नई दिल्ली, 17 मई: चर्चित ट्रैवल ब्लॉगर और यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा को भारत के खिलाफ देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है। बताया जा रहा है कि ज्योति का पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियों के साथ भी संबंध जिनके साथ मिलकर उसने कई संवेदनशील जानकारियां भी शेयर कीं। ज्योति के साथ 6 ऐसे लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है जो उसके सहयोगी थे। फिलहाल मामले में जांच जारी है।

मिली जानकारी के अनुसार ज्योति मलहोत्रा ने साल 2023 में पाकिस्तान की यात्रा की थी। इस दौरान पाकिस्तान में ज्योति की मुलाकात पाकिस्तान हाई कमीशन के कर्मचारी एहसान-उर-रहीम उर्फ दानिश से हुई थी। इस मुलाकात के बाद ज्योति और दानिश के बीच अच्छे संबंध बन गए। इसके बाद दानिश ने ज्योति की दोस्ती कई पाकिस्तानी खुफिया एजेंट्स से कराई, जिनके साथ वह वॉट्सएप, टेलीग्राम और स्नैपचैट जैसे सोशल मीडिया के माध्यम से संपर्क में रहती थी। बताया गया कि ज्योति इन प्लेटफार्म के माध्यम से कई संवेदनशील जानकारियां पाकिस्तानी एजेंट्स को शेयर करती थी। जानकारी ये भी मिल रही है कि ज्योति हाल ही में पाकिस्तनी खुफिया अधिकारी के साथ बाली ट्रिप पर भी गई थी।

बता दें कि एहसान-उर-रहीम उर्फ दानिश को जासूसी में शामिल होने के लिए 13 मई 2025 को भारत सरकार ने अवांछित व्यक्ति घोषित किया और उसे देश छोड़ने का आदेश दिया गया था। ज्योति को जिम्मेदारी सौंपी गई थी कि वह सोशल मीडिया के माध्यम से पाकिस्तान की सकारात्मक छवि पेश करे। पाकिस्तान उसका इस्तेमाल भारत के खिलाफ प्रचार और जासूसी गतिविधियों के लिए कर रहा था। बता दें कि यह केवल ज्योति तक सीमित मामला नहीं है, बल्कि इससे एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है, जिसमें पंजाब और हरियाणा के कई जिलों के लोग शामिल हैं।

ये सभी आरोपी या तो पाकिस्तानी एजेंट्स के संपर्क में थे या उनके लिए वित्तीय लेनदेन का माध्यम बने हुए थे। जिन आरोपियों को अरेस्ट किया गया है, उनमें 32 साल की गजाला भी शामिल है, जो दानिश के साथ वित्तीय लेन-देन में शामिल थी और वीजा प्रक्रिया में मदद कर रही थी। इसके अलावा यामीन मोहम्मद शामिल है, जो दानिश को हवाला और अन्य माध्यमों से पैसे पहुंचाने में मदद करता था। वहीं हरियाणा के कैथल से देविंदर सिंह ढिल्लो को अरेस्ट किया गया है। यह पाकिस्तान यात्रा के दौरान संपर्क में आया था, उसने पटियाला छावनी के वीडियो पाकिस्तानी एजेंट्स को भेजे।

इसके अलावा हरियाणा के नूंह से अरमान नाम के स्थानीय मुस्लिम युवक को अरेस्ट किया गया है, जिसने भारतीय सिम कार्ड्स मुहैया कराए और 2025 में डिफेंस एक्सपो की साइट तक का दौरा पाकिस्तानी एजेंट्स के निर्देश पर किया। सरकार और एजेंसियां अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सक्रिय संदिग्ध तत्वों की निगरानी और जांच को और तेज करने की योजना बना रही हैं। ज्योति ही एकमात्र ऐसी महिला नहीं है, जिसे पाक खुफिया एजेंसी ने फंसाया था, बल्कि पंजाब में एक विधवा महिला गजाला का भी इस्तेमाल सूत्रों को पैसे भेजने के लिए किया गया। गजाला पंजाब के मलेरकोटला की रहने वाली है। उसने 2010 में इस्लामिक गर्ल्स स्कूल मलेरकोटला से 10वीं की पढ़ाई की, बाद में 2012 में उसी स्कूल से 12वीं की।

23 अप्रैल 2018 को गजाला की शादी इमरान राणा पुत्र मोहम्मद शकील अहमद निवासी मोहल्ला चोरमारा मलेरकोटला से हुई। हालांकि 22 मार्च 2020 को हार्ट अटैक के कारण उसके पति का निधन हो गया। 27 फरवरी 2025 को गजाला पाकिस्तानी वीजा के लिए आवेदन करने नई दिल्ली में पाकिस्तान हाई कमीशन गई, जहां उसकी मुलाकात PHC के एक अधिकारी दानिश से हुई। दोनों ने अपने नंबर शेयर किए, जिसके बाद गजाला मलेरकोटला के लिए रवाना हुई। दानिश ने गजाला को मैसेज करना शुरू कर दिया और वे एक-दूसरे से बात करने लगे। वे वीडियो कॉल और चैटिंग के जरिए संपर्क में रहे. कुछ दिनों के बाद गजाला को उससे प्यार हो गया, क्योंकि दानिश ने उससे वादा किया था कि वह उससे शादी करेगा।

कुछ दिन बाद दानिश ने गजाला को चैटिंग के लिए वॉट्सएप से टेलीग्राम पर स्विच करने के लिए कहा, यह कहते हुए कि वॉट्सएप सुरक्षित नहीं है। 7 मार्च 2025 को दानिश ने गजाला को उसके निजी खर्चों के लिए 10,000 रुपए फोन-पे पर भेजे। इसके बाद 23 मार्च 2025 को दानिश ने गजाला को फिर से 20,000 रुपए भेजे। दानिश ने गजाला को 20,000 में से 10,000 रुपए कुछ लोगों को भेजने के लिए कहा। गजाला ने ठीक वैसा ही किया, गजाला ने उसके बताए गए व्यक्तियों को 1,800, 899, 699 और 3,000 की राशि ट्रांसफर कर दी।

Rajnish Pandey
A media professional with experience in print and digital journalism, handling news editing and content management with a focus on accuracy and responsible reporting.

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