नई दिल्ली, 06 मई: केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंगलवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साहसिक दृष्टिकोण और अटूट संकल्प ने आकांक्षाओं को इंफ्रास्ट्रक्चर और नीतियों को प्रगति में बदलते हुए भारत को डिजिटल फॉलोअर से ग्लोबल डिजिटल लीडर में बदल दिया है।

राष्ट्रीय राजधानी में ‘भारत टेलीकॉम 2025’ का उद्घाटन करने के बाद केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि ‘भारत टेलीकॉम’ केवल एक सम्मेलन नहीं है। यह इनोवेशन, सहयोग और समावेशी विकास के माध्यम से वैश्विक कनेक्टिविटी के भविष्य को आकार देने की भारत की आकांक्षा को दिखाता है। ‘भारत टेलीकॉम 2025’ में 35 से अधिक देशों के 130 से अधिक विदेशी प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

भारत की निर्यात क्षमता पर प्रकाश डालते हुए केंद्रीय मंत्री ने उपस्थित लोगों से कहा, “जब विचार, इनोवेशन और इरादे एक साथ आते हैं, तो वे कर्कश ध्वनि नहीं एक संगीत रचना बनाते हैं और ‘भारत टेलीकॉम’ वैश्विक सहयोग और अवसर की सिम्फनी है।”

केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा, “हम सिर्फ गांवों को नहीं जोड़ रहे हैं, हम भविष्य को जोड़ रहे हैं। हम जो भी टावर लगाते हैं, जो भी बाइट हम ट्रांसमिट करते हैं, वह 1.4 बिलियन लोगों को अवसर के करीब लाता है।” उन्होंने जोर देकर कहा, “सिर्फ 22 महीनों में, हमने अपने 99 प्रतिशत गांवों को 5जी से जोड़ दिया और 82 प्रतिशत आबादी को नेटवर्क से जोड़ दिया है, 4,70,000 टावर लगाए हैं। यह विकास नहीं है। यह एक दूरसंचार क्रांति है।”

केंद्रीय मंत्री ने आगे बताया कि हमने पूरे भारत में जो डिजिटल हाईवे बनाया है, वह सिर्फ संचार के बारे में नहीं है। यह इंफ्रास्ट्रक्चर का इंफ्रास्ट्रक्चर है, जो 1.4 बिलियन नागरिकों को स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, शासन और आर्थिक अवसर तक पहुंच प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि भारत ने न केवल 4जी और 5जी जैसे क्षेत्रों में दुनिया के साथ कदम से कदम मिलाया है, बल्कि अब वह इस क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहा है, जिसमें व्यापक सुधार और टेक्नोलॉजिकल इनोवेशन देश की प्रगति को आकार दे रहे हैं।

केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने भारत के दूरसंचार क्षेत्र की भूमिका को एक परिवर्तनकारी शक्ति के रूप में रेखांकित किया और 1990 के दशक में महंगे, सीमित मोबाइल एक्सेस से लेकर अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा दूरसंचार बाजार और सबसे सस्ता डेटा प्रदाता बनने तक के देश के विकास का वर्णन किया।

इस कार्यक्रम में संचार राज्य मंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी ने कहा कि किसी देश की यात्रा में ऐसे क्षण आते हैं, जब वह न केवल वैश्विक बातचीत में भाग लेता है, बल्कि उनका मार्ग भी निर्धारित करता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत वैश्विक दूरसंचार क्षेत्र में महत्वपूर्ण परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है, जो उपभोक्ता से टेक्नोलॉजी के निर्माता के रूप में विकसित हो रहा है।

टीईपीसी के अध्यक्ष अर्णब रॉय ने कहा कि ‘भारत टेलीकॉम’ स्वदेशी टेलीकॉम इकोसिस्टम की परिवर्तनकारी शक्ति को प्रदर्शित करता है, जो वैश्विक दूरसंचार उद्योग में इसके विकास और इनोवेशन को उजागर करता है।

Rajnish Pandey
A media professional with experience in print and digital journalism, handling news editing and content management with a focus on accuracy and responsible reporting.

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