बेगूसराय, 06 अगस्त : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से अमृत भारत योजना के तहत चयनित बेगूसराय जिले के सलौना एवं लखमिनिया रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास परियोजना का शिलान्यास किया। गिरिराज सिंह अस्वस्थता से कारण दोनों जगह ऑनलाइन जुड़े। जबकि, राज्यसभा सदस्य प्रो. राकेश सिन्हा उपस्थित थे।

इस परियोजना के तहत 22.3 करोड़ से सलौना एवं 27 करोड़ से लखमिनिया स्टेशन पर स्टेशन भवन, प्रवेश एवं निकास द्वार, फुटओवर ब्रिज, कॉनकोर्स, प्लेटफॉर्म, सर्कुलेटिंग एरिया, पार्किंग, दिव्यांग सुविधाओं, प्रकाश व्यवस्था, बैठने की व्यवस्था, पेयजल व्यवस्था, स्वच्छता व्यवस्था, पहुंच पथ, संकेत एवं निर्देश बोर्ड, ट्रेन डिस्प्ले और उद्घोषणा प्रणाली, सौंदर्यीकरण तथा स्थानीय कला और संस्कृति को बढ़ावा देने वाले कार्य किए जाएंगे।

कार्यक्रम को ऑनलाइन संबोधित करते हुए गिरिराज सिंह ने भारतीय रेल के विकास में आमूलचूल परिवर्तन करते हुए अमृत भारत स्टेशन के निर्माण के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को बेगूसराय एवं बिहार की जनता की ओर से आभार जताया। उन्होंने कहा कि आज भारतीय रेल के लिए ऐतिहासिक दिन है, यह कार्य ऐतिहासिक है। क्योंकि इतने बड़े पैमाने पर भारतीय रेल के विकास के लिए पहले किसी ने ऐसे सार्थक प्रयास नहीं किए थे।

गिरिराज सिंह ने कहा कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देश भर में 1275 स्टेशन चिन्हित किए गए स्टेशन आज तक विकास से कोसों दूर थे। हालांकि 1275 से अधिक पर विकास के कार्य में हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि आजादी के 75 साल बाद तक उपेक्षित इन स्टेशनों का भाग्योदय हो रहा है। पहले तो हमारे बिहार में विकास के लिए पैसा ही नहीं मिलता था। मोदी सरकार ने 76 हजार करोड़ से अधिक दिए।

उन्होंने कहा कि देश में पहली बार ऐसा हो रहा है की बंजर भूमि की तरह दिखने वाले स्टेशनों पर विश्व स्तरीय सुविधा उपलब्ध करवाने की योजना शुरू की गई है। पहले की सरकार बिहार को एक हजार करोड़ से अधिक नहीं देती थी। मोदी सरकार ने इस वर्ष भी चार हजार करोड़ दिया। भारत आगे बढ़ रहा है, कार्बन मुक्त कार्बन मुक्त रेल चल रहा है, इंजन शून्य कार्बन हो गया। अमान परिवर्तन और नई रेल लाइन बिछाने आदि का कार्य तेजी से चल रहे हैं।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बिहार को ना केवल कोशी मेगा ब्रिज दिया, बल्कि गंगा नदी पर कई बड़े-बड़े पुल दिए। बिहार की सरकार को, नीतीश कुमार और लालू प्रसाद यादव को भले ही कुछ नहीं दिखाई दे। लेकिन जैसा विकास अभी हुआ, वैसा विकास कभी किसी ने नहीं देखा था। पहले रेल मंत्री सदन में अटैची लेकर आते थे और बजट होता था 63 हजार करोड़ का, आज ढाई लाख करोड़ का बजट है। प्रधानमंत्री मोदी ने गति शक्ति दिया, वंदे भारत चल रहा है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रो. राकेश सिन्हा ने कहा कि बखरी-सलौना के बुरे दिन समाप्त हो गए, अच्छे दिन शुरू हो गए हैं। पहले स्टेशनों पर गाय-भैंस बांधे जाते थे, आज वहां विकास की प्रक्रिया शुरू हो गई है। लंबे समय बाद आने वाले लोग अपने स्टेशन को नहीं पहचान पाएंगे। विकास की ना कोई जाति होती है, ना विचारधारा और संप्रदाय। विकास की एक ही जाति है संविधान के तहत सभी देशवासियों को एक समान सुविधा उपलब्ध होना।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रेल को पुनर्जन्म दिया, उद्धार किया। सलौना और बछवाड़ा में सभी महत्वपूर्ण ट्रेनें रुकेगी। बेगूसराय विशाखापट्टनम बनने की राह पर अग्रसर है तो यहां से कोलकाता के लिए ट्रेन चलेगी। नरेन्द्र मोदी बोलते नहीं, करते हैं। लेकिन नेहरू युग के कुछ लोग आज भी सिर्फ बोलते हैं। जनप्रतिनिधि का काम जनता की समस्या, उनके दर्द को समझ कर उसका निपटारा करना होता है। मोदी युग में यह विश्वास पुनः वापस आ रहा है।

Rajnish Pandey
A media professional with experience in print and digital journalism, handling news editing and content management with a focus on accuracy and responsible reporting.

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