नई दिल्ली, 26 अगस्त : आम आदमी पार्टी (आप) ने सौरभ भारद्वाज के परिसर पर मंगलवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की डिग्री को लेकर उठ रहे सवालों से ‘‘ध्यान भटकाने की रणनीति’’ बताया और दावा किया कि पार्टी की दिल्ली इकाई के प्रमुख के खिलाफ मामला पूरी तरह झूठा है। आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि उनकी पार्टी मोदी सरकार द्वारा केंद्रीय जांच एजेंसियों के इस ‘‘दुरुपयोग’’ से भयभीत नहीं होगी।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि ईडी स्वास्थ्य अवसंरचना परियोजनाओं में कथित घोटाले से संबंधित धन शोधन की जांच के तहत दिल्ली के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज (45) और अन्य से जुड़े कई परिसरों पर छापेमारी कर रही है। उन्होंने बताया कि धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत राष्ट्रीय राजधानी में कम से कम 13 स्थानों पर छापेमारी की जा रही है।

केजरीवाल ने कहा कि भारद्वाज के घर ईडी की छापेमारी मोदी सरकार द्वारा जांच एजेंसियों के ‘‘दुरुपयोग’’ का एक और मामला है। पूर्व मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि जिस तरह से ‘‘आप’’ को निशाना बनाया जा रहा है, ऐसा इतिहास में किसी पार्टी के साथ नहीं किया गया।

उन्होंने कहा, ‘‘आप को इसलिए निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि मोदी सरकार की गलत नीतियों और भ्रष्ट कामों के खिलाफ सबसे मुखर आवाज ‘‘आप’’ की है। मोदी सरकार हमारी आवाज दबाना चाहती है। यह कभी नहीं होगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘आप भारतीय जनता पार्टी के इन छापों से डरने वाली नहीं। हम हमेशा की तरह देश हित में गलत नीतियों और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाते रहेंगे।’’

पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने दावा किया कि भारद्वाज के खिलाफ मामला झूठा है। आप द्वारा जारी बयान में उन्होंने कहा, ‘‘यह छापेमारी केवल ध्यान भटकाने की कोशिश है। मामला उस समय का है जब भारद्वाज किसी मंत्री पद पर भी नहीं थे। यह मामला झूठा और बेबुनियाद है।’’ भारद्वाज (45) के खिलाफ ईडी की जांच जून में दिल्ली की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) द्वारा दर्ज की गई एक प्राथमिकी से सामने आई है।

एसीबी ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आप सरकार द्वारा स्वास्थ्य अवसंरचना परियोजनाओं में भ्रष्टाचार के आरोप में भारद्वाज, उनकी पार्टी के सहयोगी और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन, निजी ठेकेदारों और अज्ञात सरकारी अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। दिल्ली विधानसभा में विपक्ष की नेता आतिशी ने कहा कि आप नेताओं के खिलाफ सभी मामले ‘‘राजनीति से प्रेरित’’ हैं।

दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘आज सौरभ जी के यहां छापेमारी क्यों हुई? क्योंकि पूरे देश में मोदी जी की डिग्री पर सवाल उठ रहे हैं — क्या मोदी जी की डिग्री फर्जी है? इस चर्चा से ध्यान हटाने के लिए ही ये छापेमारी की गई है। जिस समय का मामला बताया जा रहा है, उस समय सौरभ जी मंत्री भी नहीं थे। यानी पूरा मामला ही झूठा है।’’

उन्होंने कहा कि दिल्ली के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन को भी तीन साल जेल में रखकर आखिरकार सीबीआई/ईडी को क्लोजर रिपोर्ट देनी पड़ी। उन्होंने कहा, ‘‘इससे साफ है कि आम आदमी पार्टी के नेताओं पर लगाए गए सारे मामले सिर्फ झूठ और राजनीति से प्रेरित हैं।’’

आप के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने भी इसी तरह के बयान दिए। उन्होंने कहा, ‘‘आज छापे क्यों मारे जा रहे हैं? पूरा देश मोदी जी की डिग्री के बारे में पूछ रहा है और ध्यान भटकाने के लिए भारद्वाज को निशाना बनाया जा रहा है। आप नेताओं को झुकाने की कोशिश की गई है। यह मामला झूठा और निराधार है।’’

दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को केंद्रीय सूचना आयोग के उस आदेश को रद्द कर दिया जिसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की स्नातक की डिग्री से संबंधित विवरण सार्वजनिक करने का निर्देश दिया गया था। न्यायालय ने कहा कि सिर्फ इसलिए कि वह एक सार्वजनिक पद पर हैं, इसका मतलब यह नहीं है कि उनकी सभी ‘‘निजी जानकारी’’ सार्वजनिक कर दी जाए।

Rajnish Pandey
A media professional with experience in print and digital journalism, handling news editing and content management with a focus on accuracy and responsible reporting.

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