नई दिल्ली, 09 दिसंबर: संसद के विंटर सेशन का मंगलवार का दिन उस समय और ज्यादा राजनीतिक रंग में रंग गया, जब चुनाव सुधारों पर चल रही बहस के दौरान कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सत्ताधारी बीजेपी पर सीधा और तीखा हमला बोला। उनके आरोपों ने न सिर्फ़ सदन में हलचल पैदा की, बल्कि पूरे राजनीतिक माहौल को नई बहस की ओर मोड़ दिया।
राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए कहा कि
“वे बराबरी में नहीं, बल्कि हायरार्की में विश्वास करते हैं।”
उनके अनुसार, चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित किया जा रहा है, वोट चोरी जैसी घटनाओं पर सवाल उठ रहे हैं और चुनाव आयोग पर दबाव डाला जा रहा है। राहुल गांधी की इस टिप्पणी ने एक बार फिर देश में चुनावी पारदर्शिता पर बहस छेड़ दी है।
सत्तापक्ष ने उनके आरोपों को राजनीति से प्रेरित और तथ्यहीन बताते हुए खारिज किया, वहीं विपक्ष ने इसे लोकतंत्र के भविष्य को लेकर गहरी चिंता के रूप में पेश किया।