नई दिल्ली, 25 नवंबर : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि भारत में सहकारिता ने विचार से आंदोलन, आंदोलन से क्रांति और क्रांति से सशक्तिकरण तक का सफर किया है और यह भारत के लिए संस्कृति का आधार और जीवन शैली है। श्री मोदी ने सोमवार को अंतर्राष्ट्रीय सहकारी गठबंधन (आईसीए) के वैश्विक सहकारी सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार सहकार से समृद्धि के मंत्र पर चल रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘हम सरकार और सहकार की शक्ति को एक साथ जोड़कर भारत को विकसित बनाने में जुटे हैं।” प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत भविष्य के विकास में सहकारिता की बहुत बड़ी भूमिका देखते हुए सहकारी समिति को बहुद्देशीय बनाने की दिशा में बढ रहा है। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखकर सरकार ने अलग से सहकारिता मंत्रालय बनाया है।

उन्होंने कहा कि सहकारिता क्षेत्र में महिलाओं की बड़ी भूमिका है। देश में अभी महिलाओं के नेतृत्व में विकास का दौर है और हम इस पर बहुत ध्यान दे रहे है। उन्होंने कहा कि भारत का मानना है कि सहकारिता से वैश्विक सहयोग को नई ऊर्जा मिल सकती है। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से ग्लोबल साउथ के देशों को जिस प्रकार के विकास की जरूरत है उसमें सहकारिता मदद कर सकती है।

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