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नीट पेपर लीक के दोषियों को पकड़ना जरूरी : राहुल

नई दिल्ली, 20 जून : कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा है कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा (नीट) के पेपर लीक से लाखों बच्चों का भविष्य चौपट हो गया है और इस अपराध के दोषियों को तत्काल पकड़ कर उन्हें सख्त सजा दिए जाने की जरूरत है। श्री गांधी ने गुरुवार को यहां पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा, “पेपरलीक खतरनाक बीमारी है और इसकी प्रयोगशाला सबसे पहले गुजरात ही रही है फिर यह मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश तक व्यापक रूप से फैली है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) जिसे गुजरात मॉडल कहती है उसको लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बताना चाहिए कि क्या यही उनका गुजरात मॉडल है जो पेपरलीक जैसी बीमारी फैलाकर देश के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।”

उन्होंने कहा कि देश में भाजपा सरकार के कारण शैक्षणिक, राष्ट्रीय तथा संस्थागत संकट चल रहा है। यह सारे संकट भाजपा की नीतियों के कारण पैदा हुए हैं। मध्य प्रदेश में व्यापम घोटाला हुआ है और अब भाजपा सरकार इस व्यापम को पूरे देश में फैला रही है। उनका कहना था कि यह बीमारी तब तक फैलती रहेगी जब तक विचारधारा विशेष के लोगों को संस्थानों में बिठाया जाएगा। इस विचारधारा के लोगों की मौजूदी जब तक संस्थानों में रहेगी तब तक पेपर लीक जैसे संकट से छुटकारा नहीं मिलेगा।

श्री गांधी ने प्रधानमंत्री पर पेपरलीक नहीं रोक पाने को लेकर तंज करते हुए कहा,“भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ के दौरान हजारों छात्रों ने पेपर लीक की शिकायत की थी। अब देश में नीट और यूजीसी-नेट के पेपर लीक हुए हैं। दावा किया जाता है कि श्री मोदी युद्ध रुकवा देते हैं लेकिन वह पेपर लीक नहीं रुकवा पा रहे हैं या फिर वह पेपर लीक रोकना नहीं चाहते। मध्य प्रदेश में व्यापम घोटाला हुआ, जिसे नरेंद्र मोदी पूरे देश में फैला रहे हैं। आज एक संगठन ने शिक्षा के सिस्टम को कैप्चर कर लिया है। वे हर पोस्ट पर अपने ही लोगों को बैठाते हैं। हमें इस सिस्टम को रिवर्स करना होगा। जब तक वे लोग सिस्टम में रहेंगे तब तक पेपर लीक तो होने ही हैं।”

उन्होंने कहा “कांग्रेस ने अपने मैनिफेस्टो में लिखा है-पेपर लीक होने के बाद कार्रवाई करने के साथ ही, पेपर लीक रोकने के लिए सिस्टम को री-डिजाइन करना भी बेहद जरूरी है। विपक्ष दबाव डालकर, सरकार से ये दो काम कराने की कोशिश करेगा। पेपर लीक एक एंटी नेशनल गतिविधि है। इससे युवाओं को जबरदस्त चोट पहुंचती है। इसलिए पेपर लीक के जिम्मेदारों को पकड़ा जाना चाहिए और उनके ऊपर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

श्री गांधी ने कहा कि इतना बड़ा पेपर लीक घोटाला हुआ है। इससे 24 लाख बच्चों के भविष्य पर सवाल खड़े हो गये हैं और सिस्टम की वजह से युवा पीढ़ी के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है लेकिन प्रधानमंत्री इस मामले में चुप्पी साधे हैं। उनका कहना था कि उनकी(प्रधानमंत्री) चिंता देश का भविष्य नहीं बल्कि उनकी चिंता यह है कि किस तरह से पद हासिल किया जाए। उन्होंने कहा, “बड़ा दबाव हमारे देश के छात्रों पर आ गया है। इस दबाव की वजह है कि देश में बड़े स्तर पर बेरोजगारी है और युवाओं के पास रोजगार के अवसर बहुत कम हैं। इससे फर्क नहीं पड़ता है कि आप आईआईटी से स्नातक की डिग्री वाले हो या आप सेना में भर्ती होना चाहते हैं। युवाओं के पास देश में कुछ भी नहीं है। युवाओं के लिए कहीं कोई जगह ही नहीं है।”

कांग्रेस नेता ने कहा,“पूरा देश जनता है कि पेपर लीक का एपिसेंटर पहले मध्य प्रदेश था जहां 40-50 लोगों की हत्या हुई थी। भाजपा कहती है कि मध्य प्रदेश और गुजरात हमारी प्रयोगशाला है। पेपर लीक भी वहीं से शुरू हुआ है और अब पूरे देश में फैल रहा है। जब तक हिंदुस्तान के संस्थानों को भाजपा के हाथों से छीनकर ईमानदार और निष्पक्ष लोगों को नहीं दिया जाएगा, पेपर लीक होते रहेंगे।”

उन्होंने कहा कि ईमानदारी से भाजपा सरकार में कोई नौकरी नहीं पा सकता है क्योंकि इस विचारधारा की सरकार में मेरिट को कोई मतलब नहीं है। उन्होंने कहा,“अगर मेरिट के आधार पर नौकरी नहीं दी जाएगी, असमर्थ लोगों को वीसी बनाया जाएगा और परीक्षा के ढांचे में अपनी विचारधारा के लोगों को डालेंगे तो पेपर लीक होगा। पेपर लीक का कारण है कि भाजपा के पैरेंट ऑर्गेनाइजेशन ने पूरे सिस्टम को कैप्चर कर रखा है। नतीजा- जो संस्थान पहले निष्पक्ष हुआ करते थे, आज एक विचारधारा के साथ चलने लगे हैं। इन संस्थानों में असमर्थ लोगों के बैठा दिया गया है। अगर आप ईमानदारों को काम दोगे तो पेपर लीक नहीं होगा।”

श्री गांधी ने कहा, “अगर आप खुद की विचारधारा से जुड़े लोगों को काम सौपेंगे तो पेपर लीक होगा।मोदी सरकार कितनी भी क्लीन चिट दे, उनकी विश्वसनीयता ‘जीरो’ है। सब लोग जानते हैं कि पेपर लीक का एपिसेंटर मध्य प्रदेश, गुजरात और उत्तर प्रदेश है। भारत जोड़ो यात्रा में सबसे ज्यादा पेपर लीक की बातें इन्हीं प्रदेशों में से सामने आईं थी।”

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