पटना, 12 जुलाई : बिहार विधानसभा में विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्यों ने बुधवार को एक कुर्सी तोड़ दी और आसन के पास खड़े होकर हवा में कागज के टुकड़े उछाले, जिसके बाद सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित करनी पड़ी।

सदन की कार्यवाही सुबह 11 बजे हंगामे के साथ शुरू हुई और नेता प्रतिपक्ष विजय कुमार सिन्हा ने जोर देकर कहा कि विपक्ष को जनता से संबंधित सभी मुद्दे उठाने का अधिकार है और इसमें भ्रष्टाचार भी शामिल है।

सिन्हा का इशारा उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के खिलाफ केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की ओर से दायर आरोप-पत्र की ओर था। उपमुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग विधानसभा सत्र के पहले दिन से विपक्ष कर रही है।

अध्यक्ष अवध बिहारी चौधरी ने प्रश्नकाल शुरू करने से पहले सिन्हा को कुछ मिनट बोलने की अनुमति दी। लगभग 30 मिनट बाद, सिन्हा फिर से अपनी सीट से खड़े हुए। उन्होंने इस बार आरोप लगाया कि ‘विपक्षी सदस्यों को पूरक प्रश्न पूछने की अनुमति नहीं दी जा रही है, जबकि सत्ता पक्ष के सदस्यों को मौका मिल रहा है’।

चौधरी ने सिन्हा की आपत्ति को नजरअंदाज कर प्रश्नकाल जारी रखने का फैसला किया, जिससे नाराज विपक्षी सदस्य नेता प्रतिपक्ष के नेतृत्व में नारे लगाते हुए अध्यक्ष के आसन के पास पहुंच गये।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की बगल में बैठे तेजस्वी यादव सहित विभिन्न संबंधित मंत्रियों ने सदन में सदस्यों द्वारा पूछे गये प्रश्नों के उत्तर दिये।

भाजपा सदस्यों ने हंगामा जारी रखते हुए कागज के टुकड़े फाड़ना और हवा में फेंकना शुरू कर दिया।

हंगामा कर रहे सदस्यों ने रिपोर्टिंग स्टाफ के लिए रखी कुर्सियां भी उठा लीं और उनकी मेज को पलटने की कोशिश की। विपक्षी सदस्यों ने मंगलवार को भी इसी तरह हंगामा किया था।

इसी क्रम में विपक्षी सदस्यों ने एक कुर्सी तोड़ दी, जिससे क्षुब्ध अध्यक्ष ने टिप्पणी की, ”आपका (विपक्षी सदस्यों का) आचरण निंदनीय है। आसन को कार्रवाई करने के लिए बाध्य न करें।”

हंगामा थमता न देख अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी।

Rajnish Pandey
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