नई दिल्ली, 21 अगस्त : दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के सदन की बैठक गुरुवार को शुरू होते ही तीखे हंगामे का माहौल बन गया। नेता सदन प्रवेश वाही ने बैठक की शुरुआत में यूईआर-2 परियोजना के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 11,000 करोड़ रुपये आवंटित करने पर धन्यवाद प्रस्ताव रखा। इसके बाद जैसे ही चर्चा आगे बढ़ी, विपक्षी पार्षदों ने जोरदार विरोध दर्ज कराना शुरू कर दिया।
हंगामे की वजह एक दिन पहले पार्षद पंकज लूथरा द्वारा निगम के एक उपायुक्त पर लगाए गए कथित भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप रहे। आम आदमी पार्टी (आप) के पार्षद इन आरोपों पर त्वरित कार्रवाई की मांग करते हुए नारेबाजी करने लगे। उनका कहना था कि आरोपों की निष्पक्ष जांच और संबंधित अधिकारी के खिलाफ उपयुक्त दंडात्मक कदम उठाए जाएं।
लगातार विरोध और शोर-शराबे के चलते सदन की कार्यवाही प्रभावित हुई और सामान्य कार्य संचालित करना संभव नहीं रहा। परिस्थितियां तनावपूर्ण होती देख कार्यवाही को फिलहाल स्थगित कर दिया गया। उधर, सदन में पेश धन्यवाद प्रस्ताव और अन्य निर्धारित कार्यसूची भी हंगामे की भेंट चढ़ गई।
सूत्रों के अनुसार, आगे की कार्यवाही में इस मुद्दे पर चर्चा, जांच की रूपरेखा और सदन की सुव्यवस्थित संचालन व्यवस्था पर निर्णय लिए जा सकते हैं। विपक्ष की ओर से स्पष्ट संकेत दिया गया है कि जब तक उपायुक्त पर लगे आरोपों पर ठोस कदम नहीं उठाए जाते, वे अपना विरोध जारी रखेंगे। वहीं, सत्ता पक्ष का रुख है कि नियमों के अनुसार प्रक्रिया अपनाते हुए व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है।