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गांवों के हितों के लिए एलजी व सीएम आवास के पास पालम 360 खाप ने महापंचायत

दो अक्तूबर को राजघाट पर नेताओं को सद्बुद्धि देने की प्रार्थना व आंदोलन शुरू करने का ऐलान करेंगे: चौ. सुरेंद्र सोलंकी

नई दिल्ली, 16 सितंबर: राजधानी के गांवों के हितों के लिए और उनके ऊपर थोपे गए अन्याय पूर्ण कानूनों व नियमों के खिलाफ पालम 360 खाप ने आज उपराज्यपाल व मुख्यमंत्री आवास के पास महापंचायत की। इस दौरान महापंचायत का नेतृत्व करते हुए पालम 360 खाप के प्रधान चौ. सुरेंद्र सोलंकी ने चेतावनी दी कि ग्रामीणों ने सरकारों से दो-दो करने की ठान ली है और 30 सितंबर तक उनकी मांगों पर गौर नहीं करने की स्थिति में वह दो अक्तूबर को गांधी जयंती के अवसर पर राजघाट पर नेताओं को सद्बुद्धि देने की प्रार्थना करेंगे और आंदोलन शुरू करने का ऐलान करेंगे।

चंदगीराम अखाड़ा के सामने रिंग रोड पर आयोजित महापंचायत में पालम 360 खाप के अधीन सभी सभी खापों के प्रतिनिधि और करीब 10 हजारों ने शिरकत की। इस मौके पर चौ. सुरेंद्र सोलंकी ने कहा कि राजधानी के ग्रामीणों के साथ देश आजाद होने के बाद भी अन्याय होना बदस्तूर जारी है, लेकिन वह अब अन्याय बर्दास्त नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की कृषि भूमि कोड़ियों के भाव अधिग्रहण करके उन्हें बेरोजगार कर दिया। इस दौरान गांवों में मौजूद ग्रामसभा भूमि पर सरकार ने हड़प ली, जबकि यह भूमि ग्रामीणों को मूलभूत सुविधा उपलब्ध कराने के लिए छोड़ी गई थी।

चौ. सुरेंद्र सोलंकी ने कहा कि भूमि अधिग्रहण के बाद ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कोई पहल नहीं की। वहीं उनको नौकरी व वैकल्पिक प्लाट भी नहीं दिए गए। दूसरी ओर ग्रामीणों पर हाउस टैक्स, कनवर्जन चार्ज, पार्किंग शुल्क समेत कई प्रकार के टैक्स लगाने के साथ-साथ भवन उप नियम जैसे कई नियम थोप दिए गए। इसके अलावा एक भी मास्टर प्लान में गांवों की ओर ध्यान नहीं दिया गया और ग्रामीणों को राहत देने का कार्य नहीं किया गया। इस तरह ग्रामीण जीवन गुलाम भारत की तरह व्यतीत कर रहे है।

उन्होंने कहा कि गांवों से हाउस टैक्स नहीं लिया जाए, संशोधित एवं किसान हितैषी लैंड पूलिंग पॉलिसी, डी.डी.ए. पॉलिसी, मास्टर प्लान 2041 का नोटिफिकेशन अविलम्ब जारी किया जाए, लैंड म्यूटेशन (दाखिल-खारिज) शुरू किया जाए, धारा 81 एवं 33 समाप्त किया जाए, धारा 81 के तहत पुराने मुकदमे वापिस लिए जाए, दिल्ली सरकार की ओर से ग्रामसभा की जमीन को डीडीए को देना बंद किया जाए, धारा 74/4 और 20 सूत्री के तहत गरीबों को अवंटित भूमि एवं प्लोटों को मालिकाना हक दिया जाए, लाल डोरे का विस्तार किया जाए, ग्रामीणों को भूमि अधिग्रहण करने के मामले में अल्टरनेटिव प्लॉट जल्द से जल्द दिए जाए, गांव वालों को पुश्तैनी संपति का मालिकाना हक दिया जाए।

ग्रामीणों में अपने साथ हो रहे अन्याय को लेकर इस कदर रोष है कि महापंचायत में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हुए। आम तौर पर महापंचायत में महिलाएं शिरकत नहीं करती है। इस दौरान महिलाओं ने अपनी मांगों के संबंध लिखी तख्तिया हाथों में लेकर पुरुषों से अधिक जोश के साथ नारेबाजी की। इस दौरान उन्होंने चेतावनी दी कि वह किसान आंदोलन की तरह गांवों के हितों के लिए पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलेगी।

महापंचायत में चौ. धारा सिंह प्रधान बवाना 52वीं, चौ नरेश प्रधान लाडोसराय 96, राव त्रिभुवन सिंह प्रधान सुरेहडा 18, रणबीर प्रधान नरेला 17, राजेन्द्र डागर प्रधान जाट महासभा, सुरेश शौकीन प्रधान नांगलोई 9, रोहतास शौकीन प्रधान पीरागढ़ी, बीजेंद्र पहलवान, भूषण त्यागी प्रधान बुराड़ी 12 आदि ने भी गांवों के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ आवाज बुलंद की।

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