द्वारका/नई दिल्ली, 04 अक्टूबर : द्वारका के सेक्टर-7 स्थित सी सी आर टी ग्राउंड में इस बार देश की परंपरा, संस्कृति और स्वदेशी उत्पादों का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। सांस्कृतिक स्त्रोत प्रशिक्षण केंद्र के तत्वावधान में आयोजित “स्वदेशी मेला को लेकर तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं।

आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मेला संयोजक रविंद्र सोलंकी ने मेले की विस्तृत जानकारी साझा की और बताया कि इस बार का आयोजन पहले से कहीं अधिक भव्य और आकर्षक रहेगा।

रविंद्र सोलंकी ने कहा कि इस बार मेले में देश के 15 राज्यों के कलाकार, शिल्पकार और उद्यमी हिस्सा लेंगे। यहां पर हस्तनिर्मित वस्तुओं, पारंपरिक परिधानों, आभूषणों, हैंडलूम उत्पादों और क्षेत्रीय व्यंजनों के स्टॉल लगाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि “स्वदेशी मेला केवल एक बाजार नहीं, बल्कि भारत की आत्मा — उसकी कला, संस्कृति और परंपरा का जीवंत उत्सव है।”

मेले में देश के कोने-कोने से कलाकार अपनी लोककला, नृत्य और संगीत के माध्यम से भारतीय संस्कृति की झलक प्रस्तुत करेंगे। राजस्थान का घूमर नृत्य, हरियाणा का फाग, महाराष्ट्र का लावणी और पूर्वोत्तर राज्यों की लोककलाओं से पूरा वातावरण रंगीन होने वाला है।

मेला सचिव योगेश सैनी ने बताया कि स्कूली बच्चों की प्रतियोगिताएं आकर्षण का केंद्र रहेंगी, मंच से सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे जिसमें लोक गीत, उत्राखंड की धरोहर की प्रस्तुति, बी एस एफ का बैंड जो देश भक्ति के साथ सबका मनोरजन करेगा,

डॉ मंजीत सिंह प्रांतीय सह सयोजक स्वदेशी जागरण मंच नेबताया कि मेले के दौरान बच्चों के लिए विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया जाएगा, जिनमें वेलकूद, सूर्य नमस्कार, बोरी दौड़, रस्साकशी, राप्ती कूद और रंग भरो प्रतियोगिता प्रमुख हैं। इन प्रतियोगिताओं का उद्देश्य बच्चों में स्वदेशी संस्कृति के प्रति जुड़ाव और उत्साह पैदा करना है।

प्रधानमंत्री के ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान को मिलेगा ,

बीच में फिर अपनी बात पूरी करते हुए रविंद्र सोलंकी ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमेशा “स्वदेशी अपनाओ” का संदेश दिया है। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए यह मेला भारतीय उत्पादों को प्रोत्साहित करने और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को सशक्त करने का एक सशक्त माध्यम बनेगा।

खानपान और मनोरंजन का भी भरपूर इंतजाम

मेले में न सिर्फ खरीदारी करने का मौका मिलेगा, बल्कि परिवारों के लिए मनोरंजन और खानपान की भी विशेष व्यवस्था की गई है। यहां पर देशी पकवानों, पारंपरिक मिठाइयों और क्षेत्रीय व्यंजनों की खुशबू चारों ओर बिखरी रहेगी।

जनमानस में उत्साह का माहौल

मेले को लेकर द्वारका और आसपास के इलाकों में उत्साह का माहौल है। स्थानीय निवासी बड़ी संख्या में मेले में शामिल होने की तैयारी में हैं। विभाग कार्य वाह बल्लभ पाठक के अनुसार यह मेला न सिर्फ मनोरंजन का केंद्र बनेगा, बल्कि “भारत की विविधता में एकता” के भाव को भी मजबूत करेगा।इस अवसर पर प्रमोद शर्मा ने सभी को स्वदेशी अपनाने पर जो दिया, प्रेस कांफ्रेंस में सभी का धन्यबाद ज्ञापित मीडिया प्रमुख नीलेन्द्र पाठक ने किया।

Rajnish Pandey
A media professional with experience in print and digital journalism, handling news editing and content management with a focus on accuracy and responsible reporting.

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