सोमनाथ (गुजरात): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात के दो दिवसीय दौरे पर हैं। दौरे के दूसरे दिन उन्होंने विश्व प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर में आयोजित ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के तहत निकाली गई भव्य शौर्य यात्रा में हिस्सा लिया। इस अवसर पर पूरा सोमनाथ क्षेत्र हर-हर महादेव और डमरू की गूंज से गूंज उठा। दोनों हाथों में डमरू थामे शिव भक्तों का विशाल हुजूम प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए उमड़ पड़ा।
शौर्य यात्रा में पारंपरिक वेशभूषा, ढोल-नगाड़ों और धार्मिक नारों के बीच ऐतिहासिक और आध्यात्मिक वातावरण देखने को मिला। प्रधानमंत्री मोदी ने यात्रा के दौरान शिवभक्तों का अभिवादन किया और सोमनाथ की ऐतिहासिक विरासत को नमन किया। उन्होंने कहा कि सोमनाथ केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि भारत की आस्था, साहस और स्वाभिमान का प्रतीक है।
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि बार-बार आक्रमणों और विनाश के बावजूद सोमनाथ का पुनर्निर्माण भारत की सांस्कृतिक चेतना और अदम्य साहस का उदाहरण है। उन्होंने इसे नए भारत की आत्मा से जोड़ते हुए कहा कि देश अपनी परंपराओं और विरासत पर गर्व के साथ आगे बढ़ रहा है।
इस मौके पर गुजरात के मुख्यमंत्री, राज्यपाल, संत-महात्मा, साधु-संत और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे, जबकि प्रशासन ने पूरे आयोजन को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की थीं।
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के जरिए धार्मिक आस्था के साथ-साथ सांस्कृतिक राष्ट्रवाद का संदेश भी दिया गया। कार्यक्रम के अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने मंदिर में पूजा-अर्चना कर देश की शांति, समृद्धि और विकास की कामना की।
सोमनाथ में आयोजित यह आयोजन न सिर्फ धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि इसने देशभर में सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय गौरव की भावना को और मजबूत किया।