नई दिल्ली, 07 फरवरी : राष्ट्रीय राजधानी में शुक्रवार को उस समय राजनीतिक गहमागहमी बढ़ गई, जब भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) की एक टीम आम आदमी पार्टी (आप) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल के 5, फिरोजशाह रोड स्थित आवास पर पहुंची।

इससे एक दिन पहले ही केजरीवाल ने भाजपा पर आठ फरवरी को दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजों से पूर्व पार्टी के 16 उम्मीदवारों को खरीदने का प्रयास करने का आरोप लगाया था। उन्होंने आरोप लगाया कि आप उम्मीदवारों को पाला बदलने पर भाजपा की ओर से मंत्री पद और 15-15 करोड़ रुपये मिलने का प्रस्ताव मिला है।

दिल्ली की 70 विधानसभा सीट के लिए पांच फरवरी को मतदान हुआ था और नतीजे शनिवार को घोषित किए जाएंगे।

दिल्ली के उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना ने शुक्रवार को आम आदमी पार्टी (आप) के नेताओं के आरोपों की जांच एसीबी से कराने के आदेश दिए। हालांकि, स्थिति तब तनावपूर्ण हो गई जब आप नेताओं ने एसीबी अधिकारियों को केजरीवाल से मिलने से रोक दिया और उन पर भाजपा के प्रभाव में काम करने का आरोप लगाया।

आम आदमी पार्टी के विधि प्रकोष्ठ के प्रमुख संजीव नसियार ने कहा कि एसीबी के पास न तो वारंट है और न ही जांच का आदेश। उन्होंने कहा कि वे सिर्फ केजरीवाल के घर के बाहर बैठे हैं और उन्हें नहीं पता कि क्या करना है।

नसियार ने कहा, ‘‘हमने उन्हें (एसीबी अधिकारियों) केजरीवाल के आवास में प्रवेश करने और उनसे मिलने की अनुमति नहीं दी है। जब हमने पूछा कि वे यहां क्यों आए हैं, तो उन्होंने कहा कि उन्हें केजरीवाल से शिकायत लेने के लिए भेजा गया है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘आप के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह पहले ही शिकायत दर्ज कराने के लिए एसीबी के कार्यालय पहुंच चुके हैं। वे (एसीबी अधिकारी) बस फोन पर किसी और से आदेश ले रहे हैं। यह भाजपा का एक राजनीतिक हथकंडा मात्र है।’’

सिंह ने आरोप लगाया कि 16 से ज्यादा आप उम्मीदवारों से संपर्क कर उन्हें पार्टी से अलग करने की कोशिश की गई है।

राज्यसभा सदस्य ने कहा, ‘‘हमने पहले ही एक ऐसे मामले का फोन नंबर जारी कर दिया है और अब हम शिकायत दर्ज कराने जा रहे हैं। जांच के दौरान सभी विवरण सामने आ जाएंगे। मैं भाजपा को चुनौती देता हूं कि कम से कम एक के खिलाफ कार्रवाई करके दिखाए।’

Rajnish Pandey
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