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नई दिल्ली, 25 सितंबर: पश्चिमी दिल्ली के द्वारका सेक्टर-10 स्थित रामलीला ग्राउण्ड में द्वारका श्री रामलीला सोसायटी के तत्वावधान में आयोजित की जा रही 14वीं भव्य रामलीला में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। इस अवसर पर रेखा गुप्ता के साथ आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव, दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह भी पंडाल में पहुंचे।

इस दौरान रेखा गुप्ता ने कहा कि रामलीलाओं की परंपरा दिल्ली की सांस्कृतिक पहचान है। इसे भव्यता और दिव्यता के साथ निरंतर बनाए रखना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि दिल्ली को गर्व है कि यहां रामलीला जैसी समृद्ध परंपराएं समाज को सांस्कृतिक और आध्यात्मिक रूप से जोड़ती हैं। यही कारण है कि हमने रामलीला समेत अन्य धार्मिक आयोजनों की परमिशन लेने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम कर दिया है। अब रामलीला समितियों को परमिशन लेने के लिए धक्के नहीं खाने पड़ते।

उन्होंने इनके भव्य आयोजन से दिल्ली, बल्कि पूरे देश के लाखों श्रद्धालुओं को प्रभु श्रीराम के आदर्शों से जुडऩे का अवसर मिलता है। दिल्ली सरकार सभी धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों को सुचारू रूप से सम्पन्न कराने के लिए लगातार प्रतिबद्ध है। साथ ही रेखा गुप्ता ने कहा कि द्वारका की यह रामलीला दिल्ली की सबसे बड़ी और अनुकरणीय रामलीलाओं में से एक है। इसकी नींव रखने वाले राजेश गहलोत को मेरा कोटि-कोटि नमन। उनके संस्कारों और संकल्पों को आज उनके सुपुत्र आकाश राजेश गहलोत ने एक भव्य रूप प्रदान किया है।

यह आयोजन केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक जागरूकता का भी अद्वितीय उदाहरण है, जो आने वाली पीढिय़ों को सकारात्मक सोच और आदर्श जीवन की प्रेरणा देता है। बता दें कि भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा का जीवंत प्रतीक बन चुकी द्वारका श्री रामलीला इस वर्ष अपने 14वें संस्करण में पूरे भव्य रूप से आयोजित की जा रही है।

द्वारका सेक्टर-10 स्थित विशाल मैदान में हजारों श्रद्धालु प्रतिदिन भगवान श्रीराम की लीला का साक्षात्कार कर रहे हैं। आयोजन का श्रेय जाता है द्वारका श्री रामलीला सोसायटी (पंजी.) और इसके मुख्य संरक्षक एवं चेयरमैन आकाश राजेश गहलोत को, जिनके अथक प्रयासों से यह रामलीला राजधानी की सबसे बड़ी और सबसे लोकप्रिय रामलीलाओं में शुमार हो चुकी है। उधर, गुरुवार को रामलीला में चौथे दिन दशरथ कैकेयी संवाद, राम बनवास, केवट प्रसंग का सुंदर मंचन हुआ। जबकि इससे पहले बुधवार को तीसरे दिन द्वारका श्री रामलीला में सीता जन्म, ताडक़ा वध और अहिल्या उद्धार के मंचन ने भक्ति और आस्था से सरोबार किया। आकाश राजेश गहलोत ने बताया कि इस वर्ष की रामलीला में आधुनिक तकनीक और पारंपरिक भाव का अद्वितीय संगम देखने को मिला।

मंच पर 3डी प्रकाश व्यवस्था, अत्याधुनिक ध्वनि प्रणाली और आकर्षक सेट्स ने लीला को और भी जीवंत बना दिया। वहीं, दर्शकों की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए विशाल बैठने की व्यवस्था, स्वच्छता और चिकित्सा सेवाओं का विशेष ध्यान रखा गया। उन्होंने कहा कि द्वारका श्री रामलीला केवल धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह समाज को जोडऩे और संस्कृति को सशक्त बनाने का भी माध्यम है। यहां प्रस्तुत हर प्रसंग बच्चों और युवाओं को यह सिखाता है कि धर्म, सत्य और न्याय की राह पर चलना ही जीवन का सच्चा आदर्श है।

Rajnish Pandey
A media professional with experience in print and digital journalism, handling news editing and content management with a focus on accuracy and responsible reporting.

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