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खूंटी (झारखंड), 25 मई : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के झारखंड दौरे के दूसरे दिन गुरुवार को खूंटी में कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा की धरती पर राष्ट्रपति को पाकर हम सभी अत्यंत आह्लादित हैं। भारत सरकार के जनजातीय मंत्रालय के मंत्री के रूप में राष्ट्रपति का स्वागत करते हुए अत्यंत प्रसन्नता का अनुभव हो रहा है। आपके आगमन से हम सभी गौरवान्वित हैं।

उन्होंने कहा कि महिलाएं सशक्त हों, यह मोदी सरकार की मंशा है। बेटी पढ़ाओ-बेटी बढ़ाओ के मूल मंत्र के साथ काम हो रहा है। मुंडा ने अपील किया कि महिलाएं गांवों को रोजगार का केंद्र बनायें। उन्होंने कहा कि सुदूर गांवों में रहने वाली महिलाओं को रोजगारोन्मुखी कार्यक्रमों से जोड़ने का काम चल रहा है। स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और जीवनयापन में कैसे वृद्धि हो यह मंत्रालय कर रहा है। हम इस अभियान को आंदोलन का रूप देंगे। भगवान बिरसा मुंडा आंदोलन के समय अंग्रेजों ने यहां के लोगों के हिसाब से कानून बनाने के लिए बाध्य किया, उन्हीं के आंदोलन के फलस्वरूप सीएनटी एक्ट बना।

अर्जुन मुंडा ने कहा कि खूंटी के 254 गांव को आदर्श ग्राम बनाने का निर्णय लिया गया है। केंद्र सरकार ने समस्त गांवों को वन क्षेत्र के प्रबंधन और संरक्षण की जिम्मेवारी दी है। इसी में फॉरेस्ट राइट एक्ट भी है और इसे पुनः संरक्षित करने का काम भारत सरकार कर रही है। हाई कोर्ट ने भी कहा था कि जंगल के प्रबंधन का अधिकार वहां रहने वाले लोगों का है और भारत सरकार इसपर काम कर रही हैं।

उन्होंने कहा कि रोजगार के साथ सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने की जरूरत है। राष्ट्रपति को महिलाओं ने वनोपज दिया। यह इसलिए भी है कि इन आदिवासी महिलाओं के बच्चे को भी न्याय मिले। ट्रिपल आईटी में उनके भी बच्चे पढ़ें। नई शिक्षा नीति में क्षेत्रीय भाषाओं को प्राथमिकता दी गयी है। 71 एकलव्य मॉडल स्कूल दिया गया। यह जल्द से जल्द शुरू हो, यह राज्य सरकार तय करे। हमारी पहचान जल, जंगल और जमीन है। बिरसा मुंडा का बलिदान भी जल, जंगल, जमीन के लिए हुआ।

Rajnish Pandey
A media professional with experience in print and digital journalism, handling news editing and content management with a focus on accuracy and responsible reporting.

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