नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में वित्त वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश किया। यह उनका लगातार नौवां बजट रहा, जिसमें सरकार की आर्थिक स्थिरता, समावेशी विकास और दीर्घकालिक सुधारों की स्पष्ट झलक देखने को मिली। बजट भाषण में उन्होंने आर्थिक अनुशासन, सामाजिक सशक्तिकरण, स्वास्थ्य, रियल एस्टेट, इंफ्रास्ट्रक्चर और कर सुधारों पर विशेष जोर दिया।

बजट पेश करते समय वित्त मंत्री तमिलनाडु की पारंपरिक पर्पल रंग की ‘कट्टम कांजीवरम सिल्क साड़ी’ में नजर आईं। यह साड़ी भारतीय हैंडलूम और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक मानी जाती है। राजनीतिक गलियारों में इसे तमिलनाडु में प्रस्तावित विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र एक सांकेतिक संदेश के रूप में भी देखा जा रहा है।

राजकोषीय अनुशासन पर सरकार का फोकस

वित्त मंत्री ने बताया कि FY 2027 में राजकोषीय घाटा GDP का 4.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जबकि कर्ज-से-GDP अनुपात 55.6 प्रतिशत रहने की संभावना जताई गई है। उन्होंने दोहराया कि सरकार राजकोषीय घाटे को 4.5 प्रतिशत से नीचे लाने के लक्ष्य की ओर मजबूती से आगे बढ़ रही है। यह संकेत देता है कि सरकार विकास और वित्तीय अनुशासन के बीच संतुलन बनाए रखना चाहती है।

कर सुधार: छोटे करदाताओं को राहत

बजट में करदाताओं के लिए बड़ी राहत की घोषणा की गई। वित्त मंत्री ने कहा कि नया आयकर कानून 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा, जिससे टैक्स सिस्टम और प्रक्रियाएं सरल, पारदर्शी और करदाता-अनुकूल बनेंगी।

इसके साथ ही आईटी सेवाओं के लिए समान सेफ हार्बर मार्जिन लागू करने और इसकी सीमा 2000 करोड़ रुपये तक बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया, जिससे स्टार्टअप्स और आईटी कंपनियों को अनुपालन में आसानी मिलेगी।

विदेशी शिक्षा और इलाज हुआ सस्ता

विदेश में पढ़ाई और मेडिकल ट्रीटमेंट कराने वालों के लिए सरकार ने बड़ी राहत दी है। लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) के तहत शिक्षा और मेडिकल खर्च पर लगने वाला TCS 5% से घटाकर 2% कर दिया गया है। इससे मध्यम वर्ग और छात्रों पर वित्तीय बोझ कम होगा।

रियल एस्टेट को नई रफ्तार

रियल एस्टेट सेक्टर के लिए बजट में REITs (रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट्स) के जरिए एसेट रीसाइक्लिंग को बढ़ावा देने की घोषणा की गई। इससे डेवलपर्स और सरकारी संस्थाएं अपनी निष्क्रिय संपत्तियों को मॉनेटाइज कर नई परियोजनाओं में निवेश कर सकेंगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे नकदी प्रवाह सुधरेगा और निवेशकों का भरोसा मजबूत होगा।

स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐतिहासिक पहल

स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए बजट में ₹10,000 करोड़ की ‘बायोफार्मा शक्ति योजना’ की घोषणा की गई। इस योजना के तहत कैंसर, डायबिटीज और ऑटो-इम्यून बीमारियों से जुड़ी दवाओं के स्वदेशी उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा। इसका उद्देश्य भारत को फार्मा सेक्टर में आत्मनिर्भर बनाना और इलाज को सस्ता करना है।

सामाजिक योजनाएं और ग्रामीण विकास

बजट में कई नई और मौजूदा योजनाओं को विस्तार दिया गया, जिनमें शामिल हैं:

  • नेशनल डेस्टिनेशन डिजिटल नॉलेज ग्रिड
  • लखपति दीदी योजना
  • दिव्यांगजन कौशल एवं सहारा योजना
  • पशुधन उद्यमों का आधुनिकीकरण
  • तटीय क्षेत्रों में काजू, नारियल और चंदन उत्पादन को बढ़ावा

इन योजनाओं का मकसद ग्रामीण अर्थव्यवस्था, महिला सशक्तिकरण और रोजगार सृजन को मजबूती देना है।

वाराणसी को मिली हाई-स्पीड रेल की सौगात

बजट में वाराणसी के लिए एक बड़ी सौगात का ऐलान किया गया। शहर को हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर से जोड़ने की घोषणा की गई है। देश में प्रस्तावित **सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर में से दो वाराणसी से जुड़े होंगे, जिससे पूर्वांचल और आसपास के क्षेत्रों में आर्थिक और औद्योगिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।

कुल मिलाकर, बजट 2026-27 को आर्थिक स्थिरता, सामाजिक न्याय और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया बजट माना जा रहा है, जो भारत की विकास यात्रा को अगले चरण में ले जाने का रोडमैप पेश करता है।

Rajnish Pandey
A media professional with experience in print and digital journalism, handling news editing and content management with a focus on accuracy and responsible reporting.

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