इस डील का असर सीधे आपकी जेब पर भी पड़ेगा—

  • यूरोप से आने वाली बीयर और वाइन सस्ती होंगी, क्योंकि इन पर लगने वाला भारी-भरकम टैरिफ घटा दिया गया है।
  • लग्ज़री प्रोडक्ट्स, हाई-एंड मशीनरी और टेक्नोलॉजी से जुड़े कई सामान अब पहले से कम कीमत पर उपलब्ध हो सकते हैं।
  • प्रतिस्पर्धा बढ़ने से घरेलू बाजार में क्वालिटी बेहतर होने की उम्मीद है।

भारतीय उद्योग के लिए खुले नए दरवाज़े

इस फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से भारत के कई प्रमुख सेक्टरों को बड़ा बूस्ट मिलने वाला है—

  • टेक्सटाइल और रेडीमेड गारमेंट्स
  • जेम्स और ज्वेलरी
  • लेदर और फुटवियर
  • मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर

इन सेक्टरों को यूरोपीय बाजार में आसान पहुंच मिलेगी, जहां अब तक सख्त नियम और ऊंचे टैरिफ बड़ी चुनौती थे।

India Energy Week से पीएम मोदी का संदेश

गोवा में आयोजित India Energy Week के दौरान पीएम मोदी ने वर्चुअल संबोधन में इस डील को भारत की वैश्विक आर्थिक ताकत का प्रमाण बताया। उन्होंने कहा—

  • भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बन रहा है।
  • भारत पेट्रोलियम उत्पादों के टॉप-5 एक्सपोर्टर्स में शामिल है।
  • आज भारत 150 से ज्यादा देशों को पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात कर रहा है।

पीएम मोदी के मुताबिक, यह डील भारत की ‘मेक इन इंडिया’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ रणनीति को ग्लोबल प्लेटफॉर्म देगी।

यह समझौता सिर्फ व्यापार तक सीमित नहीं है। भारत और यूरोप के बीच रणनीतिक साझेदारी, सप्लाई चेन की मजबूती और जियो-पॉलिटिकल संतुलन में भी इसकी अहम भूमिका होगी। खासकर ऐसे समय में जब दुनिया आर्थिक अनिश्चितताओं और वैश्विक तनावों से गुजर रही है

भारत-EU फ्री ट्रेड एग्रीमेंट न सिर्फ एक आर्थिक समझौता है, बल्कि यह भारत की वैश्विक पहचान को और मजबूत करने वाला कदम है। सस्ती विदेशी चीज़ें, मज़बूत निर्यात, नए रोज़गार और उद्योगों को रफ्तार—इस डील से फायदा हर स्तर पर दिखेगा।

यही वजह है कि इसे सही मायनों में ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ कहा जा रहा है।

Rajnish Pandey
A media professional with experience in print and digital journalism, handling news editing and content management with a focus on accuracy and responsible reporting.

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