नई दिल्ली, 28 अगस्त : दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के दौलतराम कॉलेज की पूर्व छात्रा और अब दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता बृहस्पतिवार को ‘यू-विशेष’ बस में डीयू के अन्य छात्रों के साथ देशभक्ति के गीत गाते हुए अपने पूर्व कॉलेज पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने अपने कॉलेज के दिनों की यादें भी साझा कीं।

गुप्ता ने बृहस्पतिवार को दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों के लिए ‘यू-विशेष’ बस सेवा को पुनः शुरू किया, जो छात्र-अनुकूल यात्रा विकल्प प्रदान करने के प्रयासों का हिस्सा है।

यह सेवा 25 इलेक्ट्रिक बसों के साथ शुरू की गई, जो इतने ही मार्गों पर चलेंगी तथा डीयू के 67 कॉलेजों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों तक पहुंचेंगी।

दिल्ली विश्वविद्यालय खेल परिसर से दौलत राम कॉलेज तक ‘यू-विशेष’ बस में सवार होकर, गुप्ता ने ‘एक्स’ पर एक वीडियो साझा किया जिसमें वह छात्रों के साथ गिटार और कोंगा बजाते हुए ‘ऐ वतन वतन मेरे आबाद रहे तू’ गाती नजर आ रही हैं।

वीडियो को कैप्शन देते हुए गुप्ता ने लिखा, ‘कॉलेज, दोस्ती और गिटार… लौट आई है ‘यू-विशेष’।’

बस में दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति योगेश सिंह और परिवहन मंत्री पंकज सिंह भी मौजूद थे।

अपने कॉलेज में, गुप्ता ने प्रधानाचार्य, शिक्षकों और छात्रों के साथ एक सेल्फी ली। सेल्फी पोस्ट करते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें अपने कॉलेज के दिनों की याद आ गई। गुप्ता ने इस कॉलेज से वाणिज्य में स्नातक की उपाधि प्राप्त की है।

उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ‘आज दौलत राम कॉलेज के छात्रों और शिक्षकों के साथ एक सेल्फी…ऐसा लगा जैसे समय की किसी पुरानी किताब का एक पन्ना अचानक खुल गया हो।’

उन्होंने अपने कॉलेज को राजनीति में कदम रखने के लिए प्रेरित करने में अहम भूमिका निभाने का श्रेय दिया। छात्रा रहते हुए गुप्ता दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) की अध्यक्ष चुनी गई थीं।

मुख्यमंत्री ने लिखा ‘यहीं पर मैंने उड़ान भरना सीखा, यहीं पर मैंने संघर्ष का रास्ता चुना और यहीं पर मुझे वह आत्मविश्वास मिला जिसने मुझे डूसू अध्यक्ष बनने और स्वयं को जनसेवा के लिए समर्पित करने के लिए प्रेरित किया।’

उन्होंने पोस्ट में लिखा, ‘दौलत राम मेरे लिए सिर्फ दीवारों और कक्षाओं से कहीं बढ़कर है। यह एक ऐसा एहसास है जिसने मेरी सोच को आकार दिया, मेरे सपनों को दिशा दी और मेरे जीवन को एक उद्देश्य दिया।’

यह सेवा मूल रूप से 1971 में शुरू की गई थी लेकिन 2020 में कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान इसे बंद कर दिया गया था।

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