Headline
सतुआन पर सुलतान पोखर में दर्जनों बच्चों का हुआ मुंडन संस्कार
‘भाजपा के घोषणा पत्र में महंगाई, बेरोजगारी और गरीबी को हटाने का जिक्र नहीं’, तेजस्वी यादव का दावा
रीवा में 44 घंटे तक रेस्क्यू के बाद भी बोरवेल में गिरे मासूम की नहीं बच पाई जान
भोजपुरी स्टार खेसारी यादव ने शेयर किया अपने अपकमिंग सॉन्ग ‘पातर तिरिया’ का पोस्टर
शाहिद व ईशान ने शेयर की अपने ‘संडे वर्कआउट’ की झलक
एक्‍ट्रेस अनीता हसनंदानी के 43वें जन्मदिन पर पति ने लिखा प्‍यार भरा नोट
एलआईसी को अडाणी के शेयरों में निवेश पर हुआ 59 प्रतिशत का लाभ
आंबेडकर की जयंती पर आप नेताओं ने पढ़ी संविधान की प्रस्तावना
भाजपा ने लोकसभा चुनावों का संकल्प पत्र ‘मोदी की गारंटी 2024’ जारी किया

स्वाती मालीवाल ने मणिपुर की राज्यपाल से की मुलाकात, बताई लोगों की समस्याएं

नई दिल्ली/इम्फाल, 25 जुलाई : मणिपुर में बर्बरता की शिकार महिलाओं से मुलाकात करने गई दिल्ली महिला आयोग (डीसीडब्ल्यू) की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल इंफाल में राज्यपाल अनुसुइया उइके से मिलीं।

स्वाति ने ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी। उन्होंने अपने ट्विटर पर लिखा कि “मणिपुर की राज्यपाल अनुसुइया उइके से मुलाकात की और उन्हें मणिपुर की जमीनी स्थिति से अवगत कराया। मेरे साथ वंदना सिंह भी थी। पिछले दो दिनों में कई राहत शिविरों और हिंसा प्रभावित क्षेत्रों का भी दौरा किया। मैंने उनके साथ अपने निष्कर्ष साझा किए और उनसे हस्तक्षेप का अनुरोध किया।”

उल्लेखनीय है कि दो दिन पहले स्वाति ने ट्वीट कर बताया था कि सरकार उन्हें मणिपुर नहीं जाने दे रही है। स्वाति मालीवाल ने उस समय मणिपुर सरकार को पत्र लिखकर बताया कि वह वह राज्य का दौरा करना चाहती हैं और यौन उत्पीड़न के पीड़ितों से मिलना चाहती हैं। इस पर राज्य सरकार ने उन्हें अनुमति देने से इनकार कर दिया था। इसके बाद वह बिना सरकारी सुरक्षा के मणिपुर पहुंची और पीड़ित महिलाओं से बात की।

स्वाति मालीवाल ने कहा कि मणिपुर में हिंसा बेहद परेशान करने वाली है और जहां भी जा रही हूं, वहां डरावनी कहानियां हैं जो दिमाग को सुन्न कर देती हैं। लोगों ने अपने घर और प्रियजनों को खो दिया है और सरकार उनकी रक्षा करने में पूरी तरह से विफल रही है। उन्हें लगता है कि केंद्र को तत्काल मणिपुर के मुख्यमंत्री से इस्तीफा मांगना चाहिए। प्रधानमंत्री को गृह मंत्री और महिला एवं बाल विकास मंत्री के साथ तत्काल मणिपुर का दौरा करना चाहिए। इनकी सुरक्षा के लिए केंद्र द्वारा तत्काल कदम उठाए जाने चाहिए।

वहीं परिजनों ने बताया कि आज तक न तो मुख्यमंत्री, न ही कोई कैबिनेट मंत्री और न ही राज्य का कोई वरिष्ठ अधिकारी उनसे मिलने आये हैं। स्वाति उनसे मिलने वाली पहली (सरकारी अधिकारी) थीं। उन्होंने बताया कि उन्हें अब तक सरकार से कोई काउन्सलिंग, कानूनी सहायता या मुआवजा नहीं मिला है। वे इस बात से नाराज थे कि उनके मामले में किसी भी पुलिस अधिकारी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top