नई दिल्ली, 18 दिसंबर: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस पार्टी और गांधी परिवार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेताओं ने कई बार खुद को भारत रत्न दिया, लेक‍िन बाबा साहब अंबेडकर को भारत रत्‍न न म‍िले, इसका पूरा प्रयास क‍िया।

अमित शाह ने कहा, “जब संसद में चर्चा चल रही थी, तो यह साबित हो गया कि कांग्रेस ने किस तरह बाबा साहब अंबेडकर का विरोध किया। किस तरह कांग्रेस ने बाबा साहब की मृत्यु के बाद भी उनका मजाक उड़ाने की कोशिश की। जहां तक भारत रत्न देने की बात है, कांग्रेस के नेताओं ने कई बार खुद को भारत रत्न दिया है। नेहरू ने 1955 में खुद को भारत रत्न दिया, इंदिरा गांधी ने 1971 में खुद को भारत रत्न दिया और बाबा साहब को 1990 में तब भारत रत्न मिला, जब कांग्रेस पार्टी सत्ता में नहीं थी और भारतीय जनता पार्टी द्वारा समर्थित सरकार थी। 1990 तक कांग्रेस बाबा साहब को भारत रत्न न मिले, इसके लिए प्रयास करती रही। यहां तक कि बाबा साहब की 100वीं जयंती को मनाने की मनाही कर दी गई। अंबेडकर के प्रति नेहरू की नफरत जगजाहिर है।”

उन्होंने कहा, “कांग्रेस ने फिर एक बार अपनी पुरानी पद्धति को अपनाकर, बातों को तोड़-मरोड़कर और सत्य को असत्य के कपड़े पहनाकर समाज में भ्रांति फैलाने का एक कुत्सित प्रयास किया है। संसद में चर्चा के दौरान ये सिद्ध हो गया कि बाबा साहब अंबेडकर का कांग्रेस ने किस तरह विरोध किया था। बाबा साहब के न रहने के बाद भी किस प्रकार से कांग्रेस ने उन्हें हाशिये पर धकेलने का प्रयास किया।” केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, “कांग्रेस पार्टी के कार्यकाल में बाबा साहब अंबेडकर का कोई स्मारक नहीं बना। जब दूसरी पार्टियां सत्ता में आईं, तो उन्होंने स्मारक बनवा दिया। पीएम मोदी के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार ने बाबा साहब अंबेडकर की याद में पंचतीर्थ विकसित किया।”

अमित शाह ने एआई का जिक्र करते हुए कहा, “मेरे बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया। पहले उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी के एडिट बयानों को सार्वजनिक किया। जब चुनाव चल रहे थे, तो मेरे बयान को एआई का इस्तेमाल करके एडिट किया गया और आज वे मेरे बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रहे हैं। मैं मीडिया से भी अनुरोध करना चाहता हूं कि वे मेरा पूरा बयान जनता के सामने रखें। मैं एक ऐसी पार्टी से हूं, जो कभी भी अंबेडकर जी का अपमान नहीं कर सकती। पहले जनसंघ और फिर भारतीय जनता पार्टी ने हमेशा अंबेडकर के सिद्धांतों पर चलने की कोशिश की है।”

उन्होंने आगे कहा, “जब भी भारतीय जनता पार्टी सत्ता में रही है, हमने अंबेडकर के सिद्धांतों का प्रचार-प्रसार किया है। भाजपा ने आरक्षण को मजबूत करने का काम किया है। मैं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से भी यह कहना चाहता हूं कि आपको कांग्रेस के इस नापाक प्रयास का समर्थन नहीं करना चाहिए था। मुझे बहुत दुख है कि आप भी राहुल गांधी के दबाव में इसमें शामिल हो गए हैं।” केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “भाजपा सभी कानूनी विकल्पों पर विचार करेगी। संसद के अंदर और बाहर जो भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है, सभी संभावनाओं पर विचार किया जाएगा।”

Rajnish Pandey
A media professional with experience in print and digital journalism, handling news editing and content management with a focus on accuracy and responsible reporting.

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