रिजर्व बैंक ने कहा—डिजाइन बदले हों तो भी सभी सिक्के पूरी तरह वैध, लेन-देन से इनकार गैरकानूनी
नई दिल्ली, 13 दिसंबर: अलग-अलग डिजाइन और आकार वाले सिक्कों को लेकर आम लोगों में फैली उलझन पर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने स्थिति साफ कर दी है। RBI ने स्पष्ट किया है कि समय-समय पर जारी किए गए अलग-अलग डिजाइन वाले सभी सिक्के वैध हैं और उन्हें लेने-देने से कोई भी व्यक्ति या संस्था इनकार नहीं कर सकती।
RBI के मुताबिक, सिक्कों के डिजाइन, आकार या धातु में बदलाव तकनीकी और प्रशासनिक कारणों से किए जाते हैं। इसका मतलब यह नहीं होता कि पुराने या अलग डिजाइन वाले सिक्के अमान्य हो गए हैं। जब तक किसी सिक्के को आधिकारिक रूप से वापस (डिमोनेटाइज) करने की घोषणा नहीं की जाती, तब तक वह कानूनी मुद्रा बना रहता है।
असली सिक्के की पहचान कैसे करें
RBI ने बताया कि असली सिक्कों पर स्पष्ट रूप से जारी वर्ष, मूल्य अंकन और भारत सरकार का चिह्न अंकित होता है। सिक्के की धातु, वजन और उभरी हुई छपाई (एंबॉसिंग) भी उसकी प्रामाणिकता दर्शाती है। किसी भी तरह के संदेह की स्थिति में नजदीकी बैंक शाखा से जानकारी ली जा सकती है।
लेन-देन से इनकार करना नियमों का उल्लंघन
RBI ने दोहराया कि दुकानदार, परिवहन सेवाएं या कोई भी संस्था वैध सिक्कों को स्वीकार करने से मना नहीं कर सकती। ऐसा करना नियमों का उल्लंघन माना जाएगा। केंद्रीय बैंक ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है।
इस स्पष्टीकरण के बाद उम्मीद है कि बाजार और रोजमर्रा के लेन-देन में सिक्कों को लेकर बनी भ्रम की स्थिति दूर होगी।