तेहरान/मिनाब/वॉशिंगटन/यरुशलम, 28 फरवरी। मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर पहुंच गया है। इजराइल और अमेरिका की संयुक्त एयरस्ट्राइक में ईरान के दक्षिणी शहर मिनाब में स्थित एक गर्ल्स स्कूल पर हमला हुआ, जिसमें 51 छात्राओं की मौत की पुष्टि हुई है। यह घटना ईरान में इस सैन्य ऑपरेशन के दौरान हुई पहली आधिकारिक तौर पर पुष्टि की गई मौतें बताई जा रही हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, हमलों की खबर सबसे पहले राजधानी तेहरान से आई और फिर देश के अन्य हिस्सों में भी विस्फोटों की सूचना मिली। मिनाब, जहां यह त्रासदी हुई, वहां ईरान की पैरामिलिट्री फोर्स Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) का एक प्रमुख बेस स्थित है। माना जा रहा है कि हमले का निशाना सैन्य प्रतिष्ठान थे, लेकिन स्कूल के प्रभावित होने से स्थिति और गंभीर हो गई है।

तेहरान खाली करने की सलाह

बढ़ते खतरे को देखते हुए ईरान की नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने राजधानी तेहरान के नागरिकों को एहतियातन शहर छोड़ने की सलाह दी है। आधिकारिक बयान में कहा गया, “हालात की वजह से, जहां तक संभव हो शांति बनाए रखते हुए, यदि आप सक्षम हैं तो अन्य शहरों की ओर प्रस्थान करें।”

राजधानी के कई इलाकों में धुएं के गुबार देखे गए। शुरुआती हमलों में से कुछ सुप्रीम लीडर Ali Khamenei के दफ्तर के आसपास के क्षेत्रों में हुए। ईरानी मीडिया ने देशभर में धमाकों की पुष्टि की है।

ट्रंप और नेतन्याहू के बयान

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरानी जनता से “अपनी किस्मत पर नियंत्रण लेने” और 1979 से सत्ता में मौजूद इस्लामिक नेतृत्व के खिलाफ आवाज उठाने का आह्वान किया।

वहीं इजराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने कहा कि यह कार्रवाई ईरान के परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय गतिविधियों को रोकने के उद्देश्य से की गई है। हाल के हफ्तों में क्षेत्र में अमेरिकी युद्धपोतों की तैनाती और परमाणु समझौते को लेकर बढ़ती बयानबाजी के बीच यह हमला हुआ है।

जवाबी हमले और क्षेत्रीय असर

हमलों के बाद मिडिल ईस्ट के कई देशों में जवाबी कार्रवाई की खबरें सामने आई हैं। बहरीन, कुवैत और कतर में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाए जाने की सूचना है।

United Arab Emirates और Iraq ने एहतियातन अपना एयरस्पेस बंद कर दिया है। समाचार एजेंसी Agence France-Presse (AFP) के अनुसार, रियाद, दोहा और अबू धाबी में भी विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं।

बहरीन के गृह मंत्रालय ने जुफेयर इलाके से लोगों को निकालना शुरू कर दिया है, जहां अमेरिकी नौसैनिक अड्डा स्थित है। मंत्रालय ने नागरिकों से संबंधित अधिकारियों के साथ सहयोग करने की अपील की है।

 ईरान का सख्त रुख

ईरान के विदेश मंत्रालय ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर जारी बयान में कहा कि देश अपने जवाब में “हिचकेगा नहीं”। बयान में कहा गया,“अब समय आ गया है कि हम अपने देश की रक्षा करें और दुश्मन के सैन्य हमले का सामना करें।”

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात काबू में नहीं आए तो यह टकराव व्यापक क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले सकता है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और कूटनीतिक समाधान तलाशने की अपील की है।

फिलहाल, मिडिल ईस्ट में हालात अत्यंत संवेदनशील बने हुए हैं और दुनिया की निगाहें तेहरान, वॉशिंगटन और यरुशलम पर टिकी हैं।

Rajnish Pandey
A media professional with experience in print and digital journalism, handling news editing and content management with a focus on accuracy and responsible reporting.

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