नई दिल्ली। लंबी उम्र जीना हर किसी की चाह होती है, लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि सिर्फ ज्यादा साल जीना नहीं, बल्कि उन सालों को स्वस्थ तरीके से जीना असली सफलता है। भारत जैसे देश में, जहां डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और हृदय रोग तेजी से बढ़ रहे हैं, औसतन लोग अपने जीवन के करीब 8–10 साल किसी न किसी गंभीर बीमारी से जूझते हुए बिताते हैं।

लेकिन अब राहत की खबर है। अंतरराष्ट्रीय मेडिकल जर्नल द लांसेट में प्रकाशित एक हालिया स्टडी के मुताबिक, रोज़मर्रा की जिंदगी में किए गए बहुत छोटे बदलाव भी आपकी सेहत और उम्र दोनों पर बड़ा असर डाल सकते हैं।

नींद के सिर्फ 5 मिनट, सेहत के लिए बड़ा बदलाव

स्टडी में बताया गया है कि अगर कोई व्यक्ति रोज़ अपनी नींद में सिर्फ 5 मिनट का इज़ाफा करता है, तो इससे शरीर पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

पर्याप्त नींद:

* हार्मोन बैलेंस सुधारती है

* इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाती है

* तनाव और डिप्रेशन को कम करती है

* डायबिटीज और हाई बीपी के खतरे को घटाती है

विशेषज्ञों का कहना है कि नींद को “समय की बर्बादी” समझने की सोच बदलनी होगी, क्योंकि यही शरीर की असली मरम्मत का समय होता है।

इतना ही नहीं, स्टडी में यह भी सामने आया कि दिन में सिर्फ 2 मिनट की अतिरिक्त वॉक करने से भी स्वास्थ्य पर चौंकाने वाला असर पड़ता है।

यह छोटी सी आदत:

* ब्लड सर्कुलेशन बेहतर करती है

* दिल की बीमारियों का जोखिम घटाती है

* मोटापे को कंट्रोल में रखती है

* मानसिक थकान कम करती है

विशेषज्ञ बताते हैं कि यह जरूरी नहीं कि आप रोज़ घंटों जिम जाएं। निरंतरता और छोटी आदतें ज्यादा असरदार होती हैं।

क्यों खास है यह स्टडी भारतीयों के लिए?

भारत में तेजी से बदलती जीवनशैली, बैठकर काम करने की आदत और अनियमित दिनचर्या के कारण लोग कम उम्र में ही बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं।

ऐसे में यह रिसर्च खास इसलिए है क्योंकि इसमें महंगे इलाज या कठिन नियमों की नहीं, बल्कि व्यावहारिक और आसान बदलावों की बात की गई है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर कोई व्यक्ति:

* रोज़ 5 मिनट ज्यादा सोए

* 2 मिनट ज्यादा चले

* मोबाइल और स्क्रीन टाइम थोड़ा कम करे

* नियमित दिनचर्या अपनाए

तो वह न सिर्फ लंबी उम्र जी सकता है, बल्कि बीमारियों से दूर रहकर एक बेहतर जीवन भी जी सकता है।

लंबी और स्वस्थ जिंदगी का राज किसी चमत्कारी दवा में नहीं, बल्कि रोज़ के छोटे फैसलों*में छिपा है। आज लिया गया एक छोटा सा कदम, आने वाले सालों को दर्द और दवाइयों से मुक्त कर सकता है।

क्यों न आज से ही शुरुआत की जाए — सिर्फ 7 मिनट से।

Rajnish Pandey
A media professional with experience in print and digital journalism, handling news editing and content management with a focus on accuracy and responsible reporting.

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