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राम-राम कहने पर दिल्ली के सरकारी स्कूल ने स्टूडेंट को निकाला, हिंदू संगठन ने जताया विरोध

नई दिल्ली, 26 जुलाई : राजधानी दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके में दिल्ली सरकार के स्कूल में अजीबोगरीब मामला सामने आया है। छात्रों ने आरोप लगाया है कि राम-राम कहने पर स्कूल प्रशासन ने निकाल दिया है। घटना मंगलवार, 25 जुलाई की है, जिसमें बताया गया कि कई छात्रों को स्कूल प्रशासन ने अध्यापकों से राम राम कहने पर बाहर निकाल दिया गया है। जब छात्रों ने यह बात अपने परिजनों को बताई तो वे स्कूल पहुंचे और इसे लेकर विरोध जताया।

दिल्ली पुलिस ने कहा कि जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। छात्रों और परिजनों के हंगामे के बीच हिंदू संगठन के लोग भी वहां पहुंचे। स्कूल प्रशासन ने स्कूल के बाहर भीड़ इकट्ठा होते देख पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद जहांगीरपुरी थाने की पुलिस ने मौके पर पहुंचकर भीड़ को शांत कराया। 10वीं के एक छात्र ने बताया कि कुछ छात्र स्कूल में माथे पर टीका लगाकर आते थे और टीचरों से राम-राम करते थे। इस पर स्कूल के वाइस प्रिंसिपल ने विरोध किया और छात्रों को कई बार स्कूल से बाहर निकालने की चेतावनी भी दी।

छात्रों ने वाइस प्रिंसिपल पर भेदभाव व राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि किसान आंदोलन के समय खुद वाइस प्रिंसिपल, किसानों का हरे रंग का बैच लगाकर आते थे और बीजेपी सरकार का विरोध करते थे। उधर, परिजनों का आरोप है कि स्कूल में इस तरह के हालात बीते दो सालों से बने हुए हैं। छात्र डर के कारण इस बात की जानकारी नहीं दे रहे थे, लेकिन जब स्कूल प्रशासन की तरफ से छात्रों को बाहर निकालने की घटना हुई तो यह बात सामने आई।

हिंदू संगठन ने स्कूल प्रशासन की नीतियों का विरोध करते हुए वाइस प्रिंसिपल के ट्रांसफर की मांग की। उनका कहना है कि अगर वाइस प्रिंसिपल का ट्रांसफर नहीं किया गया तो वह बच्चों को तंग करेंगे और उनसे दोबारा भेदभाव करेंगे।

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