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न्यूज़ रिपोर्ट: रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर चल रहे बड़े फर्जीवाड़े में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बिहार, उत्तर प्रदेश, गुजरात और तमिलनाडु में एक साथ 15 ठिकानों पर छापेमारी की है। यह कार्रवाई करोड़ों रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक संगठित नेटवर्क के खिलाफ की गई है, जिसमें बेरोजगार युवाओं को रेलवे में नौकरी का झांसा देकर उनसे मोटी रकम वसूली गई।

कैसे हुआ घोटाले का खुलासा

ईडी की जांच के मुताबिक, इस गिरोह ने रेलवे की विभिन्न भर्तियों का हवाला देकर अभ्यर्थियों से 5 से 15 लाख रुपये तक की रकम ली। आरोप है कि फर्जी नियुक्ति पत्र, जाली कॉल लेटर और नकली जॉइनिंग दस्तावेज तैयार किए गए। कई मामलों में उम्मीदवारों को कुछ समय के लिए काम पर लगवाने का नाटक भी किया गया, ताकि उन्हें भरोसे में लिया जा सके।

यह मामला पहले स्थानीय पुलिस और सीबीआई की जांच में सामने आया था, जिसके बाद मनी लॉन्ड्रिंग एंगल जुड़ने पर ईडी ने प्रवर्तन निदेशालय अधिनियम (PMLA) के तहत जांच शुरू की।

छापेमारी में क्या मिला

सूत्रों के अनुसार, छापेमारी के दौरान ईडी को बड़ी मात्रा में नकद, संदिग्ध बैंक लेनदेन से जुड़े दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस, फर्जी नियुक्ति पत्र, स्टांप और कई अहम रजिस्टर मिले हैं। जांच एजेंसी को ऐसे सबूत भी हाथ लगे हैं, जिनसे पता चलता है कि घोटाले की रकम को रियल एस्टेट, शेल कंपनियों और रिश्तेदारों के खातों के जरिए खपाया गया।

चार राज्यों तक फैला नेटवर्क

ईडी अधिकारियों का कहना है कि यह सिर्फ किसी एक राज्य तक सीमित मामला नहीं है। बिहार और यूपी में जहां अभ्यर्थियों से सीधे पैसे लिए गए, वहीं गुजरात और तमिलनाडु में रकम को निवेश और लेनदेन के जरिए ठिकाने लगाने की भूमिका सामने आई है। इससे साफ है कि यह एक अंतरराज्यीय संगठित गिरोह है।

राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल

जैसे ही छापेमारी की खबर सामने आई, राजनीतिक गलियारों में भी हलचल तेज हो गई। विपक्ष ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, जबकि एजेंसियों का कहना है कि जांच पूरी तरह सबूतों के आधार पर आगे बढ़ रही है और किसी को बख्शा नहीं जाएगा।

आगे क्या

ईडी अब जब्त दस्तावेजों और डिजिटल डेटा की फॉरेंसिक जांच करेगी। आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां संभव हैं। साथ ही, अवैध कमाई से बनाई गई संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया भी तेज की जा सकती है।

रेलवे में नौकरी के सपने दिखाकर बेरोजगार युवाओं को ठगने वाला यह घोटाला न सिर्फ आर्थिक अपराध है, बल्कि युवाओं के भविष्य के साथ किया गया गंभीर खिलवाड़ भी है। ईडी की इस कार्रवाई को ऐसे फर्जीवाड़ों पर लगाम लगाने की दिशा में बड़ी पहल माना जा रहा है।

Rajnish Pandey
A media professional with experience in print and digital journalism, handling news editing and content management with a focus on accuracy and responsible reporting.

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