Headline
हिप्र संकट पर जयराम रमेश का तंज, कहा- मोदी की गारंटी है कांग्रेस की सरकारों को गिराओ
रेलवे जमीन के बदले नौकरी मामला : दिल्ली की अदालत ने राबड़ी देवी और उनकी दो बेटियों को दी जमानत
उप्र का ‘रामराज्य’ दलित,पिछड़े, महिला,आदिवासियों के लिए है ‘मनुराज’ : कांग्रेस
प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर दी वैज्ञानिक समुदाय को बधाई
तमिलनाडु : औद्योगिक विकास के लिए प्रधानमंत्री का बड़ा प्रोत्साहन, शुरू की विभिन्न परियोजनाएं
वर्ष 2030 तक दुनिया में हम तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने वाले हैं : राष्ट्रपति मुर्मू
बिट्टु कुमार सिंह को मिला केंद्रीय विश्वविद्यालय से जनसंचार में स्नातकोत्तर की डिग्री
चंडीगढ़ महापौर चुनाव में ‘आप’ की जीत का बदला लेना चाहती है भाजपा: आतिशी
ईवीएम के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस के कई नेता गिरफ्तार

केजरीवाल को ईडी के पांचवे समन को लेकर आप ने भी खोला मोर्चा

नई दिल्ली, 31 जनवरी: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दिल्ली आबकारी नीति से जुड़े धन शोधन मामले में पूछताछ के लिये दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को एक बार फिर समन भेजा है। मुख्यमंत्री को भेजा गया यह पांचवा समन है। अब इसको लेकर आम आदमी पार्टी ने भी मोर्चा खोल दिया है। ईडी के नोटिस पर आप नेता प्रियंका कक्कड़ ने कहा, ‘हमारी कानूनी टीम समन का अध्ययन कर रही है, हम कानून के मुताबिक फैसला लेंगे।’

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि दिल्ली आबकारी नीति से जुड़े कथित धनशोधन के मामले में ईडी ने केजरीवाल को पूछताछ के लिए पांचवी बार समन जारी किया है। माना जा रहा है कि केंद्रीय एजेंसी ने दिल्ली के मुख्यमंत्री को पूछताछ के लिए दो फरवरी को अपने कार्यालय में बुलाया है।

एक संक्षिप्त बयान में ‘आप’ की मुख्य राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने कहा, ‘‘हमें पांचवें समन के बारे में खबर मिली है। हमारी कानूनी टीम इसका अध्ययन कर रही है और हम तय करेंगे कि कानून के अनुसार क्या करना है। पहले के समन अवैध थे और हमने प्रवर्तन निदेशालय से जवाब मांगा था।”

‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक केजरीवाल 2023 में दो नवंबर और 21 दिसंबर और 2024 में तीन जनवरी और 18 जनवरी को पूछताछ के लिए ईडी द्वारा पूर्व में जारी चार समन पर पेश नहीं हुए थे। उन्होंने इन नोटिस को ‘गैरकानूनी’ करार दिया था। ईडी ने आरोप लगाया गया है कि शराब कारोबारियों को लाइसेंस देने के लिए दिल्ली सरकार की 2021-22 की आबकारी नीति ने गिरोहबंदी की अनुमति दी और कुछ डीलरों का पक्ष लिया जिसके लिए कथित तौर पर रिश्वत दी गई।

हालांकि, ‘आप’ ने इन आरोपों का खंडन किया है। बाद में विवादित आबकारी नीति को रद्द कर दिया गया और दिल्ली के उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की सिफारिश की। सीबीआई द्वारा मामले में प्राथमिकी दर्ज किए जाने के आधार पर ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत मामला दर्ज किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top