नई दिल्ली, 10 जून : केंद्रीय मंत्री एस जयशंकर ने मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू, बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना और श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे के साथ सोमवार को द्विपक्षीय बैठकें कीं।

मुइज्जू, हसीना और विक्रमसिंघे भारत के पड़ोस और हिंद महासागर क्षेत्र के उन सात देशों के नेताओं में शामिल हैं, जो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उनके मंत्रिपरिषद के शपथ ग्रहण समारोह में रविवार को शामिल हुए।

जयशंकर ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘नई दिल्ली में आज मालदीव के राष्ट्रपति डॉ. मोहम्मद मुइज्जु से मिलकर खुशी हुई। भारत और मालदीव के मिलकर काम करने की उम्मीद करता हूं।’’

जयशंकर मोदी की पूर्ववर्ती कैबिनेट में विदेश मंत्री थे। उन्होंने रविवार को केंद्रीय मंत्री के तौर पर फिर से शपथ ली।

मुइज्जु के पिछले साल 17 नवंबर को मालदीव का राष्ट्रपति बनने के बाद यह उनकी पहली भारत यात्रा है।

ऐसा माना जाता है कि मुइज्जु का रुख चीन समर्थक है। उनके मालदीव के राष्ट्रपति पद पर आसीन होने के बाद से भारत और मालदीव के संबंधों में भारी तनाव पैदा हो गया है।

उन्होंने शपथ लेने के कुछ ही घंटों बाद अपने देश से भारतीय सैन्यकर्मियों को वापस बुलाए जाने की मांग की थी। इस महीने की शुरुआत में भारतीय सैन्यकर्मियों की जगह आम नागरिकों को तैनात किया गया था।

जयशंकर ने हसीना से मुलाकात के बाद कहा, ‘‘बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना से आज मुलाकात कर सम्मानित महसूस कर रहा हूं। भारत-बांग्लादेश मैत्री लगातार आगे बढ़ रही है।’’

जयशंकर ने विक्रमसिंघे के साथ बैठक को लेकर कहा, ‘‘आज सुबह नई दिल्ली में मुझसे मुलाकात करने के लिए श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे का आभार। भारत और श्रीलंका के संबंधों में निरंतर प्रगति को पहचाना।’’

नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दाहाल ‘प्रचंड’, मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद कुमार जगन्नाथ, भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे और सेशेल्स के उपराष्ट्रपति अहमद अफीफ भी मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए।

Rajnish Pandey
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