सिडनी/नई दिल्ली।ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट के भरोसेमंद बल्लेबाज़ उस्मान ख्वाजा ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर को विराम देने का ऐलान कर दिया है। ख्वाजा ने स्पष्ट किया कि सिडनी में खेला जाने वाला आगामी मैच उनके करियर का आखिरी मुकाबला होगा। उनके इस फैसले से क्रिकेट जगत में हलचल मच गई है और प्रशंसकों के बीच भावुक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
अपने बयान में ख्वाजा ने कहा कि उन्होंने लंबे समय तक इस निर्णय पर विचार किया और अब उन्हें लगता है कि सम्मानजनक विदाई का यह सही समय है। उन्होंने टीम, प्रशंसकों और क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया का आभार जताते हुए कहा कि देश के लिए खेलना उनके जीवन का सबसे बड़ा गौरव रहा।
ख्वाजा ने अपने करियर में धैर्यपूर्ण बल्लेबाज़ी, तकनीकी मजबूती और मुश्किल परिस्थितियों में जिम्मेदारी लेने के लिए खास पहचान बनाई। घरेलू मैदानों के साथ-साथ विदेशी दौरों पर भी उन्होंने अहम पारियां खेलीं और ऑस्ट्रेलियाई मध्यक्रम को स्थिरता दी। चयन के उतार-चढ़ाव के बावजूद उन्होंने दमदार वापसी की और टीम के भरोसेमंद खिलाड़ी बने रहे।
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि ख्वाजा का संन्यास ऑस्ट्रेलियाई टीम के लिए एक युग के अंत जैसा है। उनके अनुभव और शांत स्वभाव ने ड्रेसिंग रूम में नेतृत्व की भूमिका निभाई। सिडनी में होने वाला आखिरी मैच न सिर्फ उनके करियर का समापन होगा, बल्कि प्रशंसकों के लिए भी एक भावुक पल साबित होने वाला है।
टीम प्रबंधन और साथी खिलाड़ियों ने ख्वाजा के योगदान की सराहना की है। उम्मीद है कि सिडनी में विदाई मैच के दौरान स्टेडियम में उन्हें खास सम्मान मिलेगा और फैंस अपने चहेते बल्लेबाज़ को आखिरी बार मैदान पर खेलते देखेंगे।
कुल मिलाकर, उस्मान ख्वाजा का संन्यास ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट के इतिहास में एक अहम अध्याय के रूप में दर्ज होगा—एक ऐसा अध्याय, जो जुझारूपन, संयम और निरंतरता की मिसाल पेश करता है।