नई दिल्ली, 14 दिसंबर: राजधानी दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित कांग्रेस की एक रैली के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित तौर पर विवादित नारे लगाए जाने का मामला सामने आया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद सियासी हलकों में हलचल तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने इन नारों की कड़ी निंदा करते हुए कांग्रेस पर लोकतांत्रिक मर्यादाएं तोड़ने का आरोप लगाया है।
बीजेपी नेताओं का कहना है कि कांग्रेस की रैली में जिस तरह के नारे लगाए गए, वह न केवल प्रधानमंत्री पद की गरिमा के खिलाफ हैं, बल्कि इससे कांग्रेस की “नकारात्मक राजनीति” भी उजागर होती है। पार्टी प्रवक्ताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के पास न तो कोई ठोस मुद्दा है और न ही जनता के लिए कोई सकारात्मक एजेंडा, इसलिए वह इस तरह की भाषा का सहारा ले रही है।
बीजेपी ने यह भी कहा कि कांग्रेस का असली उद्देश्य विकास, रोजगार या महंगाई जैसे मुद्दों पर बात करना नहीं, बल्कि केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सत्ता से हटाने की राजनीति करना है। पार्टी नेताओं ने कांग्रेस नेतृत्व से इस घटना पर सार्वजनिक माफी की मांग की है।
वहीं, कांग्रेस की ओर से इस मामले में सफाई दी गई है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि पार्टी लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास रखती है और किसी भी तरह की अभद्र भाषा या नारेबाजी का समर्थन नहीं करती। उन्होंने दावा किया कि रैली में जुटी भीड़ में कुछ शरारती तत्वों द्वारा नारे लगाए गए, जिन्हें पार्टी की आधिकारिक लाइन नहीं माना जाना चाहिए।
फिलहाल, वायरल वीडियो को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। सत्तारूढ़ बीजेपी और विपक्षी कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है, जिससे आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ने की संभावना जताई जा रही है।