तेहरान/मशहद। ईरान ने मंगलवार को आधिकारिक रूप से घोषणा की कि देश के सुप्रीम लीडर सैयद अली खामेनेई का US-इजराइल हमले में शहीद होने के बाद मशहद में दफन किया जाएगा। ईरानी सरकारी एजेंसी के मुताबिक, राजधानी तेहरान में उनके सम्मान में एक भव्य सार्वजनिक विदाई समारोह आयोजित करने की तैयारी की जा रही है।
समारोह की जिम्मेदारी संभाल रही कमेटी ने अपने बयान में कहा है कि अंतिम संस्कार से पहले तेहरान में जनसैलाब के बीच श्रद्धांजलि सभा आयोजित की जाएगी। देशभर से लाखों समर्थकों और धार्मिक नेताओं के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।
आखिरी वसीयत के मुताबिक होगा दफन
कमेटी ने बताया कि सैयद अली खामेनेई को उनकी अंतिम इच्छा के अनुसार मशहद स्थित पवित्र इमाम रज़ा दरगाह में दफनाया जाएगा। यह दरगाह शिया इस्लाम के आठवें इमाम इमाम अली इब्न मूसा अल-रिदा की मज़ार के लिए विश्व प्रसिद्ध है।
गौरतलब है कि खामेनेई का जन्म 19 अप्रैल 1939 को मशहद में ही हुआ था। ऐसे में उनकी अंतिम इच्छा अपने जन्मस्थान और शिया समुदाय के प्रमुख धार्मिक स्थल के समीप दफन होने की थी।
धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व रखता है मशहद
मशहद ईरान का दूसरा सबसे बड़ा शहर है और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। ‘मशहद’ शब्द का अर्थ ही ‘शहीद की जगह’ होता है। यहां स्थित इमाम रज़ा की दरगाह दुनिया भर से आने वाले लाखों जायरीन के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र है।
पांचवें दिन भी जारी है तनाव
ईरान पर हुए हमले को पांच दिन बीत चुके हैं। इस बीच क्षेत्रीय तनाव कम होने के बजाय और बढ़ता नजर आ रहा है। ईरान की ओर से जवाबी कार्रवाई जारी है और हालात अब भी तनावपूर्ण बने हुए हैं। सरकार की ओर से कहा गया है कि अंतिम संस्कार समारोह की विस्तृत जानकारी जैसे ही तय होगी, आधिकारिक रूप से सार्वजनिक कर दी जाएगी।
देश में शोक की लहर है और विभिन्न शहरों में श्रद्धांजलि सभाएं आयोजित की जा रही हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की निगाहें अब तेहरान और मशहद में होने वाले आगामी कार्यक्रमों पर टिकी हुई हैं।