नई दिल्ली, 19 दिसंबर : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोकसभा के सदन में दो युवकों के कूदने की घटना पर विपक्ष के बयानों को इस घटना जितना ही खतरनाक और लोकतंत्र विरोधी करार दिया है और कहा है कि आगामी आम चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्यों की संख्या से पूरा सदन भर जाएगा और विपक्ष का संख्या क्या होगी, सबको अंदाजा है।

भाजपा संसदीय दल की वर्ष 2023 की अंतिम बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री प्रल्हाद जोशी ने यहां संवाददाताओं को बताया कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने बैठक में सभी भाजपा सांसदों को संबोधित करते हुए कहा कि यह वर्ष 2023 की अंतिम संसदीय दल बैठक है। उन्होंने कहा कि वह वर्ष 2014 से यदि दिल्ली में रहे हैं तो एक भी संसदीय दल की बैठक से अनुपस्थित नहीं रहे। इसका कारण यह है कि उनके मन में कार्यकर्ता का भाव अब भी जीवित है। विचार के लिए जीना और उसी के लिए कार्य करने से उन्हें सुखानुभूति होती है।

श्री जोशी ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने विपक्षी के इंडी गठबंधन की आज होने वाली बैठक का उल्लेख करते हुए कहा कि ‘आज गठबंधन कुछ लोग मिल रहे हैं, इनका मकसद सरकार को उखाड़ फेंकना है जबकि हम सब जो यहां बैठे हैं, हमारा विचार भारत के उज्ज्वल भविष्य के लिए काम करना है। हम भारत के उज्ज्वल भविष्य के लिए जीयेंगे।’ श्री मोदी ने वाराणसी में विकसित भारत संकल्प रैली में भाग लेने के अनुभव को साझा किया और कहा कि लोगों की प्रतिक्रिया देख कर हमारा विश्वास कई गुना बढ़ गया है।

पूर्व केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि बैठक में प्रधानमंत्री ने कहा कि इस समय हॉल में भाजपा सांसदों से ढाई ब्लॉक भरते हैं लेकिन आने वाले चुनाव के बाद 2़024 में पूरा ब्लॉक भाजपा सांसदों से भर जाएगा। विपक्ष के लोगों की संख्या क्या होगी, यह सबको पता है।

श्री जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने सीमावर्ती गांवों के बारे में चर्चा की और कहा कि गुजरात में पाकिस्तान की सीमा से लगे कच्छ जिले के रन में स्थित सीमावर्ती गांवों में रनोत्सव चल रहा है। सांसद बड़ी संख्या में उसे देखने जाएं। श्री मोदी ने सूरत में हीरा उद्योग के लिए डायमंड पार्क के उद्घाटन का जि़क्र किया और कहा कि कुछ वर्षों पहले विश्वास नहीं होता था कि ऐसे भवन भारत में बन भी सकेंगे या नहीं।

संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने संसद में हुई घटना पर कहा कि जो भी व्यक्ति लोकतंत्र में विश्वास करता है, उसे इसकी घोर निंदा करनी चाहिए। लेकिन कुछ पार्टियां हाल के चुनावों के नतीजों से निराश एवं हताश हो कर संसद की घटना के समर्थन की भाषा बोल रहे हैं। यह उतना ही खतरनाक है जितनी वह घटना थी।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने भाजपा के सांसदों से शीतकालीन सत्र के बाकी दिनों में सदन में मौजूद रहने को कहा ताकि आवश्यक विधेयक पारित हो सकें। उन्होंने कहा कि कुछ विधेयक ऐसे हैं जिनका प्रभाव आने वाले सौ डेढ़ सौ साल तक समाज पर पड़ेगा।

Rajnish Pandey
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