उदयपुर/नई दिल्ली। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर दिल्ली की मुख्यमंत्री ने राजस्थान के उदयपुर स्थित अम्बेरी में प्राचीन श्री अमरख महादेव मंदिर में देवाधिदेव महादेव की विधिवत पूजा-अर्चना की। शताब्दियों पुराना यह धाम तप, वैराग्य और शिव चेतना का सजीव केंद्र माना जाता है, जहां दूर-दूर से श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में रुद्राभिषेक और विशेष पूजन कर देश और दिल्लीवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि महाशिवरात्रि केवल एक पर्व नहीं, बल्कि आत्मा के भीतर शिवत्व के जागरण का अवसर है। शिव ही शून्य हैं, शिव ही अनंत हैं, और वही सृजन, संतुलन तथा परिवर्तन के आधार हैं।
उन्होंने प्रार्थना की कि भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद दिल्ली और समस्त देशवासियों पर बना रहे तथा सभी को सेवा, समर्पण और लोककल्याण के मार्ग पर अडिग रहने की शक्ति प्राप्त हो।
धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत का संगम
अम्बेरी स्थित यह प्राचीन शिवधाम अपनी आध्यात्मिक ऊर्जा और ऐतिहासिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है। मान्यता है कि यहां साधकों ने वर्षों तक कठोर तपस्या कर शिव कृपा प्राप्त की। महाशिवरात्रि पर मंदिर परिसर में विशेष सजावट, भजन-कीर्तन और श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं।
इस अवसर पर कैबिनेट सहयोगी श्री आशीष सूद, श्री रविन्द्र इन्द्राज, विधायक श्री अनिल शर्मा सहित भारतीय जनता पार्टी, राजस्थान के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने सामूहिक रूप से प्रदेश और देश की उन्नति के लिए प्रार्थना की।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में सेवा और सुशासन को ही सर्वोपरि बताते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य जन-जन तक विकास पहुंचाना है। महाशिवरात्रि के इस पावन अवसर पर उन्होंने सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण और जनहितकारी नीतियों को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया।
धार्मिक आस्था और जनसेवा के इस समागम ने महाशिवरात्रि के पर्व को और भी सार्थक बना दिया, जहां आध्यात्मिकता के साथ लोककल्याण की भावना स्पष्ट रूप से झलकती रही।