Headline
हिप्र संकट पर जयराम रमेश का तंज, कहा- मोदी की गारंटी है कांग्रेस की सरकारों को गिराओ
रेलवे जमीन के बदले नौकरी मामला : दिल्ली की अदालत ने राबड़ी देवी और उनकी दो बेटियों को दी जमानत
उप्र का ‘रामराज्य’ दलित,पिछड़े, महिला,आदिवासियों के लिए है ‘मनुराज’ : कांग्रेस
प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर दी वैज्ञानिक समुदाय को बधाई
तमिलनाडु : औद्योगिक विकास के लिए प्रधानमंत्री का बड़ा प्रोत्साहन, शुरू की विभिन्न परियोजनाएं
वर्ष 2030 तक दुनिया में हम तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने वाले हैं : राष्ट्रपति मुर्मू
बिट्टु कुमार सिंह को मिला केंद्रीय विश्वविद्यालय से जनसंचार में स्नातकोत्तर की डिग्री
चंडीगढ़ महापौर चुनाव में ‘आप’ की जीत का बदला लेना चाहती है भाजपा: आतिशी
ईवीएम के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस के कई नेता गिरफ्तार

सरकारी बंगला आवंटन विवाद : राघव चड्ढा ने निचली अदालत के फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती दी

नई दिल्ली, 10 अक्टूबर: आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद राघव चड्ढा ने राज्यसभा सचिवालय को उन्हें आवंटित सरकारी बंगला खाली कराने से रोकने वाला अंतरिम आदेश रद्द करने के निचली अदालत के फैसले को मंगलवार को दिल्ली उच्च न्यायालय में चुनौती दी।

इस याचिका को मुख्य न्यायाधीश सतीश चंद्र शर्मा और न्यायमूर्ति संजीव नरुला की पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए पेश किया गया जो बुधवार को इसे सूचीबद्ध करने पर राजी हो गयी।

चड्ढा की वकील ने कहा कि संसद सदस्य को एक नोटिस दिया गया और बंगला खाली कराने की कार्यवाही जारी है। उन्होंने इससे पहले कहा कि निचली अदालत की ओर से रोक लगायी गयी थी लेकिन इसे अब हटा लिया गया है।

निचली अदालत ने पांच अक्टूबर को आदेश दिया था कि ‘आप’ नेता राघव चड्ढा यह दावा नहीं कर सकते कि आवंटन रद्द होने के बाद भी उन्हें राज्यसभा सदस्य के रूप में अपने पूरे कार्यकाल के दौरान सरकारी बंगले पर कब्जा कायम रखने का पूर्ण अधिकार है।

अदालत ने 18 अप्रैल को पारित उस अंतरिम आदेश को रद्द करते हुए यह टिप्पणी की जिसमें राज्यसभा सचिवालय को चड्ढा को सरकारी बंगले से बेदखल नहीं करने का निर्देश दिया गया था।

निचली अदालत ने कहा कि चड्ढा को अंतरिम राहत दी गई थी कि उन्हें कानूनी प्रक्रिया के बिना आवास से बेदखल नहीं किया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top