नोएडा। उत्तर प्रदेश के नोएडा सेक्टर-150 से सामने आई यह घटना केवल एक हादसा नहीं, बल्कि शहरी व्यवस्था की गंभीर नाकामी की दर्दनाक मिसाल बन गई है। जल निकासी के पुख्ता इंतजाम न होने के कारण पानी से भरे बेसमेंट में डूबकर सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज की मौत हो गई। इस घटना के बाद इलाके में लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है और प्रशासन, बिल्डर व सोसाइटी प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
क्या है पूरा मामला?
बताया जा रहा है कि हालिया बारिश के बाद सेक्टर-150 स्थित एक रिहायशी/कमर्शियल परिसर के बेसमेंट में भारी मात्रा में पानी भर गया था। इसी दौरान सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज किसी काम से बेसमेंट में गया, जहां अचानक पानी के तेज बहाव और जलभराव के कारण वह बाहर नहीं निकल सका। समय रहते रेस्क्यू न होने से युवराज की डूबकर मौत हो गई।
सामने आया हैरान करने वाला सच
जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे और भी चौंकाने वाले हैं
* बेसमेंट में ड्रेनेज सिस्टम काम नहीं कर रहा था या पूरी तरह बंद था।
* पानी निकासी के लिए लगाए गए पंप खराब पड़े थे।
* बेसमेंट में जलभराव के बावजूद कोई चेतावनी बोर्ड या बैरिकेडिंग नहीं थी।
* सोसाइटी प्रबंधन को पहले भी जलभराव की शिकायतें मिल चुकी थीं, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
इस हादसे ने कई स्तरों पर जिम्मेदारी तय करने की मांग तेज कर दी है—
* बिल्डर: निर्माण के समय मानकों की अनदेखी और अपर्याप्त ड्रेनेज।
* सोसाइटी मैनेजमेंट: रखरखाव में लापरवाही, पंपों की खराब हालत।
* प्रशासन/प्राधिकरण: समय-समय पर निरीक्षण न होना और मानसून से पहले तैयारियों की कमी।
लोगों का फूटा गुस्सा
घटना के बाद स्थानीय निवासियों और परिजनों ने विरोध प्रदर्शन किया। लोगों का कहना है कि नोएडा जैसे आधुनिक शहर में इस तरह की मौतें ‘प्राकृतिक’ नहीं, बल्कि ‘प्रशासनिक’ हादसे हैं। सोशल मीडिया पर भी युवराज को न्याय दिलाने की मांग तेज हो गई है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश देने और दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। साथ ही, सेक्टर-150 सहित अन्य इलाकों में बेसमेंट और जल निकासी व्यवस्था की तत्काल जांच की बात कही गई है। हालांकि, लोगों का कहना है कि आश्वासन नहीं, जवाबदेही और सख्त कार्रवाई चाहिए।