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नई दिल्ली, 16 जून: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 20 से 25 जून तक अमेरिका और मिस्र की राजकीय यात्राओं पर जाएंगे। विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

मोदी की अमेरिका की यात्रा न्यूयॉर्क से शुरू होगी, जहां वह 21 जून को न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समारोह की अगुवाई करेंगे।

संयुक्त राष्ट्र महासभा ने दिसंबर 2014 में 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित करते हुए एक प्रस्ताव पारित किया था।

विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ”इसके बाद प्रधानमंत्री वाशिंगटन डी.सी. जाएंगे, जहां 22 जून को व्हाइट हाउस में उनका पारंपरिक स्वागत किया जाएगा और वह अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन के साथ अपनी उच्च स्तरीय वार्ता के क्रम को आगे बढ़ाते हुए उनसे मुलाकात करेंगे। राष्ट्रपति जो बाइडन और प्रथम महिला जिल बाइडन इसी शाम प्रधानमंत्री मोदी के सम्मान में राजकीय रात्रिभोज की मेजबानी करेंगे।”

मंत्रालय ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी प्रतिनिधि सभा के स्पीकर केविन मैकार्थी और सीनेट के स्पीकर चार्ल्स शूमर समेत कई सांसदों के निमंत्रण पर 22 जून को अमेरिकी कांग्रेस की संयुक्त बैठक को संबोधित करेंगे।

उसने बताया कि इसके एक दिन बाद यानी 23 जून को अमेरिका की उपराष्ट्रपति कमला हैरिस और विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन, मोदी के सम्मान में दोपहर भोज की मेजबानी करेंगे।

मंत्रालय ने कहा, ”आधिकारिक कार्यक्रमों में भाग लेने के अलावा प्रधानमंत्री कई प्रमुख कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ), पेशेवरों और अन्य हितधारकों के साथ भी बातचीत करेंगे। वह भारतीय-अमेरिकी समुदाय के लोगों से भी मुलाकात करेंगे।”

अपनी दो देशों की यात्रा के दूसरे चरण के तहत प्रधानमंत्री मोदी 24 से 25 जून तक मिस्र की राजकीय यात्रा पर काहिरा जाएंगे।

मोदी मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी के निमंत्रण पर यह यात्रा कर रहे हैं। अल-सीसी ने भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की थी और उसी समय उन्होंने प्रधानमंत्री को मिस्र यात्रा के लिए आमंत्रित किया था।

यह प्रधानमंत्री के तौर पर मोदी की मिस्र की पहली यात्रा होगी।

विदेश मंत्रालय ने कहा, ”प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति सीसी के साथ बातचीत के अलावा सरकार के वरिष्ठ गणमान्य व्यक्तियों, मिस्र की कुछ प्रमुख हस्तियों और मिस्र में भारतीय समुदाय के साथ भी संभवत: बातचीत करेंगे।”

इसमें कहा गया है, ”भारत और मिस्र के संबंध प्राचीन व्यापारिक और आर्थिक संबंधों के साथ-साथ सांस्कृतिक और लोगों के बीच गहरे आपसी संबंधों पर आधारित हैं।”

मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी ने जनवरी में भारत की यात्रा की थी और इस दौरान दोनों देशों के आपसी संबंधों को सामरिक साझेदारी के स्तर तक पहुंचाने पर सहमति बनी थी।

Rajnish Pandey
A media professional with experience in print and digital journalism, handling news editing and content management with a focus on accuracy and responsible reporting.

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