पूर्णिया, 16 अप्रैल: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को बिहार के सीमांचल इलाके के पूर्णिया में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए किसान, युवा की बात की तो सीमांचल में अवैध घुसपैठ को भी उठाया। पूर्णिया में हवाई अड्डा बनाने का वादा किया तो जंगलराज और आपातकाल की चर्चा करते हुए विरोधियों पर निशाना साधा।

उन्होंने संविधान लागू होने के 75 साल पूरा होने पर ‘संविधान पर्व’ मनाने की घोषणा की। पूर्णिया के रंगभूमि मैदान में एनडीए प्रत्याशी संतोष कुशवाहा के पक्ष में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने भ्रष्टाचारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि अगले पांच साल भ्रष्टाचारियों पर और बड़ा वार होगा। सीमांचल बिहार का संवेदनशील इलाका है। वोट बैंक के चलते सीमांचल को अवैध घुसपैठ का खतरा ज्यादा है, जिससे हमारे गरीब और दलित भाइयों को भुगतना पड़ता है।

उन्होंने भरोसा देते हुए कहा कि देश की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाला हर तत्व सरकार की नजर में है। 4 जून का परिणाम सीमांचल की सुरक्षा तय करेगा। यहां के किसान मक्का, जूट, मखाने की खेती करते हैं। पूर्णिया के किसान देश का 20 फीसदी मखाना पैदा करते हैं। एनडीए सरकार मखाने को सुपरफूड के रूप में प्रमोट कर रही है। दुनियाभर में मोटे अनाज का प्रमोशन किया। जी-20 में दुनियाभर के मेहमानों को मोटा अनाज खिलाया, जिसे श्रीअनाज कहा जाता है। इसका फायदा किसानों तक पहुंच रहा है। देश का पहला ग्रीन फील्ड एथनॉल प्लांट पूर्णिया में लगाया गया है।

उन्होंने भरोसा देते हुए कहा कि अब वो दिन दूर नहीं जब पूर्णिया में भी प्लेन उतरेंगे। आपके सपने भी मोदी का संकल्प है, इसलिए गांव, गरीब, दलित, वंचित दशकों से जिन समस्याओं से जूझ रहे थे। 10 साल में उनका समाधान दिया। देश में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए। 4 करोड़ लोगों को पक्का मकान मिला। देश के 50 करोड़ से ज्यादा गरीबों, वंचितों का बैंक में खाता खोला गया। अब 70 साल से ज्यादा उम्र के लोगों का मुफ्त में इलाज भी होगा। अभी तो यह ट्रेलर है। अभी हमें पूर्णिया, सीमांचल, बिहार और देश को बहुत आगे लेकर जाना है।

उन्होंने कहा कि वंचित, शोषित वर्ग एनडीए की प्राथमिकता है, जिसे किसी ने नहीं पूछा, उन्हें आज हम पूज रहे हैं। अभी बहुत कुछ करना बाकी है। आजादी के 75 साल बाद अमृत महोत्सव मनाया गया, उसी तरह संविधान के 75 वर्ष का पर्व भी मनाना है। देश के कोने-कोने तक बाबा साहेब का संदेश लेकर जाएंगे। आज जो संविधान की बात कर रहे हैं, उन्होंने आपातकाल में संविधान को बंधक बनाने और तोड़ने-मरोड़ने का काम किया। जो सत्ता को एक परिवार की मुट्ठी में रखना चाहते हैं, उनकी आंखों में संविधान खटकता है।

बता दें कि सीमांचल में एनडीए के प्रत्याशी संतोष कुशवाहा का मुख्य मुकाबला राजद की बीमा भारती से माना जा रहा है। हालांकि, पूर्व सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव निर्दलीय चुनावी मैदान में उतरकर इस लड़ाई को त्रिकोणात्मक बनाने में जुटे हैं। इस क्षेत्र में दूसरे चरण के तहत 26 अप्रैल को मतदान होना है।

Rajnish Pandey
A media professional with experience in print and digital journalism, handling news editing and content management with a focus on accuracy and responsible reporting.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *