नई दिल्ली/चंडीगढ़। इंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में विवाद कोई नई बात नहीं है। अक्सर कलाकार अपने गानों, बयानों या फिल्मों को लेकर चर्चा में रहते हैं। इसी कड़ी में अब मशहूर पंजाबी सिंगर और रैपर बादशाह अपने नए गाने को लेकर विवादों में घिर गए हैं। हाल ही में रिलीज हुआ उनका गाना ‘टटिहरी’ (Tatihari) हरियाणा में विवाद का कारण बन गया है। गाने की कुछ लाइनों और म्यूजिक वीडियो के दृश्यों पर आपत्ति जताते हुए हरियाणा राज्य महिला आयोग ने बादशाह को समन जारी किया है।
महिला आयोग ने सिंगर को 13 मार्च को आयोग के समक्ष पेश होकर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है। आयोग का कहना है कि गाने की कुछ पंक्तियां और वीडियो में दिखाए गए दृश्य महिलाओं और नाबालिग बच्चियों के प्रति आपत्तिजनक माने जा सकते हैं।
गाने की लाइनों पर उठे सवाल
जानकारी के मुताबिक, पानीपत स्थित ‘नारी तू नारायणी’ संस्था की अध्यक्ष सविता आर्य और शिव आरती फाउंडेशन के प्रमुख शिव कुमार ने इस गाने के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में कहा गया है कि गाने की एक लाइन —“आया बादशाह डोली चढ़ाने, इन सबकी घोड़ी बनाने”
महिलाओं की गरिमा के खिलाफ है और इसमें अभद्र शब्दों का इस्तेमाल किया गया है।
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि गाने में प्रयुक्त भाषा समाज में गलत संदेश देती है और महिलाओं की छवि को ठेस पहुंचाती है। इसी आधार पर महिला आयोग ने मामले का संज्ञान लेते हुए नोटिस जारी किया है।
वीडियो में दिखाए गए दृश्य भी विवादित
विवाद सिर्फ गाने की लाइनों तक सीमित नहीं है। गाने के म्यूजिक वीडियो में भी कुछ ऐसे दृश्य दिखाए गए हैं जिन पर सवाल उठाए जा रहे हैं। वीडियो में कथित तौर पर स्कूल ड्रेस पहने नाबालिग बच्चियों को हरियाणा रोडवेज की बस पर चढ़कर स्कूल बैग के साथ नाचते और बैग फेंकते हुए दिखाया गया है।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि इस तरह के दृश्य नाबालिगों के लिए गलत उदाहरण पेश करते हैं और बच्चों के प्रति संवेदनशीलता की कमी दर्शाते हैं।
बाल अधिकार आयोग में भी पहुंची शिकायत
इस मामले को लेकर रोहतक के अधिवक्ता **राज नारायण पंघाल ने भी राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग को शिकायत भेजी है। शिकायत में कहा गया है कि वीडियो में नाबालिग बच्चों का जिस तरह से इस्तेमाल किया गया है, वह उचित नहीं है और इसकी जांच होनी चाहिए।
खाप पंचायत ने भी जताया विरोध
मामले में सहारण खाप ने भी आपत्ति दर्ज कराते हुए गाने के कंटेंट को लेकर नाराजगी जाहिर की है। खाप प्रतिनिधियों का कहना है कि हरियाणवी लोक संस्कृति से जुड़े गानों में इस तरह की भाषा और दृश्य नहीं होने चाहिए।
1 मार्च को रिलीज हुआ था गाना
बादशाह का यह गाना 1 मार्च को रिलीज हुआ था। रिलीज के कुछ ही दिनों में यह सोशल मीडिया और म्यूजिक प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हो गया। अब तक इस गाने को करीब 4.2 मिलियन व्यूज मिल चुके हैं।
हालांकि, बढ़ती लोकप्रियता के साथ यह गाना विवादों में भी आ गया है। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि 13 मार्च को महिला आयोग के सामने पेश होकर बादशाह इस मामले में क्या सफाई देते हैं।