छपरा, 06 मार्च: सारण जिले में पुलिस की कार्यशैली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। व्यवहार न्यायालय के आदेश और सदर एसडीएम द्वारा मजिस्ट्रेट की प्रतिनियुक्ति के बावजूद एक रेस्टोरेंट का ताला करीब दो माह से नहीं खोला गया है। इस मामले में पीड़ित व्यवसाई ने सारण के वरीय पुलिस अधीक्षक से हस्तक्षेप की मांग करते हुए न्यायालय के आदेश का पालन सुनिश्चित कराने की अपील की है।
जानकारी के अनुसार यह मामला मुफस्सिल थाना क्षेत्र का है। रेस्टोरेंट संचालक हिमालय राज ने 17 जनवरी 2026 को मुफस्सिल थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी, जिसका कांड संख्या 30/26 है। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद व्यवहार न्यायालय के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजीएम) ने मामले के जांच पदाधिकारी, मुफस्सिल थाना के पुलिस अवर निरीक्षक धर्मेंद्र पाल को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। न्यायालय के आदेश की हार्ड कॉपी 10 फरवरी को संबंधित अधिकारी को उपलब्ध भी करा दी गई थी।
इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। पीड़ित का आरोप है कि जांच पदाधिकारी की ओर से लगातार केवल आश्वासन दिया जाता रहा कि जल्द ही रेस्टोरेंट का ताला खुलवा दिया जाएगा, लेकिन लगभग दो महीने बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।
रेस्टोरेंट संचालक हिमालय राज ने बताया कि रेस्टोरेंट बंद रहने के कारण उनका व्यवसाय पूरी तरह ठप हो गया है। उन्होंने व्यवसाय के लिए इंडसइंड बैंक, भारतीय स्टेट बैंक और पेटीएम से बिजनेस लोन लिया हुआ है, जिसकी किस्तें अब जमा नहीं हो पा रही हैं। आय का कोई अन्य स्रोत नहीं होने के कारण उनके परिवार के सामने भी आर्थिक संकट गहरा गया है।
इस बीच, मामले को लेकर मुफस्सिल थाना द्वारा सदर एसडीएम को पत्र लिखकर रेस्टोरेंट खुलवाने के लिए मजिस्ट्रेट की प्रतिनियुक्ति का अनुरोध किया गया था। इस पर सदर एसडीएम ने 28 फरवरी को मजिस्ट्रेट की प्रतिनियुक्ति भी कर दी। इसके बावजूद अभी तक रेस्टोरेंट का ताला नहीं खोला गया है, जिससे मुफस्सिल थाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
पीड़ित व्यवसाई ने स्थानीय प्रशासन से मांग की है कि संबंधित थाना को अविलंब निर्देश देकर रेस्टोरेंट का ताला खुलवाया जाए, ताकि न्यायालय के आदेश का पालन हो सके और आम लोगों का कानून व्यवस्था तथा न्याय प्रणाली पर विश्वास बना रहे।