नई दिल्ली, 31 मार्च : भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित इंडिया समूह की लोकतंत्र बचाओ रैली को “भ्रष्टाचार और परिवार बचाओ रैली” करार दिया है और कहा है कि ‘मोदी हटाओ’ के लक्ष्य पर काम करने वाले विपक्ष का जनता के हित और देश का विकास से कोई सरोकार नहीं है।

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं सांसद डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, “देश की राजनीति में पहली बार ऐसे राज्य में रैली हो रही है जहां का मुख्यमंत्री हिरासत में रहकर सरकार चला रहा है और इनका साथ देने वाली पार्टियां भ्रष्टाचार में आकंठ डूबी हैं।” भाजपा प्रवक्ता ने कहा, “जिस रामलीला मैदान में 12 वर्ष पहले दिखता था ‘इंडिया अगेंस्ट करप्शन’ और आज उसी रामलीला मैदान में दिख रहा है “एवरी बडी इज विद करप्शन।”

डॉ. त्रिवेदी ने इंडिया समूह की लोकतंत्र बचाओ रैली को “परिवार और भ्रष्टाचार बचाओ रैली” बताया और कहा कि कभी भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी राजनीति की शुरुआत करने वाली आम आदमी पार्टी (आप) आज खुद भ्रष्टाचार में आकंठ डूबी है और भ्रष्टाचारियों के साथ गठबंधन करके ‘मोदी हटाओ’ के लक्ष्य पर काम कर रही है, उनके लिए जनता के हित और देश का विकास से कोई सरोकार नहीं है ।

विपक्ष की रैली पर कटाक्ष करते हुए प्रवक्ता डॉ. त्रिवेदी ने कहा,“ जो लोग भ्रष्टाचार के विरुद्ध जिन पार्टियों को चोर और बेईमान कहकर सत्ता में आए थे, वह आज उन्हीं के हमसफर और हमराज हो गए हैं। यह इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि देश की राजनीति में पहली बार एक ऐसे राज्य में रैली हो रही है, जहां का मुख्यमंत्री हिरासत में रहकर सरकार चला रहा है और इनका साथ देने वाली वो पार्टियां हैं जिनका भ्रष्टाचार का रिकॉर्ड है।”

डॉ. त्रिवेदी ने इंडिया समूह के नेताओं पर चल रहे भ्रष्टाचार के मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 1997 में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता लालू प्रसाद यादव, वर्ष 2006 में झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रमुख शिबू सोरेन, वर्ष 2011 में द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) नेता ए. राजा और कनिमोझी और वर्ष 2010 में कांग्रेस नेता सुरेश कलमाड़ी जेल जा चुके हैं। समाजवादी पार्टी के नेता दिवंगत मुलायम सिंह यादव पर वर्ष 2007 में आय से अधिक संपत्ति होने का मुकदमा दर्ज हुआ था। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सोनिया गांधी जिस मामले में जमानत पर हैं वो अक्टूबर 2013 में दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश पर दर्ज हुआ था। बोफोर्स मामला वर्ष 1987 में उजागर हुआ और इस मामले में वर्ष 1990 में प्राथमिकी दर्ज हुई थी।”

उन्होंने कहा कि इनमें से एक भी मामला वर्ष 2014 के बाद का नहीं है। ये सभी राम मंदिर और हिन्दू धर्म विरोधी पार्टियां अपने पुराने भ्रष्टाचार को छुपाने के लिए रामलीला मैदान में आज एकत्र हो रही हैं। इसे एक वाक्य में कहा जाए तो ‘एक तो चोरी, ऊपर से सीनाजोरी’।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा,“ जो लोग विगत पीढ़ियों से भ्रष्टाचार के आरोप में कचहरी और जांच एजेंसियों के चक्कर काटते रहे, जेल आते-जाते रहे, वे लोग आज आकर जिस निर्लज्जता का प्रदर्शन कर रहे हैं, वो सिर्फ भारत की राजनीति में आलोचना के योग्य नहीं है, बल्कि विश्वसनीयता के संकट का प्रतीक है। दिल्ली के रामलीला मैदान में 12 साल पहले दिखता था ‘इंडिया अगेंस्ट करप्शन’ और आज उसी रामलीला मैदान में ‘एवरी बडी इज विद करप्शन’ दिख रहा है।

डॉ. त्रिवेदी ने कहा, “तब इनके गुरु अन्ना हजारे थे और आज इनके गुरु लालू प्रसाद यादव हैं। तब जिस पार्टी के लिए चोर और बेईमान जैसे शब्दों का प्रयोग किया जाता था, आज वे सब लोग साथ हैं। एक तरफ जहां भाजपा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राजनीति में विश्वसनीयता एवं प्रमाणिकता की प्रतीक है,वहीं इंडिया समूह विश्वसनीयता के संकट का प्रतीक है।”

उन्होंने कहा कि भाजपा का सिद्धांत है- “जो कहा वो किया,” विपक्ष का सिद्धांत है- “जो कहा, ठीक उसका उल्टा किया।“ उन्होंने कहा कि दो-तीन पीढ़ियों से भ्रष्टाचार करते-करते आज विपक्ष की हालत यह हो गई है – ‘लज्जत कभी थी अब तो मुसीबत सी हो गई है, मुझको गुनाह करने की आदत सी हो गई है’।

डॉ. त्रिवेदी नेकहा कि यह तथाकथित लोकतंत्र बचाओ रैली, वास्तविकता में “परिवार बचाओ और भ्रष्टाचार छुपाओ रैली” है, क्योंकि सभी भ्रष्टाचारी एक दूसरे का साथ देते हुए आज परिवारवाद के कुछ नए आयाम स्थापित करने वाले हैं। इन लोगों का लोकतंत्र और मोदी विरोध तो सिर्फ बहाना है, वास्तविकता में अपने अपने भ्रष्टाचार और गुनाहों को बचाना है।

उन्होंने कहा, “इस गठबंधन में किसी को नहीं दिखती है कोई दरार, क्योंकि हर दीवार पर चिपके हैं मोदी विरोध के इश्तेहार। इस सिरे से उस सिरे तक सब शरीक-ए-जुर्म हैं, कोई तो जमानत पर है और कोई है फरार।”

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि दिल्ली से कुछ ही दूर मेरठ की धरती पर आज प्रधानमंत्री की रैली है, जहां 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम हुआ था। प्रधानमंत्री आज उस क्रांतिकारी धरती पर उस स्वतंत्रता संग्राम को याद करके “एक भारत- श्रेष्ठ भारत” की विचारधारा का उद्घोष के साथ भाजपा का नेतृत्व करते हुए रैली करेंगे। लेकिन मेरठ के उस संग्राम को ‘सिपाही विद्रोह’ कहने वाली, ‘विदेशी विचारधारा’ के प्रभाव में रहने वाली, भ्रष्टाचार में आकंठ डूबने वाली और राजनीति में विश्वसनीयता का संकट खड़ा करने वाली पार्टियों का दिल्ली में आज एक नया स्वरूप नजर आएगा।

उन्होंने कहा कि एक तरफ वे दल हैं जिनकी प्राथमिकता सिर्फ अपना परिवार है, दूसरी तरफ श्री मोदी के नेतृत्व में भाजपा है जिसके लिए पूरा देश ही परिवार है। हिंदू धर्मशास्त्रों में कहा गया है कि व्यसन की मित्रता अत्यंत प्रबल होती है, वैसे ही “इस गठबंधन में व्यसन की मित्रता अर्थात भाईचारे का बहुत सुंदर स्वरूप देखने को मिलता है।“

डॉ. त्रिवेदी ने कहा कि देश की जनता के सामने आज सारगर्भित विचार यह है कि अब देश के पास नई और प्रयोगधर्मी राजनीति का समय नहीं है, क्योंकि भारत आज जिस मुकाम की ओर आगे बढ़ रहा है उसमें जांचे, परखे, खरे और आजमाए हुए नेतृत्व की आवश्यकता है। इसी रामलीला मैदान पर देश के भ्रष्टाचार के विरुद्ध संघर्ष की नई राजनीतिक शुरूआत का ढोंग करके देश के जनता के साथ छल किया है और “सब मिले हुए हैं जी” कहने वाले (अरविन्द केजरीवाल) स्वयं आज सभी भ्रष्टाचारियों से जाकर मिल गए हैं। इन गुनेहगारों की देश की जनता आगामी चुनाव में समुचित, उपयुक्त और प्रभावी उत्तर देगी।

उन्होंने कहा कि श्री केजरीवाल के लिए पुराने गीत की एक पंक्ति कही जा सकती है – “रहते थे कभी जिनके दिल में, ये जान से भी प्यारों की तरह, बैठे हैं उन्हीं के कूचे में, पर आज गुनहगारों की तरह।”

Rajnish Pandey
A media professional with experience in print and digital journalism, handling news editing and content management with a focus on accuracy and responsible reporting.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *